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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Hijacking The accused in custody

अपहरण की कोशिश का आरोपी हिरासत में

Thu, 02 Jul 2015 11:13 PM IST
शाहजहांपुर।
शाहजहांपुर। Updated Thu, 02 Jul 2015 11:13 PM IST
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एक सप्ताह पहले केंद्रीय विद्यालय की छात्रा का अपहरण करने की कोशिश करने
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वाले युवक शाहिद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने उसे चौक स्थित राजा बूट हाउस से पकड़ा। छात्रा ने आरोपी की शिनाख्त कर ली है।
शहर के मोहल्ला हयातपुरा में रहने वाले मनोज मौर्य की बेटी मिली केंद्रीय विद्यायल नंबर दो में कक्षा पांच की छात्रा है। 23 जून को बाइक सवार दो युवकों ने कचहरी ओवरब्रिज से मिली के अपहरण का प्रयास किया था। शोर मचाने पर युवक फरार हो गए थे। सोमवार को उन युवकों को ओवरब्रिज पर खड़े देखकर छात्रा घबरा गई। मामले में छात्रा के पिता ने थाने में तहरीर दी थी। रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर छात्रा के परिवार वाले मंगलवार सुबह एसपी से मिले। एसपी के आदेश में मामले अपहरण के प्रयास की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।
इसके बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी। केस के विवेचना अधिकारी आशुतोष रघुवंशी को जानकारी मिली कि जिन युवकों ने अपहरण का प्रयास किया था, उनकी चौक स्थित दुर्गा मंदिर के पास राजा बूट हाउस नाम से दुकान है। इस पर पुलिस ने वहां से एक युवक को पकड़ लिया। उसका नाम शाहिद है। इसके बाद छात्रा को थाने में बुलाकर युवक की शिनाख्त कराई गई। छात्रा ने उसे पहचान लिया है। इस संबंध में एसआई आशुतोष का कहना है एक युवक को हिरासत में ले लिया है। उससे उसके साथी के बारे में पूछताछ की जा रही है।
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आरपीएफ ने दो बच्चों को परिवार से मिलाया
शाहजहांपुर। आरपीएफ ने ट्रेन में बिछड़े दो बच्चों को उनके परिवार से मिला दिया। यह लोग सियालदाह एक्सप्रेस से बिहार जा रहे थे।
बृहस्पतिवार को दो परिवार तिलहर रेलवे स्टेशन से सियालदाह एक्सप्रेस से बैठकर बिहार के वर्धमान जिले में जा रहे थे। इसी दौरान उनके बच्चे ट्रेन में बैठ गए और ट्रेन चल देने की वजह से वे लोग नहीं बैठ पाए। इसकी सूचना तुरंत कंट्रोल को दी गई। कंट्रोल से मिली सूचना पर डाउनलाइन की सियालदाह एक्सप्रेस से दो बच्चों को उतारा गया।
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इसमें विनोद 10 वर्ष और छह वर्षीय आशा थीं। सूचना मिलने पर पहुंचे उनके घरवालों को मां-बाप की सुपुर्दगी में दे दिया गया। बरेली के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के गांव अमृता के विनोद की मां मीना देवी पत्नी रूपलाल और इसी गांव की आशा को उसके पिता राजवीर सिंह के सुपुर्दगी में दे दिया गया। इससे पहले बच्चों की मां-बाप से पहचान कराई गई।
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