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ग्रहदशा खराब बताकर डाक कर्मी को ठगा
शाहजहांपुर
Updated Fri, 02 Oct 2015 12:10 AM IST
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शहर की बहादुरगंज बाजार में बुधवार को दो ठगों ने डाक विभाग की महिला कर्मचारी से ग्रहदशा ठीक करने का झांसा देकर सोने के कुंडल और साढ़े छह हजार रुपये ठग लिए। ठगे जाने का अहसास होने पर महिला ने थाने कर तहरीर दे दी।
सदर बाजार थाना क्षेत्र की शास्त्री नगर कॉलोनी निवासी निर्मला देवी खिरनीबाग डाकघर में संविदा कर्मचारी हैं। बुधवार सुबह वह घर से पैदल ड्यूटी करने डाकघर जा रही थीं। निर्मला को उनके देवर विश्वमोहन ने अपने बच्चों की स्कूल फीस जमा करने के लिए साढ़े छह सौ रुपये दिए थे। रास्ते में बहादुरगंज से उनके पीछे दो युवक लग गए और निर्मला से कहने लगे कि तुम्हारे ग्रहदशा खराब चल रहे हैं। घर में बैठी जवान बेटी की शादी नहीं हो रही है। वह मर जाएगी। अगर अनिष्ट से बचना है तो अपने कानों के कुंडल और नगदी दे दो। हम जाप करके सारा संकट दूर कर देंगे। उनकी बातों में उलझकर निर्मला देवी को कुछ समझ नहीं आया और अपने कानों से कुंडल और पर्स में रखे साढ़े छह हजार सौ रुपये हजार रुपये निकालकर ठगों के थैले में रख दी। ठगों ने कहा कि 25 कदम तक जय माता दी कहते हुए चलना पीछे मुड़कर मत देखना। कुछ कदम चलने बाद निर्मला ने पीछे मुड़कर देखा तो दोनों ठग गायब हो गए थे। निर्मला देवी को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने घर पहुंचकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी अपने परिवार वालों को दी। उनके देवर विश्वमोहन ने बृस्पतिवार को थाना सदर बाजार में तहरीर दी है।
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सदर बाजार थाना क्षेत्र की शास्त्री नगर कॉलोनी निवासी निर्मला देवी खिरनीबाग डाकघर में संविदा कर्मचारी हैं। बुधवार सुबह वह घर से पैदल ड्यूटी करने डाकघर जा रही थीं। निर्मला को उनके देवर विश्वमोहन ने अपने बच्चों की स्कूल फीस जमा करने के लिए साढ़े छह सौ रुपये दिए थे। रास्ते में बहादुरगंज से उनके पीछे दो युवक लग गए और निर्मला से कहने लगे कि तुम्हारे ग्रहदशा खराब चल रहे हैं। घर में बैठी जवान बेटी की शादी नहीं हो रही है। वह मर जाएगी। अगर अनिष्ट से बचना है तो अपने कानों के कुंडल और नगदी दे दो। हम जाप करके सारा संकट दूर कर देंगे। उनकी बातों में उलझकर निर्मला देवी को कुछ समझ नहीं आया और अपने कानों से कुंडल और पर्स में रखे साढ़े छह हजार सौ रुपये हजार रुपये निकालकर ठगों के थैले में रख दी। ठगों ने कहा कि 25 कदम तक जय माता दी कहते हुए चलना पीछे मुड़कर मत देखना। कुछ कदम चलने बाद निर्मला ने पीछे मुड़कर देखा तो दोनों ठग गायब हो गए थे। निर्मला देवी को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने घर पहुंचकर अपने साथ हुई घटना की जानकारी अपने परिवार वालों को दी। उनके देवर विश्वमोहन ने बृस्पतिवार को थाना सदर बाजार में तहरीर दी है।
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