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हाईवे किनारे ढाबों पर तेल का अवैध कारोबार
अनुराग मिश्रा, तिलहर
Updated Fri, 26 Dec 2014 12:11 AM IST
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हाईवे किनारे गत वर्ष जून में तत्कालीन डीएम राजमणि यादव की सख्ती के बाद दम तोड़ चुके डीजल और तेल के अवैध कारोबार की जड़ें फिर हरियाने लगी हैं। बंथरा डिपो से निकलने वाले टैंकरों से होने वाली दबंगों द्वारा लूट व तेल की अवैध तिजारत सफेद पोश आकाओं के संरक्षण में फिर से शुरू हो गई है।
बता दें कि गत वर्ष तत्कालीन डीएम ने तेल माफिया द्वारा हाईवे पर टैंकरों से होने वाली तेल की लूट को रोकने के लिए टीम गठित की थी। इसके बाद बंथरा हाईवे पर स्थित दो ढाबों पर छापा मारकर टीम ने गोदाम में रखे हजारों लीटर तेल के ड्रम सीज कर दिए थे, लेकिन माफियाओं का नेटवर्क इतना तेज था कि डीएम को अगले दिन सील खुलवाने पर गोदामों से सारा तेल गायब मिला। उसके स्थान पर मात्र तीन खाली ड्रम और कबाड़ मिला था। इस पर उन्होंने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ओपी तिवारी व जिला कमांडेंट होमगार्ड सहित 15 होमगार्डस की ड्यूटी प्रतिदिन ढाबों की चेकिंग के लिए लगाई थी। इसके अलावा डीएम ने एआरटीओ, एसडीएम व थानाध्यक्षों को किसी भी कीमत पर हाईवे स्थित ढाबों पर टैंकर न खडे़ होने देने के निर्देश दिए थे। इससे हाईवे पर सक्रिय तेल माफिया में हड़कंप मच गया था और उन्होंने पैंतरा बदलते हुए अपने ठिकाने बदल कर तेल का कारोबार बंथरा से हटकर कछियानी खेड़ा, बरेली मोड़ पहुंचा दिया था। वर्तमान में खानपुर से लेकर डिग्री कॉलेज तक तथा सरऊ से लेकर कटरा तक अनेक ढाबे डीजल व तेल के अवैध कारोबार के प्रमुख अड्डे बन चुके हैं।
बंथरा का एक दबंग है मास्टर माइंड
बंथरा डिपो से टैंकरों से होने वाली डीजल की लूट का मास्टर माइंड बंथरा का एक दबंग तेल माफिया है जो प्रशासनिक अधिकारियों, सफेद पोशों से लेकर पुलिस तक बाकायदा एक निश्चित रकम पहुंचा कर इस धंधे को खाद पानी दे रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कारोबार से जुड़े एक व्यवसायी का कहना है कि बंथरा के इस तेल माफिया की जड़े इतनी गहरी हैं कि जिला प्रशासन का कोई अधिकारी जल्दी तेल के अवैध कारोबार पर मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
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बता दें कि गत वर्ष तत्कालीन डीएम ने तेल माफिया द्वारा हाईवे पर टैंकरों से होने वाली तेल की लूट को रोकने के लिए टीम गठित की थी। इसके बाद बंथरा हाईवे पर स्थित दो ढाबों पर छापा मारकर टीम ने गोदाम में रखे हजारों लीटर तेल के ड्रम सीज कर दिए थे, लेकिन माफियाओं का नेटवर्क इतना तेज था कि डीएम को अगले दिन सील खुलवाने पर गोदामों से सारा तेल गायब मिला। उसके स्थान पर मात्र तीन खाली ड्रम और कबाड़ मिला था। इस पर उन्होंने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ओपी तिवारी व जिला कमांडेंट होमगार्ड सहित 15 होमगार्डस की ड्यूटी प्रतिदिन ढाबों की चेकिंग के लिए लगाई थी। इसके अलावा डीएम ने एआरटीओ, एसडीएम व थानाध्यक्षों को किसी भी कीमत पर हाईवे स्थित ढाबों पर टैंकर न खडे़ होने देने के निर्देश दिए थे। इससे हाईवे पर सक्रिय तेल माफिया में हड़कंप मच गया था और उन्होंने पैंतरा बदलते हुए अपने ठिकाने बदल कर तेल का कारोबार बंथरा से हटकर कछियानी खेड़ा, बरेली मोड़ पहुंचा दिया था। वर्तमान में खानपुर से लेकर डिग्री कॉलेज तक तथा सरऊ से लेकर कटरा तक अनेक ढाबे डीजल व तेल के अवैध कारोबार के प्रमुख अड्डे बन चुके हैं।
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बंथरा का एक दबंग है मास्टर माइंड
बंथरा डिपो से टैंकरों से होने वाली डीजल की लूट का मास्टर माइंड बंथरा का एक दबंग तेल माफिया है जो प्रशासनिक अधिकारियों, सफेद पोशों से लेकर पुलिस तक बाकायदा एक निश्चित रकम पहुंचा कर इस धंधे को खाद पानी दे रहा है। नाम न छापने की शर्त पर कारोबार से जुड़े एक व्यवसायी का कहना है कि बंथरा के इस तेल माफिया की जड़े इतनी गहरी हैं कि जिला प्रशासन का कोई अधिकारी जल्दी तेल के अवैध कारोबार पर मुंह खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाता।
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