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फसली नुकसान से परेशान होकर चल बसे दो किसान
शाहजहांपुर
Updated Thu, 30 Apr 2015 09:10 PM IST
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जिले में फसली नुकसान से परेशान दो और किसानों की मौत हो गई। बंडा ब्लॉक के पट्टी छज्जूपुर गांव में 55 वर्षीय बाबूराम इलाज के दौरान चल बसे। उधर, गढ़िया रंगीन क्षेत्र के अमरेड़ी गांव में फसली नुकसान से परेशान 45 वर्षीय ऋषिपाल ने दम तोड़ दिया। इन्हें मिलाकर जिले में अब तक 66 किसानों की अस्वाभाविक मौत हो चुकी है।
बीमार पड़ गए बाबूराम
देवकली/बंडा। गांव पट्टी छज्जूपुर निवासी बाबूराम की बुधवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के पुत्र महेंद्र ने बताया कि पिता की मौत फसल खराब होने के कारण बीमार पड़ जाने से हुई है। महेंद्र ने बताया कि उनके पिता के पास 15 बीघा जमीन थी। पिता पर ओबीसी बैंक देवकली का 48 हजार, बड़ौदा पश्चिमी ग्रामीण बैंक धर्मापुर का 80 हजार और ग्राम्य विकास बैंक बंडा का 70 हजार रुपए कर्ज था। कर्ज के कारण छह माह पूर्व उन्हें पांच बीघा जमीन बेचनी पड़ी थी। शेष दस बीघा भूमि में खड़ी गेहूं की फसल खराब हो जाने से मात्र छह क्विंटल गेहूं निकला। इससे पिता बीमार पड़ गए। मंगलवार शाम उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। इस पर उन्हें बंडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन बुधवार तड़के उनकी सांसें थम गईं।
खेत से लौटने के बाद चल बसे ऋषिपाल
गढ़िया रंगीन। क्षेत्र के गांव अमरेड़ी निवासी ऋषिपाल ने दस बीघा गेहूं की फसल कर्ज लेकर बोई थी, लेकिन बेमौसम हुई बरसात से फसल नष्ट हो गई। परिवार वालों के अनुसार वह कहते थे कि दोनो बेटियों सुनीता व धनदेवी की शादी एक ही मंडप में कर देंगें, लेकिन कुदरत को यह मंजूर नहीं था। बुधवार सुबह वह खेत पर शौच को गए और वापस घर आए। कुछ देर बाद लाठी लेकर फिर खेतों की तरफ गए। वापस आकर घर पर बेहोश होकर गिर गए। जब तक इलाज को ले जाते तब तक उनकी मौत हो गई। परिवार में पत्नी रामलली और बच्चों का रोते-रोते बुरा हाल हो गया। प्रधान पति पप्पू ने बताया कि ऋषिपाल ने पांच माह पूर्व बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा गढ़िया रंगीन से एक लाख 60 हजार का कर्ज लिया था। लड़कियों की शादी करने को थे, लेकिन गेंहू की फसल खराब होने से उन्हें गहरा धक्का लगा। मौके पर पहुंचे लेखपाल ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि फसल नुकसान का आंकलन हो चुका है। शीघ्र ही चेक वितरित करा दिए जाएंगे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बीमार पड़ गए बाबूराम
देवकली/बंडा। गांव पट्टी छज्जूपुर निवासी बाबूराम की बुधवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के पुत्र महेंद्र ने बताया कि पिता की मौत फसल खराब होने के कारण बीमार पड़ जाने से हुई है। महेंद्र ने बताया कि उनके पिता के पास 15 बीघा जमीन थी। पिता पर ओबीसी बैंक देवकली का 48 हजार, बड़ौदा पश्चिमी ग्रामीण बैंक धर्मापुर का 80 हजार और ग्राम्य विकास बैंक बंडा का 70 हजार रुपए कर्ज था। कर्ज के कारण छह माह पूर्व उन्हें पांच बीघा जमीन बेचनी पड़ी थी। शेष दस बीघा भूमि में खड़ी गेहूं की फसल खराब हो जाने से मात्र छह क्विंटल गेहूं निकला। इससे पिता बीमार पड़ गए। मंगलवार शाम उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। इस पर उन्हें बंडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन बुधवार तड़के उनकी सांसें थम गईं।
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खेत से लौटने के बाद चल बसे ऋषिपाल
गढ़िया रंगीन। क्षेत्र के गांव अमरेड़ी निवासी ऋषिपाल ने दस बीघा गेहूं की फसल कर्ज लेकर बोई थी, लेकिन बेमौसम हुई बरसात से फसल नष्ट हो गई। परिवार वालों के अनुसार वह कहते थे कि दोनो बेटियों सुनीता व धनदेवी की शादी एक ही मंडप में कर देंगें, लेकिन कुदरत को यह मंजूर नहीं था। बुधवार सुबह वह खेत पर शौच को गए और वापस घर आए। कुछ देर बाद लाठी लेकर फिर खेतों की तरफ गए। वापस आकर घर पर बेहोश होकर गिर गए। जब तक इलाज को ले जाते तब तक उनकी मौत हो गई। परिवार में पत्नी रामलली और बच्चों का रोते-रोते बुरा हाल हो गया। प्रधान पति पप्पू ने बताया कि ऋषिपाल ने पांच माह पूर्व बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा गढ़िया रंगीन से एक लाख 60 हजार का कर्ज लिया था। लड़कियों की शादी करने को थे, लेकिन गेंहू की फसल खराब होने से उन्हें गहरा धक्का लगा। मौके पर पहुंचे लेखपाल ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि फसल नुकसान का आंकलन हो चुका है। शीघ्र ही चेक वितरित करा दिए जाएंगे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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