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इलाज में लापरवाही बरतने से मौत पर डॉक्टर समेत दो पर रिपोर्ट दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो,शाहजहांपुर
Updated Mon, 28 Aug 2017 07:03 PM IST
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रविवार रात बच्ची की मौत के मामले में डॉक्टर समेत दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि रविवार रात पुवायां के एक निजी अस्पताल में सात माह की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बच्ची के पिता ने डॉक्टर और कंपाउडर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। दर्ज कराई रिपोर्ट में गांव बढ़ारू बिजला के मनोज राजपूत ने कहा कि रविवार दोपहर दो बजे उसने अपनी पुत्री को डॉक्टर एसके वर्मा के अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान लाभ नहीं होने पर उसने कंपाउडर से कहा कि दवाई और इंजेक्शन देने के बाद से बच्ची की हालत ज्यादा खराब हो गई है। डॉक्टर को बुलाकर बच्ची को दिखवा दें, लेकिन कंपाउडर ने डॉक्टर को बुलाने में आनाकानी की। विरोध करने पर उसे पीटना शुरू कर दिया।
शोर होने पर डॉक्टर मौके पर आए और बच्ची को देखकर उसे मृत घोषित कर दिया। साथ ही उसे फौरन अस्पताल से ले जाने को कहा। मनोज का आरोप है कि डॉक्टर और कंपाउडर की लापरवाही से बच्ची की मौत हुई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। उधर, डॉ एसके वर्मा ने मनोज के आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि अस्पताल लाए जाने के समय ही बच्ची की हालत खराब थी। उसे बाहर ले जाने कहा गया, लेकिन मनोज बच्ची को नहीं ले गया।
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गौरतलब है कि रविवार रात पुवायां के एक निजी अस्पताल में सात माह की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बच्ची के पिता ने डॉक्टर और कंपाउडर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। दर्ज कराई रिपोर्ट में गांव बढ़ारू बिजला के मनोज राजपूत ने कहा कि रविवार दोपहर दो बजे उसने अपनी पुत्री को डॉक्टर एसके वर्मा के अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान लाभ नहीं होने पर उसने कंपाउडर से कहा कि दवाई और इंजेक्शन देने के बाद से बच्ची की हालत ज्यादा खराब हो गई है। डॉक्टर को बुलाकर बच्ची को दिखवा दें, लेकिन कंपाउडर ने डॉक्टर को बुलाने में आनाकानी की। विरोध करने पर उसे पीटना शुरू कर दिया।
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शोर होने पर डॉक्टर मौके पर आए और बच्ची को देखकर उसे मृत घोषित कर दिया। साथ ही उसे फौरन अस्पताल से ले जाने को कहा। मनोज का आरोप है कि डॉक्टर और कंपाउडर की लापरवाही से बच्ची की मौत हुई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। उधर, डॉ एसके वर्मा ने मनोज के आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि अस्पताल लाए जाने के समय ही बच्ची की हालत खराब थी। उसे बाहर ले जाने कहा गया, लेकिन मनोज बच्ची को नहीं ले गया।
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