{"_id":"0c06d1170c4761a39a2f32eb6184f84f","slug":"bajaj-public-school-closed-for-the-second-day-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे दिन भी बंद रहा बजाज पब्लिक स्कूल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दूसरे दिन भी बंद रहा बजाज पब्लिक स्कूल
मकसूदापुर (बंडा)
Updated Fri, 10 Apr 2015 08:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हादसे के बाद बजाज पब्लिक स्कूल शुक्रवार को दूसरे दिन भी बंद रहा। स्कूल की कक्षा चार के छात्र बिलसंडा निवासी ध्रुव कुमार की बृहस्पतिवार को स्कूल बस से नीचे गिरकर मौत हो गई थी। शुक्रवार को भी प्रधानाचार्य अमिता बरार सहित पूरा स्टाफ गायब रहा।
बिलसंडा निवासी संजीव अग्रवाल का नौ वर्षीय पुत्र ध्रुव कुमार बजाज चीनी मिल परिसर में चलने वाले बजाज पब्लिक स्कूल की कक्षा चार में पढ़ता था। बिलसंडा कस्बे में बृहस्पतिवार को स्कूल बस के टूटे फर्श से नीचे गिरकर ध्रुव कुमार की मौत हो गई थी। सूचना पर लोगों ने चक्का जाम कर दिया था। इसके बाद बिलसंडा के सीओ सुबेग सिंह सिद्धू और बीसलपुर के विधायक रामसरन वर्मा ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया था। इसके बाद छात्र के शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया था। छात्र की मौत की जानकारी पाकर स्कूल स्टाफ आवासों में ताला डालकर खिसक गया था। स्कूल में चल रहे लगभग 11 वाहनों को भी मौके से हटा दिया गया था।
शुक्रवार को एआरटीओ (प्रवर्तन) एके मिश्रा, नायब तहसीलदार संजय कुमार आदि बजाज चीनी मिल पहुंचे। मिल के एचआर हेड केएम तिवारी और लीगल एडवायजर एयाज किरमानी ने उनसे बात की। मिश्रा ने कहा कि सही हालत वाले स्कूल वाहनों को फिटनेस सहित अन्य प्रपत्रों को कंपलीट करने और मानकों को पूरा करने के बाद ही चलने दिया जाएगा और मानक पूरा नहीं करने वाले वाहनों को सीज किया जाएगा। मिल अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को दूसरी बस ले जाती थी। बस के खराब होने के कारण टूटी फर्श वाली बस से बच्चों को भेजा गया था। उन्होंने हादसे पर गहरा अफसोस भी जताया।
विज्ञापन
एआरटीओ को गुमराह कर दिखा दी बढ़िया बस
मकसूदापुर। एआरटीओ आरएन मिश्रा को गुमराह करने में मिल प्रशासन ने कोई कोर कसर बाकी नहीं रही तो एआरटीओ भी मिल में जांच की खानापूरी कर वापस लौट आए। मिल प्रशासन ने एआरटीओ को वह बस दिखा दी गई जिससे मिल और पॉवर प्लांट के कर्मचारियों को लाता और ले जाया जाता है। स्कूल की एक अन्य खटारा बस संख्या यूपी 27/5999 को शीरे के टैंकरों के पीछे छिपाकर खड़ा कर दिया गया। इस बस का फर्श भी टूटा हुआ है। खास बात यह है कि इस नंबर की बस शाहजहांपुर एआरटीओ कार्यालय में स्कूल बस के रूप में रजिस्टर्ड भी नहीं है। बस पर बच्चे उतर रहे हैं और स्कूल का नाम आदि भी नहीं लिखा हुआ है। स्कूल के अन्य वाहनों को दूरदराज के गांवों में खड़ा करा दिया गया है। एआरटीओ का कहना है कि स्कूल में वाहन चलने की जानकारी उन्हें नहीं थी, जिस कारण खटारा बसों पर कार्रवाई नहीं हो सकी, लेकिन अब कोई रियायत नहीं की जाएगी।
15 दिन अभिभावक के घर खड़ी रही थी बस
मकसूदापुर। जिस बस से हादसा हुआ है वह काफी समय से जर्जर हालत में है। गांव मरौरी के दर्शन सिंह के बच्चे भी बजाज पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं और बस से स्कूल आते थे। दर्शन सिंह ने तमाम बार स्कूल प्रबंधक ने बस बदलने को कहा। सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने बस को 12 जुलाई 2014 को जबरिया अपने फार्म पर खड़ा करा लिया था। लगभग 15 दिन बाद ट्रांसपोर्टर मिल अधिकारियों के साथ उनके घर गया और खटारा बस को स्कूल से हटा देने का भरोसा देकर वापस ले आया। बाद में इसी बस को बिलसंडा से बच्चे लाने को लगा दिया गया।
सेफ्टी बैठक में स्कूल बसों की ओर नहीं गया ध्यान
मकसूदापुर। बजाज चीनी मिल और पावर प्लांट में समय-समय पर सेफ्टी बैठक होती रहती है। इसमें सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन आश्चर्य की बात है कि बैठक में भाग लेने वाले अधिकारियों का स्कूल की खटारा बसों की ओर ध्यान क्यों नहीं गया।
प्रधानाचार्य बोलीं, मैं हूं गंभीर रूप से बीमार
मकसूदापुर। बृहस्पतिवार को छात्र की मौत के बाद से गायब बजाज पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य अमिता बरार से शुक्रवार को फोन पर बमुश्किल बात हो सकी। उन्होंने बताया कि छात्र की मौत के बारे में जानकारी मिलते ही वह बेहोश हो गई थीं। उन्हें लखनऊ के अवध अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार को उन्हें होश आया। डॉक्टरों ने उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज बढ़ने की बात बताते हुए पूरा आराम करने और बात कम करने की सलाह दी है। इतना कहने के बाद उन्होंने फोन काट दिया।
बजाज स्कूल की एक बस का कुछ दिन पूर्व स्टेयरिंग फेल हो गया था, जिससे बड़ा हादसा होते-होते बचा था। कबाड़ हो चुकी बसों से बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कार्रवाई होनी चाहिए।
-अंग्रेज सिंह गांव नटिउरा बंडा
स्कूल की बसों का 750 से एक हजार रुपये प्रतिमाह किराया लिया जा रहा है। इसके बाद भी जर्जर बसों को लगा रखा है। अच्छी हालत का वाहन नहीं आता तो बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
- गुरजीत सिंह गांव नटिउरा बंडा
अब तो बजाज स्कूल की बसों से डर लगने लगा है। बस बदलने की मांग पर स्कूल प्रबंधन ध्यान नहीं देता है। वाहन नहीं बदले गए तो वह अपने दोनों बच्चों का नाम कटवाकर दूसरे स्कूल में पढ़ाऐंगे।
-अमित गुप्ता, गांव ररूआ बंडा
विज्ञापन
बिलसंडा निवासी संजीव अग्रवाल का नौ वर्षीय पुत्र ध्रुव कुमार बजाज चीनी मिल परिसर में चलने वाले बजाज पब्लिक स्कूल की कक्षा चार में पढ़ता था। बिलसंडा कस्बे में बृहस्पतिवार को स्कूल बस के टूटे फर्श से नीचे गिरकर ध्रुव कुमार की मौत हो गई थी। सूचना पर लोगों ने चक्का जाम कर दिया था। इसके बाद बिलसंडा के सीओ सुबेग सिंह सिद्धू और बीसलपुर के विधायक रामसरन वर्मा ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया था। इसके बाद छात्र के शव को पोस्टमार्टम को भेजा गया था। छात्र की मौत की जानकारी पाकर स्कूल स्टाफ आवासों में ताला डालकर खिसक गया था। स्कूल में चल रहे लगभग 11 वाहनों को भी मौके से हटा दिया गया था।
विज्ञापन
शुक्रवार को एआरटीओ (प्रवर्तन) एके मिश्रा, नायब तहसीलदार संजय कुमार आदि बजाज चीनी मिल पहुंचे। मिल के एचआर हेड केएम तिवारी और लीगल एडवायजर एयाज किरमानी ने उनसे बात की। मिश्रा ने कहा कि सही हालत वाले स्कूल वाहनों को फिटनेस सहित अन्य प्रपत्रों को कंपलीट करने और मानकों को पूरा करने के बाद ही चलने दिया जाएगा और मानक पूरा नहीं करने वाले वाहनों को सीज किया जाएगा। मिल अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को दूसरी बस ले जाती थी। बस के खराब होने के कारण टूटी फर्श वाली बस से बच्चों को भेजा गया था। उन्होंने हादसे पर गहरा अफसोस भी जताया।
विज्ञापन
एआरटीओ को गुमराह कर दिखा दी बढ़िया बस
मकसूदापुर। एआरटीओ आरएन मिश्रा को गुमराह करने में मिल प्रशासन ने कोई कोर कसर बाकी नहीं रही तो एआरटीओ भी मिल में जांच की खानापूरी कर वापस लौट आए। मिल प्रशासन ने एआरटीओ को वह बस दिखा दी गई जिससे मिल और पॉवर प्लांट के कर्मचारियों को लाता और ले जाया जाता है। स्कूल की एक अन्य खटारा बस संख्या यूपी 27/5999 को शीरे के टैंकरों के पीछे छिपाकर खड़ा कर दिया गया। इस बस का फर्श भी टूटा हुआ है। खास बात यह है कि इस नंबर की बस शाहजहांपुर एआरटीओ कार्यालय में स्कूल बस के रूप में रजिस्टर्ड भी नहीं है। बस पर बच्चे उतर रहे हैं और स्कूल का नाम आदि भी नहीं लिखा हुआ है। स्कूल के अन्य वाहनों को दूरदराज के गांवों में खड़ा करा दिया गया है। एआरटीओ का कहना है कि स्कूल में वाहन चलने की जानकारी उन्हें नहीं थी, जिस कारण खटारा बसों पर कार्रवाई नहीं हो सकी, लेकिन अब कोई रियायत नहीं की जाएगी।
15 दिन अभिभावक के घर खड़ी रही थी बस
मकसूदापुर। जिस बस से हादसा हुआ है वह काफी समय से जर्जर हालत में है। गांव मरौरी के दर्शन सिंह के बच्चे भी बजाज पब्लिक स्कूल में पढ़ते हैं और बस से स्कूल आते थे। दर्शन सिंह ने तमाम बार स्कूल प्रबंधक ने बस बदलने को कहा। सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने बस को 12 जुलाई 2014 को जबरिया अपने फार्म पर खड़ा करा लिया था। लगभग 15 दिन बाद ट्रांसपोर्टर मिल अधिकारियों के साथ उनके घर गया और खटारा बस को स्कूल से हटा देने का भरोसा देकर वापस ले आया। बाद में इसी बस को बिलसंडा से बच्चे लाने को लगा दिया गया।
सेफ्टी बैठक में स्कूल बसों की ओर नहीं गया ध्यान
मकसूदापुर। बजाज चीनी मिल और पावर प्लांट में समय-समय पर सेफ्टी बैठक होती रहती है। इसमें सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन आश्चर्य की बात है कि बैठक में भाग लेने वाले अधिकारियों का स्कूल की खटारा बसों की ओर ध्यान क्यों नहीं गया।
प्रधानाचार्य बोलीं, मैं हूं गंभीर रूप से बीमार
मकसूदापुर। बृहस्पतिवार को छात्र की मौत के बाद से गायब बजाज पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य अमिता बरार से शुक्रवार को फोन पर बमुश्किल बात हो सकी। उन्होंने बताया कि छात्र की मौत के बारे में जानकारी मिलते ही वह बेहोश हो गई थीं। उन्हें लखनऊ के अवध अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार को उन्हें होश आया। डॉक्टरों ने उन्हें हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज बढ़ने की बात बताते हुए पूरा आराम करने और बात कम करने की सलाह दी है। इतना कहने के बाद उन्होंने फोन काट दिया।
बजाज स्कूल की एक बस का कुछ दिन पूर्व स्टेयरिंग फेल हो गया था, जिससे बड़ा हादसा होते-होते बचा था। कबाड़ हो चुकी बसों से बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कार्रवाई होनी चाहिए।
-अंग्रेज सिंह गांव नटिउरा बंडा
स्कूल की बसों का 750 से एक हजार रुपये प्रतिमाह किराया लिया जा रहा है। इसके बाद भी जर्जर बसों को लगा रखा है। अच्छी हालत का वाहन नहीं आता तो बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे।
- गुरजीत सिंह गांव नटिउरा बंडा
अब तो बजाज स्कूल की बसों से डर लगने लगा है। बस बदलने की मांग पर स्कूल प्रबंधन ध्यान नहीं देता है। वाहन नहीं बदले गए तो वह अपने दोनों बच्चों का नाम कटवाकर दूसरे स्कूल में पढ़ाऐंगे।
-अमित गुप्ता, गांव ररूआ बंडा