फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Another farmer died

एक और किसान ने दम तोड़ा

Mon, 04 May 2015 12:28 AM IST
खुटार।
खुटार। Updated Mon, 04 May 2015 12:28 AM IST
विज्ञापन
Another farmer died
गांव महोलिया वीरान के 62 वर्षीय किसान बघेल सिंह की शनिवार रात अचानक हालत बिगड़ने पर मौत हो गई। परिवार वालों के अनुसार गोसदन के एक पूर्व अधिकारी ने बघेल सिंह के 50 हजार रुपये डकार लिए और इसके बाद उनकी गेहूं की फसल काटने पर भी रोक लगा दी थी। इससे पकी फसल खेत में ही गिर गई। इसी के चलते वह परेशान थे।
विज्ञापन

बघेल सिंह के पुत्र जोगेंद्र सिंह ने बताया कि उनके पिता ने गांव सिमरा वीरान स्थित राजकीय गोसदन की पांच एकड़ भूमि नीलामी में ली थी। नीलामी के समय 10 हजार रुपये जमा किए थे। बाद में गोसदन के एक अधिकारी ने 40 हजार रुपये और ले लिए, लेकिन रसीद नहीं दी। फसल तैयार हुई तब तक गोसदन का चार्ज दूसरे अधिकारी के पास पहुंच गया। नए अधिकारी ने नीलामी की राशि जमा करने को कहा तो बघेल सिंह ने रुपये पूर्व अधिकारी को देने के बारे में बताया लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। तमाम अधिकारियों को शपथ पत्र देकर रुपये लेने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कराने और रुपये वापस कराने की मांग की लेकिन अधिकारी चुप्पी साधे रहे। खेत में खड़ी गेहूं की फसल काटने पर रोक के कारण बघेल सिंह परेशान थे। उन्हें फसल भी खेत में छोड़ देनी पड़ी। गोसदन से जुड़े एक अधिकारी ने 28 अप्रैल को रुपये जमा नहीं करने पर रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी थी।
विज्ञापन

बकौल जोगेंद्र सिंह, परेशान होकर उनके पिता ने रुपये उधार लेकर 30 अप्रैल को गोसदन के खाते में 52 हजार पांच सौ रुपये की रकम जमा की। दो मई को गेहूं कटवाया तो पका गेहूं खेत में गिर चुका था। पांच एकड़ में मात्र नौ क्विंटल गेहूं निकले। पिता पर साढ़े पांच लाख रुपये का कर्ज भी था। गेहूं कटने के बाद आहत पिता ने उससे कहा कि दोनों लोग कहीं चलकर आत्महत्या कर लेते हैं। उसने पिता को काफी समझाया, लेकिन वह रोते रहे। थोड़ी देर में उनकी तबियत बिगड़ गई। सीने में दर्द की शिकायत पर उसने पिता को अस्पताल ले जाने की तैयारी की, लेकिन कुछ ही दरे में उनकी मौत हो गई। जोगेंद्र सिंह के अनुसार पिता की मौत के लिए गोसदन के अधिकारी जिम्मेदार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


गोसदन के किसी अधिकारी को 40 हजार रुपये दिए जाने और रुपये जमा नहीं होने की शिकायत मुझसे नहीं की गई है। बघेल सिंह ने नीलामी की राशि जमा की है। उनकी मौत केे बारे में कोई जानकारी नहीं है। यदि शिकायत मिली तो जांच कराई जाएगी।
-डॉ. इंद्रमनि (मुख्य पशु चिकित्साधिकारी) सचिव राजकीय गोसदन सिमरा वीरान, खुटार

घोटाला सदन बन गया है गोसदन
पुवायां। गांव सिमरा वीरान का गोसदन घोटाला सदन बन कर रह गया है। डीएम की अध्यक्षता वाले इस गोसदन में कुछ अधिकारी मालामाल हो रहे हैं तो गो माता दुर्बल होती जा रही हैं। गोसदन में कभी भी गायों की संख्या सैकड़ा पार नहीं करती है।
383 एकड़ जमीन वाले गोसदन की देखरेख का जिम पशुपालन विभाग के पास है। हर वर्ष गोसदन की डेढ़ से दो सौ एकड़ जमीन नीलाम की जाती है। नीलामी में जमीन लेने वाले ठेके पर ली गई जमीन से अधिक भूमि जोत लेते हैं और इसकी एवज में कुछ अधिकारी अपनी जेब गर्म कर चुप बैठ जाते हैं। नीलामी की शर्त का हर बार खुला उल्लघंन किया जाता है और नीलामी राशि समय से नहीं जमा कर कई माह बाद जमा की जाती है। कुछ लोग नीलामी राशि बिना जमा किए ही फसल कटवा लेते हैं और अगली नीलामी में पत्नी, पुत्र, रिश्तेदार के नाम से ठेका ले लेते हैं।

इस वर्ष भी कुछ लोगों ने नीलामी से अधिक जमीन जोत रखी थी। दो लोगों ने तो शपथपत्र देकर कहा था कि उनके पास ज्यादा जमीन है और इसकी एवज में उन्होंने गोसदन के एक अधिकारी को मोटी रकम दी है, लेकिन कोई कार्रवाई तो दूर शपथपत्रों के अस्तित्व से ही इंकार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed