{"_id":"5abfbe2d4f1c1bc6618b4c78","slug":"51522515501-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब डेयरी के लिए लोन दिलाने के नाम पर ठग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अब डेयरी के लिए लोन दिलाने के नाम पर ठग
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुवायां।
क्या आप डेयरी का रोजगार करना चाहते हैं। पुवायां तहसील क्षेत्र में ठगों का गिरोह लोगों से यह सवाल पूछता घूम रहा है। जवाब हां में होने पर गिरोह के लोग आपको अपने जाल में फंसाकर हजारों रुपये की चपत लगा सकते हैं।
गिरोह के लोग गांवों में संपर्क कर बताते हैं कि जो लोग डेयरी पालन का काम करने के इच्छुक हैं, उन्हें राजस्थान सरकार पांच लाख रुपये का लोन देगी। इसके लिए आवेदक को पशु बाड़ा बनवाना होगा। आवेदक से फाइल खर्च के नाम पर दो हजार रुपये की राशि जमा कराई जाती है। कई गांवों से अब तक सैकड़ों लोग फाइल खर्च के नाम पर राशि जमा कर चुके हैं। एक ही गांव के तमाम लाभार्थियों का चयन करने के नाम पर जमकर ठगी की जा रही है। पुवायां के रामनिवास, हरीशंकर, जयभान, खुटार के रामनहोरे, विजय कुमार, चंद्रप्रकाश जाटव, रामलाल सिंह सहित कई लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं।
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी यहां तमाम बार ठग नए तरीके आजमाकर लोगों को चूना लगा चुके हैं। कुछ वर्ष पूर्व शिक्षक बनाने के नाम पर लोगों से वसूली करने और हेपेटाइटिस के टीके लगाने के नाम पर ठगी करने वालों को खुटार पुलिस पकड़कर जेल भी भेज चुकी है। इसके बाद भी ठगी का धंधा लगातार चल रहा है। डेयरी का काम करने के नाम पर लोन दिलाने के लिए खुटार क्षेत्र के लोगों को भी ठगा जा चुका है। ठगी का शिकार लोगों का कहना है कि उन्होंने बदनामी के डर से पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या आप डेयरी का रोजगार करना चाहते हैं। पुवायां तहसील क्षेत्र में ठगों का गिरोह लोगों से यह सवाल पूछता घूम रहा है। जवाब हां में होने पर गिरोह के लोग आपको अपने जाल में फंसाकर हजारों रुपये की चपत लगा सकते हैं।
गिरोह के लोग गांवों में संपर्क कर बताते हैं कि जो लोग डेयरी पालन का काम करने के इच्छुक हैं, उन्हें राजस्थान सरकार पांच लाख रुपये का लोन देगी। इसके लिए आवेदक को पशु बाड़ा बनवाना होगा। आवेदक से फाइल खर्च के नाम पर दो हजार रुपये की राशि जमा कराई जाती है। कई गांवों से अब तक सैकड़ों लोग फाइल खर्च के नाम पर राशि जमा कर चुके हैं। एक ही गांव के तमाम लाभार्थियों का चयन करने के नाम पर जमकर ठगी की जा रही है। पुवायां के रामनिवास, हरीशंकर, जयभान, खुटार के रामनहोरे, विजय कुमार, चंद्रप्रकाश जाटव, रामलाल सिंह सहित कई लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि इससे पूर्व भी यहां तमाम बार ठग नए तरीके आजमाकर लोगों को चूना लगा चुके हैं। कुछ वर्ष पूर्व शिक्षक बनाने के नाम पर लोगों से वसूली करने और हेपेटाइटिस के टीके लगाने के नाम पर ठगी करने वालों को खुटार पुलिस पकड़कर जेल भी भेज चुकी है। इसके बाद भी ठगी का धंधा लगातार चल रहा है। डेयरी का काम करने के नाम पर लोन दिलाने के लिए खुटार क्षेत्र के लोगों को भी ठगा जा चुका है। ठगी का शिकार लोगों का कहना है कि उन्होंने बदनामी के डर से पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
विज्ञापन