{"_id":"5a229c4a4f1c1b76678befd6","slug":"171512217674-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में घूम रहा ठगों का गिरोह, पुलिस का नहीं खौफ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शहर में घूम रहा ठगों का गिरोह, पुलिस का नहीं खौफ
Updated Sat, 02 Dec 2017 05:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। सावधान! शहर में जालसाजों का गिरोह बेखौफ घूम रहा है। इस गिरोह के सदस्य कब कहां और किस मोड़ पर चेकिंग के नाम पर रुपये निकलवा लें या जेवर उतरवा ले, कुछ कहा नहीं जा सकता। पुलिस के भरोसे रहे तो जालसाजों को जिंदगी भर ढूंढते रह जाओगे। जालसाजों का गिरोह भी यह जान रहा है कि पुलिस उन पर हाथ नहीं डालेगी। शायद यही वजह है कि गिरोह के सदस्य लोगों को जालसाज का शिकार बना रहे हैं। छह माह के अंदर कई लोगों को जालसाजों का यह गिरोह अपना शिकार बना चुका है, लेकिन पुलिस अभी तक भी घटना का खुलासा नहीं कर पाई है।
पुवायां के मोहल्ला कमलबाग निवासी राममोहन गुप्ता 27 नवंबर को बरेली के एक व्यापारी को रुपये देने सुबह लगभग 11:30 बजे शहर में रेलवे स्टेशन पर आए थे। स्टेशन गेट के पास वह व्यापारी का इंतजार कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति उनके पास पहुंचा और उसने राममोहन से कहा कि वह साहब बुला रहे हैं। वह जैसे ही पुलिस की वर्दी में खड़े उन लोगों के पास पहुंचा, तभी चेकिंग के नाम पर उनकी जेब से एक लाख रुपये निकाल लिए और बाइक से भाग निकले। जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन जालसाजों का सुराग अब तक नहीं लगा है। कुछ इसी तरह की घटना शहर के मोहल्ला मोहम्मदजई निवासी 65 वर्षीय कुसुमकांती वाजपेयी के साथ हुई। 12 नवंबर को ई-रिक्शा पर बैठकर अंटा चौराहा स्थित प्राइवेट अस्पताल में नवजात नाती व बेटी वंदना को देखने जा रही थी। दो जालसाज पीछे से बाइक से आए और ई-रिक्शा रुकवाकर एक जालसाज उसने पास बैठ गया और खुद को सीबीआई का बताकर चेकिंग के नाम उनके सोने के कुंडल, सोने की चेन, अंगूठी आदि उतरवा लिया। मामले की चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन जालसाज का सुराग नहीं लगा। इन दोनों घटनाओं से लगभग दो माह पहले जालसाजों ने निशात टाकीज के पास चेकिंग के नाम पर एक लाख 56 हजार रुपये निकाल लिए और भाग गए। मामले की रिपोर्ट सदर में दर्ज की। मोहम्मदी क्षेत्र की एक महिला और जलालाबाद के एक डॉक्टर भी इस गिरोह के सदस्यों का शिकार हो चुके हैं।
ऐसे गिरोह पर नजर रखी जा रही है, जल्द से जल्द गिरोह का सुराग लगाकर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। बोले जो घटनाएं हुईं हैं उनका पर्दाफाश किया जाएगा।
केबी सिंह, एसपी
विज्ञापन
पुवायां के मोहल्ला कमलबाग निवासी राममोहन गुप्ता 27 नवंबर को बरेली के एक व्यापारी को रुपये देने सुबह लगभग 11:30 बजे शहर में रेलवे स्टेशन पर आए थे। स्टेशन गेट के पास वह व्यापारी का इंतजार कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति उनके पास पहुंचा और उसने राममोहन से कहा कि वह साहब बुला रहे हैं। वह जैसे ही पुलिस की वर्दी में खड़े उन लोगों के पास पहुंचा, तभी चेकिंग के नाम पर उनकी जेब से एक लाख रुपये निकाल लिए और बाइक से भाग निकले। जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन जालसाजों का सुराग अब तक नहीं लगा है। कुछ इसी तरह की घटना शहर के मोहल्ला मोहम्मदजई निवासी 65 वर्षीय कुसुमकांती वाजपेयी के साथ हुई। 12 नवंबर को ई-रिक्शा पर बैठकर अंटा चौराहा स्थित प्राइवेट अस्पताल में नवजात नाती व बेटी वंदना को देखने जा रही थी। दो जालसाज पीछे से बाइक से आए और ई-रिक्शा रुकवाकर एक जालसाज उसने पास बैठ गया और खुद को सीबीआई का बताकर चेकिंग के नाम उनके सोने के कुंडल, सोने की चेन, अंगूठी आदि उतरवा लिया। मामले की चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन जालसाज का सुराग नहीं लगा। इन दोनों घटनाओं से लगभग दो माह पहले जालसाजों ने निशात टाकीज के पास चेकिंग के नाम पर एक लाख 56 हजार रुपये निकाल लिए और भाग गए। मामले की रिपोर्ट सदर में दर्ज की। मोहम्मदी क्षेत्र की एक महिला और जलालाबाद के एक डॉक्टर भी इस गिरोह के सदस्यों का शिकार हो चुके हैं।
विज्ञापन
ऐसे गिरोह पर नजर रखी जा रही है, जल्द से जल्द गिरोह का सुराग लगाकर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी। बोले जो घटनाएं हुईं हैं उनका पर्दाफाश किया जाएगा।
केबी सिंह, एसपी