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तारक ब्रांड नमक निर्माता और विक्रेता पर 3.75 लाख रुपये जुर्माना

Wed, 18 Apr 2018 10:04 AM IST
Updated Wed, 18 Apr 2018 10:04 AM IST
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तारक ब्रांड नमक निर्माता और विक्रेता पर 3.75 लाख रुपये जुर्माना

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नमक निर्माता, विक्रेता पर 3.75 लाख रुपये जुर्माना
0 कलान क्षेत्र के ढाबा संचालक से गत वर्ष लिया गया था नमूना
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा गत वर्ष कलान क्षेत्र में एक ढाबा से लिया गया तारक ब्रांड रिफाइंड आयोडाइज्ड नमक का नमूना प्रयोगशाला जांच में अधोमानक पाया गया था। इस मामले में विभाग के अभिहीत अधिकारी द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे में दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद विभाग के न्याय निर्णायक अधिकारी/एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा ने निर्माता को तीन लाख रुपये और विक्रेता (ढाबा स्वामी) को 75 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
कलान क्षेत्र के गांव रफियाबाद निवासी अमित गुप्ता बदायूं रोड पर नौगवां ईंट भट्ठा के पास एक ढाबा चलाते हैैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों की टीम ने गत वर्ष 25 फरवरी को ढाबा पर छापा मारकर वहां से तारक ब्रांड रिफाइंड नमक की एक किलो पैकिंग वाले चार पैकेट से नमक का नमूना संग्रहीत किया था। राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला जांच में नमूना अधोमानक प्रमाणित होने पर अभिहीत अधिकारी डीपी सिंह ने न्याय निर्णायक अधिकारी के कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया था।
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इस मुकदमे मेें नमक निर्माता अरिहंत साल्ट प्रोडक्शन्स हेड आफिस 117, पद्मावती कालोनी लेन नंबर 6 जयपुर (राजस्थान) और विक्रेता के तौर पर ढाबा संचालक को प्रतिवादी बनाया गया। कोर्ट से सम्मन जारी होने प्रतिवादियों ने वकील के माध्यम से अपना पक्ष रखते हुए खुद को निर्दोष प्रमाणित करने का प्रयास किया, लेकिन न्याय निर्णायक अधिकारी ने प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट और सरकार की पैरवी में जुटे विभागीय अधिकारियों की दलीलों से सहमति जताते हुए निर्माता और विक्रेता को दोषी मानते हुए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। एडीएम के अनुसार प्रतिवादियों को राजकीय कोष में जुर्माने की रकम जमा करने अथवा हायर कोर्ट में अपील के कागजात उनके न्यायालय में प्रस्तुत करने को एक माह की मोहलत दी गई है। अन्यथा की स्थिति में आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें कारावास का भी प्रावधान है।
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