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जान बचाने के लिए भागे थे रियासत अली पर हमलावरों ने उन्हें नहीं छोड़ा
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शाहजहांपुर। रोजा थाना क्षेत्र सुतनेरा गांव में प्रधानी की रंजिश में आशिक अली की पीटकर हत्या को पुलिस मोड़ देने की कोशिश में है। पुलिस घटना के पीछे बच्चों का विवाद बता रही है। जबकि परिजन चुनावी रंजिश चलने की बात कह रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक हमलावरों से बचने के लिए रियासत ने मौके से भागने की कोशिश की थी, लेकिन हमलावरों ने उसे पकड़ लिया और लाठी-डंडे से पीटकर अधमरा कर दिया।
प्रधानी के चुनाव में रियासत को ग्राम प्रधान प्रत्याशी आशिक अली का समर्थन करने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। चुनाव में दूसरे पक्ष का प्रत्याशी वाहिद हार गया था। हार के बाद दूसरा पक्ष काफी आक्रोशित था। रविवार की शाम लगभग साढ़े छह बजे रियासत अपने भाई फिरासत के घर के दरवाजे के बाहर बैठे थे। तभी उनके ऊपर दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे लेकर हमला कर दिया था। बेरहमी से लाठी-डंडे से रियासत को पीटा गया था। इससे रियासत के सिर पर गंभीर चोटें आईं थी। रियासत के भाई फिरासत के मुताबिक जब हमला हुआ तो वे लोग वहां से भागे। वह तो भागने में कामयाब हो गया लेकिन भाई रियासत नहीं भाग सका। वह गिर गया तो आरोपियों ने उसे चारों तरफ से घेरकर लाठी-डंडे बरसाने शुरू कर दिया। रियासत ने अपने भाई के घर में घुसने की कोशिश की थी लेकिन हमलावरों ने उसे पहले ही पकड़ लिया था। मारपीट रियासत बर्दाश्त नहीं कर सका और उसके बेहोश हो जाने तक आरोपी उसे पीटते रहे। शोरशराबा सुनकर दूसरे पक्ष के लोग एकत्र हुए और आरोपियों को ललकारा तब वे भाग गए। रियासत अपनी पत्नी नूरबानो, बेटा इमामुद्दीन, शम्सुद्दीन, रहीसुद्दीन, आसिफ और बेटी सितारा के साथ रहते थे। उनकी मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं पुलिस इस पूरे मामले को बच्चों का विवाद बता रही है। थाने की पुलिस का कहना है कि बच्चे तालाब के पास शौच कर रहे थे। बच्चों में विवाद शुरू हुआ था। इत्तेफाक से दोनों ही बच्चे अलग-अलग पक्षों के थे। बच्चों का विवाद जब बड़ों के बीच पहुंचा तो दोनों पक्ष आमने -सामने आ गए। तब एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया था। सीओ सदर अरविंद कुमार ने बताया कि बच्चों का झगड़ा हुआ था। इसके बाद दोनों पक्ष भिड़ गए थे।
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प्रधानी के चुनाव में रियासत को ग्राम प्रधान प्रत्याशी आशिक अली का समर्थन करने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। चुनाव में दूसरे पक्ष का प्रत्याशी वाहिद हार गया था। हार के बाद दूसरा पक्ष काफी आक्रोशित था। रविवार की शाम लगभग साढ़े छह बजे रियासत अपने भाई फिरासत के घर के दरवाजे के बाहर बैठे थे। तभी उनके ऊपर दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे लेकर हमला कर दिया था। बेरहमी से लाठी-डंडे से रियासत को पीटा गया था। इससे रियासत के सिर पर गंभीर चोटें आईं थी। रियासत के भाई फिरासत के मुताबिक जब हमला हुआ तो वे लोग वहां से भागे। वह तो भागने में कामयाब हो गया लेकिन भाई रियासत नहीं भाग सका। वह गिर गया तो आरोपियों ने उसे चारों तरफ से घेरकर लाठी-डंडे बरसाने शुरू कर दिया। रियासत ने अपने भाई के घर में घुसने की कोशिश की थी लेकिन हमलावरों ने उसे पहले ही पकड़ लिया था। मारपीट रियासत बर्दाश्त नहीं कर सका और उसके बेहोश हो जाने तक आरोपी उसे पीटते रहे। शोरशराबा सुनकर दूसरे पक्ष के लोग एकत्र हुए और आरोपियों को ललकारा तब वे भाग गए। रियासत अपनी पत्नी नूरबानो, बेटा इमामुद्दीन, शम्सुद्दीन, रहीसुद्दीन, आसिफ और बेटी सितारा के साथ रहते थे। उनकी मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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वहीं पुलिस इस पूरे मामले को बच्चों का विवाद बता रही है। थाने की पुलिस का कहना है कि बच्चे तालाब के पास शौच कर रहे थे। बच्चों में विवाद शुरू हुआ था। इत्तेफाक से दोनों ही बच्चे अलग-अलग पक्षों के थे। बच्चों का विवाद जब बड़ों के बीच पहुंचा तो दोनों पक्ष आमने -सामने आ गए। तब एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया था। सीओ सदर अरविंद कुमार ने बताया कि बच्चों का झगड़ा हुआ था। इसके बाद दोनों पक्ष भिड़ गए थे।
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