{"_id":"57b9b5844f1c1bf53ed4ee42","slug":"construction-began-on-the-evening-of-the-day-stopped","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिन में रुकवाकर शाम को शुरू करा दिया निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिन में रुकवाकर शाम को शुरू करा दिया निर्माण
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
शुरू करा दिया निर्माण
- फोटो : श्ााहजहांपुर उत्तर प्रदेश्ा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधायक शकुंतला देवी ने शनिवार दोपहर खुटार-पुवायां मार्ग स्थित भैंसी नदी के पुल की मरम्मत का काम घटिया सामग्री इस्तेमाल होने की बात कहकर रुकवा दिया था। विधायक का कहना था कि पुल की मरम्मत में पुराने पटले लगाए जा रहे हैं, जो गलत है, लेकिन शाम होते होते विधायक ने पुल मरम्मत के काम को हरी झंडी दे दी। रविवार को पुल की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया।
शनिवार को विधायक पुवायां से खुटार जा रही थीं। भैंसी पुल की मरम्मत में पुल से निकाले गए लकड़ी के पटले लगाए जाते देख उन्होंने मरम्मत का काम रुकवा दिया और मीडिया को इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि पुल में पुराने पटले नहीं लगने दिए जाएंगे। रविवार को पुल की मरम्मत का काम शुरू हो गया। जानकारी करने पर मौके पर मौजूद ठेकेदार के मेट भीमसेन ने बताया कि शनिवार को पीडब्ल्यूडी एई, जेई और पुल की मरम्मत करा रहे ठेकेदार विधायक से मिले। इसके बाद विधायक ने पुल मरम्मत को हरी झंडी दे दी और मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया।
इस संबंध में विधायक शकुंतला देवी का कहना है कि पीडब्लूडी के अफसर शनिवार शाम उनसे मिले थे और स्टीमेट दिखाया था। एई ने उनसे कहा है कि पुल की मरम्मत में खराब पटले नहीं डाले जाएंगे और जरूरी होने पर नए पटलों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके बाद उन्होंने पुल मरम्मत का काम शुरू करने को कह दिया है। घटिया सामग्री लगी तो कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
बतातें चलें कि पुल में लकड़ी के लगभग 120 पटले लगते हैं। ठेकेदार के मेट का कहना है कि पुल पर डालने के लिए मलेशिया साल की लकड़ी के 42 नए पटले गुजरात से मंगाए गए हैं। ऐसे में पुल में लगभग 80 पुराने पटले ही डालने पड़ेंगे। यदि कुछ और नए पटलों की जरूरत पड़ी तो पटले कहां से लाऐ जाएंगे? यदि स्टीमेट में केवल खराब पटले बदले जाने की बात है तो विधायक ने पूरी जानकारी किए बिना कार्य क्यों रूकवा दिया? पुराने पटलों का उपयेाग किया जाएगा तो पुल मरम्मत के लिए स्वीकृत 35 लाख रुपये कहां खर्च होंगे? कुल मिलाकर पुराने पटलों के कारण पुल फिर से जल्द ही टूट जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
शनिवार को विधायक पुवायां से खुटार जा रही थीं। भैंसी पुल की मरम्मत में पुल से निकाले गए लकड़ी के पटले लगाए जाते देख उन्होंने मरम्मत का काम रुकवा दिया और मीडिया को इसकी जानकारी देते हुए कहा था कि पुल में पुराने पटले नहीं लगने दिए जाएंगे। रविवार को पुल की मरम्मत का काम शुरू हो गया। जानकारी करने पर मौके पर मौजूद ठेकेदार के मेट भीमसेन ने बताया कि शनिवार को पीडब्ल्यूडी एई, जेई और पुल की मरम्मत करा रहे ठेकेदार विधायक से मिले। इसके बाद विधायक ने पुल मरम्मत को हरी झंडी दे दी और मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया।
विज्ञापन
इस संबंध में विधायक शकुंतला देवी का कहना है कि पीडब्लूडी के अफसर शनिवार शाम उनसे मिले थे और स्टीमेट दिखाया था। एई ने उनसे कहा है कि पुल की मरम्मत में खराब पटले नहीं डाले जाएंगे और जरूरी होने पर नए पटलों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके बाद उन्होंने पुल मरम्मत का काम शुरू करने को कह दिया है। घटिया सामग्री लगी तो कार्रवाई कराई जाएगी।
विज्ञापन
बतातें चलें कि पुल में लकड़ी के लगभग 120 पटले लगते हैं। ठेकेदार के मेट का कहना है कि पुल पर डालने के लिए मलेशिया साल की लकड़ी के 42 नए पटले गुजरात से मंगाए गए हैं। ऐसे में पुल में लगभग 80 पुराने पटले ही डालने पड़ेंगे। यदि कुछ और नए पटलों की जरूरत पड़ी तो पटले कहां से लाऐ जाएंगे? यदि स्टीमेट में केवल खराब पटले बदले जाने की बात है तो विधायक ने पूरी जानकारी किए बिना कार्य क्यों रूकवा दिया? पुराने पटलों का उपयेाग किया जाएगा तो पुल मरम्मत के लिए स्वीकृत 35 लाख रुपये कहां खर्च होंगे? कुल मिलाकर पुराने पटलों के कारण पुल फिर से जल्द ही टूट जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।