पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सौवीं जयंती पर कांग्रेसजनों ने शनिवार को टाउनहाल स्थित पार्टी कार्यालय मेें गोष्ठी करके उनका भावपूर्ण नमन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनकी दूरदृष्टि और साहसिक निर्णय क्षमता का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने देश को प्रगति का रास्ता दिखाया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित ने कहा कि इंदिरा गांधी में विश्व पटल पर भारत की ताकत का लोहा मनवाने की नेतृत्व क्षमता थी। इसे उन्होंने अपने कार्यकाल में कई बार सच साबित किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पीसीसी सदस्य रामनाथ बघेला ने कहा कि आयरन लेडी के नाम से इतिहास में अमर हो चुकीं इंदिरा गांधी ने बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने के साथ रजवाड़ों का प्रिवीपर्स समाप्त करके लोकतंत्र को सकारात्मक दिशा दी। जिलाध्यक्ष कौशल मिश्रा ने कहा कि यह इंदिरा गांधी की साहसिक नेतृत्व क्षमता का परिणाम था कि दुनिया के नक्शे पर बंगला देश का उदय हुआ और विभाजित पाकिस्तान के सैनिकों को हथियार डालकर आत्म समर्पण करना पड़ा। गोष्ठी में विनीत मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, अनूप वर्मा, एजाज हसन खां, अश्विनी द्विवेदी, कृपाराम मिश्रा, रजनीश गुप्ता, विश्वदीप अवस्थी, विपिन त्रिपाठी, ममता सिंह, फुरकान अहमद कुरैशी, अतित गुप्ता बागी, फतेह बहादुर सिंह, रामचंद्र मिश्रा, राजीव गुप्ता, शहजाद खां, अदीब अहमद सिद्दीकी आदि शामिल रहे।