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Shahjahanpur News: टिनशेड के नीचे चल रहीं कक्षाएं, स्कूलों की छतों से टपकता है पानी

Fri, 01 Aug 2025 01:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 01 Aug 2025 01:04 AM IST
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Classes are being held under tin sheds, water drips from the roofs of schools
कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद
शाहजहांपुर। कागजों पर मजबूती से बनाए गए स्कूलों की दरों-दीवार और छत तक जर्जर हैं। किराये के भवन में टिनशेड के नीचे कक्षाएं संचालित हो रहीं हैं तो ऊपर से बेहतर दिखने वाला भवन में जरा-सी बारिश होने पर छतों से पानी टपकने लगता है। स्कूलों के रसोइघराें की छतों का प्लास्टर टूटने के साथ ही नीचे की ओर खिसक गया है। सरकारी फाइलों में स्कूल भूकंपरोधी हैं। वहीं, कक्षा में बैठे बच्चे बारिश में ही दहशत में आ जाते हैं।
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राजस्थान के झालावाड़ में सरकारी स्कूल का भवन गिरने से सात बच्चों की मौत के बाद बीएसए ने जर्जर भवनों में बच्चों को नहीं बैठाने का आदेश जारी किया था, लेकिन अफसरों ने जमीनी हकीकत नहीं देखी। बृहस्पतिवार को पड़ताल के दौरान स्थिति साफ गई।
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प्राथमिक विद्यालय अलीजई पहुंचे तो किराये के भवन में टिनशेड के नीचे कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं संचालित हो रहीं थीं। यहां पर तेज बारिश आने पर बच्चों को खुद को बचाना तक मुश्किल था। परिसर में निष्प्रयोज्य जमीन पड़ी थी। जिस पर झाड़ियां उग आईं थीं। दूसरे टिनशेड में बच्चों के लिए खाना बनाया जा रहा था। यहीं पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुबोध वर्मा का कक्ष था। बदहाल स्थिति होने के बावजूद विद्यालय में 61 नामांकन मिले।
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प्राथमिक विद्यालय रोटी गोदाम के तीन कमरों में एक को निष्प्रयोज्य घोषित किया गया। निष्प्रयोज्य कक्ष की दीवार पर दरार पड़ चुकी थी तो बाहर से भी स्थिति ठीक नहीं थी। यहां पर दो अन्य कमरों में बच्चे बैठकर पढ़ रहे थे।
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यहां तो छत में सरिया तलाशना मुश्किल हो गया
कंपोजिट स्कूल महमंद जंगला के परिसर में 603 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय के कमरे ठीक हैं, लेकिन यहां पर रसोई की छत से पानी टपकता है। इसी परिसर में संचालित प्राथमिक स्कूल तिलहरजई/महमंद हद्दफ की स्थिति भी बेहतर नहीं है। शिक्षक सरदार अली के अनुसार, कुछ दिन पहले पंखा लगवाने के लिए मिस्त्री बुलाया था। तब छत में सरिया तलाशना मुश्किल हो गया। भवन में सरिया कम है। विद्यालय की रसोईघर की छत का प्लास्टर छूटकर गिरता है। रसोइयों ने बताया कि छत नीचे की ओर खिसकने से हादसे का डर रहता है। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय बाला तिराही के दो कमराें में संचालित हो रहा है। बारिश होने पर स्कूल की छत टपकने लगती है। यहां पर 58 बच्चे पंजीकृत हैं।
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जर्जर स्कूल में पढ़ने के लिए बच्चे मजबूर
बंडा। मोहल्ला मुरादपुर में बने प्राथमिक विद्यालय जर्जर स्थिति में है। यहां पर अन्य कक्षों में पढ़ाई की जाती है। जर्जर स्कूल का कायाकल्प करने के नाम पर बजट ठिकाने लगा दिया गया, लेकिन स्थिति जस की तस है। स्कूल में दो वर्ष पहले मलबा गिरने से बच्चे बाल-बाल बच गए थे। उसके बाद भी छत की मरम्मत नहीं की गई। भवन को ध्वस्त भी नहीं कराया गया। सिर्फ टाइल्स लगवाकर उसका कायाकल्प दिखा दिया गया। प्रधानाध्यापिका मौसमी परवीन ने बताया कि जर्जर भवन की शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों से लिखित में की गई। 90 बच्चे स्कूल में होने के कारण कुछ हिस्से में बच्चों को बैठाना पड़ता है। संवाद
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अतिरिक्त कक्षा कक्ष जर्जर
तिलहर। प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर व अमनपुर के अतिरिक्त कक्षा कक्ष जर्जर हैं। बीएसए के निर्देश के बाद यहां बच्चों को बैठाना बंद कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त प्राथमिक विद्यालय सुनौरा में दो, भुलेड़ी में एक और ढकिया रघा में दो अतिरिक्त कक्षा कक्ष जर्जर हैं। संवाद
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जर्जर भवन नहीं कराया ध्वस्त, बच्चों को खतरा
कांट। प्राथमिक विद्यालय बमौरी का भवन जर्जर होने के कारण अतिरिक्त कक्षा कक्ष में बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। परिसर में जर्जर भवन को अब तक ध्वस्त नहीं किया गया। स्कूल में 55 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। जर्जर घोषित किए भवन तक बच्चे खेलते हुए पहुंच जाते हैं। इससे यहां हादसा होने का डर बना रहता है। संवाद
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जर्जर बरामदे में पहुंच जाते हैं बच्चे, हादसे की आशंका
रोजा। प्राथमिक विद्यालय रौसर कोठी का भवन वर्ष 1952 में बना था। यहां पर छह कमरे हैं। जिसमें तीन कमरे और बरामदे को जर्जर घोषित कर दिया गया। तीन कमरों में कक्षा एक से पांच तक के 126 बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जाता है। नियम के अनुसार, 35 से 40 बच्चों को कक्षा में बैठा सकते हैं। जर्जर कमरे बंद करा दिए गए हैं, लेकिन बरामदों तक विद्यार्थी खेलते हुए पहुंच जाते हैं। ऐसे में हादसा होने की आशंका बनी रहती है। प्रधानाध्यापक शशि प्रभा ने बताया कि कई वर्ष से भवन ऐसे ही पड़ा है। संवाद
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प्रत्येक स्कूल के अध्यापक को बच्चों को सुरक्षित स्थान पर बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानाध्यापक प्रमाण पत्र भी बीईओ को उपलब्ध कराएगा कि बच्चे सुरक्षित हैं। जर्जर भवनों पर लाल रंग से निष्प्रयोज्य लिखने के लिए कहा गया है।


- दिव्या गुप्ता, बीएसए

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

कांट में प्राथमिक विद्यालय बमौरी का जर्जर भवन। संवाद

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