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पोर्टल की शिकायतों के निस्तारण में देरी पर होगी कार्रवाई : डीएम
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शाहजहांपुर। आईजीआरएस जन सुनवाई पोर्टल पर प्राप्त जो शिकायतें निस्तारित हो चुकी हैं, उनकी क्रॉस चेकिंग कराई जाएगी। शिकायतकर्ताओं के असंतुष्ट पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने मंगलवार को आईजीआरएस पोर्टल के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को यही चेतावनी दी।
डीएम ने कहा कि बहुधा पोर्टल पर प्राप्त होने वाली अधिकांश शिकायतों को अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संदर्भित कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है। शिकायत के निस्तारण की समीक्षा किए बिना ही निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड करा दी जाती है, जिसके कारण शासन स्तर और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से जब शिकायतकर्ता से उसकी शिकायत के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है तो वह नकारात्मक अथवा असंतोषजनक फीडबैक देता है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपरोक्त स्थिति के निराकरण के लिए किसी भी स्रोत से प्राप्त होने वाली जन शिकायत को पृष्ठांकित करते समय यह सावधानी बरतें कि महत्वपूर्ण शिकायतों का निस्तारण जिम्मेदार अधिकारियों को ही संदर्भित किया जाए। साथ ही जिन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण अपेक्षित है, उनको निगरानी श्रेणी में रखा जाए। डीएम ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन, पीजी पोर्टल अथवा आईजीआरएस पोर्टल आदि किसी भी स्रोत से प्राप्त शिकायत को प्रतिदिन सुबह अनुश्रवण कर यह देखा जाए कि उसका निस्तारण हुआ अथवा नहीं। गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के बाद ही इस आशय की आख्या पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए।
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डीएम ने कहा कि बहुधा पोर्टल पर प्राप्त होने वाली अधिकांश शिकायतों को अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संदर्भित कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया जाता है। शिकायत के निस्तारण की समीक्षा किए बिना ही निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड करा दी जाती है, जिसके कारण शासन स्तर और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से जब शिकायतकर्ता से उसकी शिकायत के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है तो वह नकारात्मक अथवा असंतोषजनक फीडबैक देता है।
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उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उपरोक्त स्थिति के निराकरण के लिए किसी भी स्रोत से प्राप्त होने वाली जन शिकायत को पृष्ठांकित करते समय यह सावधानी बरतें कि महत्वपूर्ण शिकायतों का निस्तारण जिम्मेदार अधिकारियों को ही संदर्भित किया जाए। साथ ही जिन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण अपेक्षित है, उनको निगरानी श्रेणी में रखा जाए। डीएम ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन, पीजी पोर्टल अथवा आईजीआरएस पोर्टल आदि किसी भी स्रोत से प्राप्त शिकायत को प्रतिदिन सुबह अनुश्रवण कर यह देखा जाए कि उसका निस्तारण हुआ अथवा नहीं। गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के बाद ही इस आशय की आख्या पोर्टल पर अपलोड होनी चाहिए।
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