{"_id":"5dcb01dd8ebc3e5b1a54e7bf","slug":"chinmiyanand-shahjahanpur-news-bly3838201113","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण: आरोपियों के बैंक एकाउंट्स खंगाल रही एसआईटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण: आरोपियों के बैंक एकाउंट्स खंगाल रही एसआईटी
विज्ञापन
शाहजहांपुर। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण में आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल करने के बाद भी एसआईटी की जांच जारी है। एसआईटी अब आरोपियों के बैंक अकाउंट खंगाल रही हैं। ताकि हाईकोर्ट में दाखिल करने वाली अंतिम स्टेटस रिपोर्ट में और तथ्यों को शामिल किया जा सके। इस संबंध में एसआईटी ने तीन दिन पहले एक बैंक के अधिकारी को बुलाकर आरोपियों के अकाउंट के बारे में बातचीत की थी। इससे यह पता लग सके कि आरोपियों के खाते में कब-कब लेने-देन हुआ। मामला एसआईटी से जुड़ा होने की वजह से इस संबंध में बैंक अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म और छात्रा व उसके दोस्तों के खिलाफ चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के इन दोनों मामलों की जांच एसआईटी ने छह सितंबर को शुरू की थी। जांच में शुरू से ही आरोपों की परत दर परत खुलती चली गई। चिन्मयानंद की छात्रा से मोबाइल पर बात और फिर छात्रा की अपने दोस्त संजय से बात की कॉल डिटेल्स से एसआईटी के लिए जांच का रास्ता साफ हो गया और कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई। जांच के दौरान ही यह बात भी सामने आई कि चिन्मयानंद ने छात्रा को एक स्कूटी खरीदकर दी थी, जो एक प्रिंटिंग प्रेस के माध्यम से दी गई थी। ऐसे में एसआईटी यह भी मानकर चल रही थी कि कहीं न कहीं छात्रा चिन्मयानंद से आर्थिक लाभ लेती रही होगी। इसी बिंदु को ध्यान में रखते हुए एसआईटी ने चिन्मयानंद, छात्रा और संजय, सचिन, विक्रम आदि के बैंक अकाउंट्स पर नजर गड़ा दी थी। जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने के बाद अब एसआईटी आरोपियों के अकाउंट में देखना चाहती है कि आखिर इन लोगों के पास दिल्ली, हिमाचल, नैनीताल आदि स्थानों पर घूमने के लिए रुपये कहां से आते थे। माना जा रहा है कि शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में एसआईटी इन बिंदुओं को भी शामिल करेगी। इसलिए तीन दिन पहले गोपनीय तरीके से एसआईटी ने बैंक अधिकारी को बुलाया और उनसे आरोपियों के बैंक अकाउंट्स के बारे में जानकारी की, फिर उन्हें लौटा दिया गया।
विज्ञापन
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म और छात्रा व उसके दोस्तों के खिलाफ चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के इन दोनों मामलों की जांच एसआईटी ने छह सितंबर को शुरू की थी। जांच में शुरू से ही आरोपों की परत दर परत खुलती चली गई। चिन्मयानंद की छात्रा से मोबाइल पर बात और फिर छात्रा की अपने दोस्त संजय से बात की कॉल डिटेल्स से एसआईटी के लिए जांच का रास्ता साफ हो गया और कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई। जांच के दौरान ही यह बात भी सामने आई कि चिन्मयानंद ने छात्रा को एक स्कूटी खरीदकर दी थी, जो एक प्रिंटिंग प्रेस के माध्यम से दी गई थी। ऐसे में एसआईटी यह भी मानकर चल रही थी कि कहीं न कहीं छात्रा चिन्मयानंद से आर्थिक लाभ लेती रही होगी। इसी बिंदु को ध्यान में रखते हुए एसआईटी ने चिन्मयानंद, छात्रा और संजय, सचिन, विक्रम आदि के बैंक अकाउंट्स पर नजर गड़ा दी थी। जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने के बाद अब एसआईटी आरोपियों के अकाउंट में देखना चाहती है कि आखिर इन लोगों के पास दिल्ली, हिमाचल, नैनीताल आदि स्थानों पर घूमने के लिए रुपये कहां से आते थे। माना जा रहा है कि शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में एसआईटी इन बिंदुओं को भी शामिल करेगी। इसलिए तीन दिन पहले गोपनीय तरीके से एसआईटी ने बैंक अधिकारी को बुलाया और उनसे आरोपियों के बैंक अकाउंट्स के बारे में जानकारी की, फिर उन्हें लौटा दिया गया।
विज्ञापन