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कैंसर पीड़ित ओसीएफ कर्मी ने कोरोना को दी मात, अस्पताल से तालियां बजाकर किए गए विदा
Thu, 25 Jun 2020 03:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2020 03:48 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
शाहजहांपुर जिले की नई बस्ती रेती के कैंसर पीड़ित आयुध वस्त्र निर्माणी (ओसीएफ) कर्मचारी कोरोना को मात देकर परिवार के साथ सकुशल घर लौट आए हैं। वह पीजीआई के एल-3 कोविड अस्पताल में भर्ती थे। उनके स्वस्थ होने और जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद लखनऊ पीजीआई स्टाफ और अन्य ने तालियां बजाकर गर्मजोशी से विदा किया।
बता दें कि ओसीएफ कर्मचारी का मेदांता अस्पताल गुरुगांव में कैंसर का इलाज चल रहा था। जांच के दौरान वह कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद वह अपने छोटे भाई और पत्नी के साथ चार जून को शाहजहांपुर लौट आए थे और जिला अस्पताल में जाकर फिर से जांच कराई थी।
चूंकि मामला कैंसर पीड़ित का था, लिहाजा गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें पीजीआई लखनऊ के लिए रेफर कर दिया था। दो दिन बाद यानी छह जून को उनके संपर्क में रहने वाले पत्नी, भाई और कार ड्राइवर की जांच भी लखनऊ में ही कराई गई, जिसमें इन तीनों की जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई और तीनों को वहीं भर्ती कर लिया गया।
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कैंसर पीड़ित के भाई ने बताया कि वह और भाभी (कैंसर पीड़ित की पत्नी) की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद वह लोग 18 जून को डिस्चार्ज कर दिए गए थे, जबकि उनके भाई की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद 21 जून को डिस्चार्ज कर दिए गए।
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बता दें कि ओसीएफ कर्मचारी का मेदांता अस्पताल गुरुगांव में कैंसर का इलाज चल रहा था। जांच के दौरान वह कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद वह अपने छोटे भाई और पत्नी के साथ चार जून को शाहजहांपुर लौट आए थे और जिला अस्पताल में जाकर फिर से जांच कराई थी।
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चूंकि मामला कैंसर पीड़ित का था, लिहाजा गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें पीजीआई लखनऊ के लिए रेफर कर दिया था। दो दिन बाद यानी छह जून को उनके संपर्क में रहने वाले पत्नी, भाई और कार ड्राइवर की जांच भी लखनऊ में ही कराई गई, जिसमें इन तीनों की जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई और तीनों को वहीं भर्ती कर लिया गया।
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कैंसर पीड़ित के भाई ने बताया कि वह और भाभी (कैंसर पीड़ित की पत्नी) की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद वह लोग 18 जून को डिस्चार्ज कर दिए गए थे, जबकि उनके भाई की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद 21 जून को डिस्चार्ज कर दिए गए।
मंगलवार यानी 23 जून को कार ड्राइवर की रिपोर्ट भी कोरोना निगेटिव आई, जिसके बाद वह घर आ गया। छोटे भाई ने बताया कि हरियाणा में वह जिस घर में रहे थे, वहां के लोग संक्रमित थे, इसलिए उनका परिवार भी चपेट में आ गया।
लखनऊ से सभी के सकुशल लौटने के बाद चारों लोग अभी भी आइसोलेशन में हैं और एहतियातन घर में भी मास्क लगा रहे हैं। बताया कि लखनऊ में उनके और अन्य सभी संक्रमितों की बहुत अच्छे से देखभाल और जांच होती थी।
सभी ने तालियां बजाकर उन्हें उत्साहपूर्वक विदा किया। छोटे भाई का कहना है कि यदि संक्रमण के दौरान सावधानी बरती जाए और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चला जाए तो मरीज शत-प्रतिशत स्वस्थ होकर घर लौट सकता है।
लखनऊ से सभी के सकुशल लौटने के बाद चारों लोग अभी भी आइसोलेशन में हैं और एहतियातन घर में भी मास्क लगा रहे हैं। बताया कि लखनऊ में उनके और अन्य सभी संक्रमितों की बहुत अच्छे से देखभाल और जांच होती थी।
सभी ने तालियां बजाकर उन्हें उत्साहपूर्वक विदा किया। छोटे भाई का कहना है कि यदि संक्रमण के दौरान सावधानी बरती जाए और स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चला जाए तो मरीज शत-प्रतिशत स्वस्थ होकर घर लौट सकता है।