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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Canal cuts, drowning crops magisterial inquiry

नहर कटने, फसलें डूबने की मजिस्ट्रेटी जांच होगी

Sun, 25 Dec 2016 12:16 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर Updated Sun, 25 Dec 2016 12:16 AM IST
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बीते दिनों रोजा माइनर की नहर कटने से भावलखेड़ा ब्लॉक के सात गांवों के 137 किसानों की बोई हुई 34 हेक्टेयर फसल डूब गई थी। इससे उपजे हालात का जायजा लेने शनिवार को डीएम रामगणेश मौके पर पहुंचे। पाया कि जलालपुर, सुजातपुर, नागरपाल, उट्हा, बादशाहनगर, देवकली, गुंवारी व कनेंग गांव के कृषकों की फसल नहर की पटरी कटने से डूब गई। डीएम ने इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं कि नहर कुछ लोगों द्वारा काटी गई है या नहर विभाग की लापरवाही से कटी है। जांच रिपोर्ट में जिसका भी उत्तरदायित्व तय होगा, उससे नष्ट फसल की क्षतिपूर्ति वसूलने की कार्रवाई होगी। दोषी कोई भी हो, वह बच नहीं पायेगा। मौके पर डीएम को कुछ किसानों ने बताया कि रात को नहर की पटरी कनेंग के कुछ लोगों ने सिंचाई के उद्देश्य से काटी थी जिसका परिणाम यह हुआ कि पानी तेज गति से बहता हुआ कई गांव के किसानों की रबी की फसल में भर गया। डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि नहर कटने के एक सप्ताह तक नहर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अंजान रहे और कोई कार्रवाई नहीं की। उन्हाेंने एसडीएम सदर रामजी मिश्रा को निर्देश दिया कि वह किसानों की ग्राम वार हुई फसल की क्षति का आंकलन करा लें। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम देवकली के पास नाला न होने पर जलभराव की अधिक समस्या हो जाती है। इस पर डीएम ने उपस्थित गांव के विजयपाल, तेजराज, ईश्वरी, राधाकृष्ण आदि से कहा कि वह नाला निकलवाने के लिये अपनी जमीन दे दें। जितनी जमीन नाला निकलने के लिये उनसे ली जायेगी उतनी जमीन उन्हें दूसरी जगह दे दी जायेगी। किसानों ने सहयोग देने की सहमति दे दी। इस पर डीएम ने एसडीएम सदर से कहा कि वह राजस्व की धारा-161 में भूमि को चेंज करने की कार्यवाही कर लें। बीडीओ ददरौल को निर्देश दिया कि देवकली गांव से निकलने वाले नाले को मनरेगा से खुदाई कराकर किसानों को होने वाली फसल क्षति से बचाने की कार्यवाही करें।
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उन्होंने कहा कि जिन विभागों की लापरवाही से फसल का नुकसान हुआ है उस विभाग का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुये क्षतिपूर्ति संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी के वेतन से अनुपातिक कटौती करते हुए भू राजस्व के बकाये की भांति वसूल कराते हुए संबंधित कृषक को भुगतान कराने की कार्यवाही की जायेगी। इस दौरान राष्ट्रीय जल प्रबंधन के अधिशासी अभियंता उस्मान अली भी मौजूद थे।
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