{"_id":"11f29f898f9ce49066f042d0c7e8911f","slug":"bsa-prisdiy-not-satisfied-with-teaching-in-schools-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिषदीय स्कूलों में शिक्षण से बीएसए संतुष्ट नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिषदीय स्कूलों में शिक्षण से बीएसए संतुष्ट नहीं
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 14 Jul 2015 09:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिषदीय स्कूलों के शिक्षण कार्य और शैक्षिक स्तर से बीएसए असंतुष्ट नजर आए। बीएसए ने मंगलवार को ददरौल ब्लाक के सरकारी छह स्कूलों का निरीक्षण किया। अधिकांश स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को शैक्षिक स्तर में सुधार करके छात्र उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। वहीं कुछ विद्यालयों में शिक्षक गैरहाजिर मिले, लेकिन बाद में वे पहुंच गए। इससे शिक्षकों के लेटलतीफ जाने की पोल भी खुल गई। बीएसए राजेश कुमार के निरीक्षण के दौरान स्कूलों की स्थिति पर एक नजर...
प्राइमरी स्कूल सहवेगपुर
समय 08:15 बजे
स्कूल में दर्ज 169 छात्रों के सापेक्ष 40 ही उपस्थित मिले। शिक्षण कार्य होता नहीं मिला। बच्चे अंग्रेजी में नाम भी नहीं लिख सके। प्रधानाध्यापक ममता गुप्ता को शिक्षण कार्य सुधारने के निर्देश दिए।
जूनियर स्कूल सहवेगपुर
समय 08:25 बजे
निरीक्षण के वक्त सहायक अध्यापक ज्योति रस्तोगी, प्रीति मिश्रा और नीलिमा शर्मा गैरहाजिर मिलीं। हालांकि बाद में स्कूल पहुंचने की सूचना मिली। दर्ज 83 में 24 बच्चे ही मिले। प्रधानाध्यापक नफीस खां को शिक्षण में सुधार कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
जूनियर स्कूल राईखेड़ा
समय 08:50 बजे
विद्यालय में नामांकित 101 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 67 छात्र-छात्राएं ही उपस्थिति मिलीं। इंचार्ज अध्यापक नवनीत रंजन को गैरहाजिर रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें स्कूल तक लाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
प्राइमरी स्कूल कांशीराम नगर
समय 08:55 बजे
विद्यालय में नामांकित 202 बच्चों के सापेक्ष 114 बच्चे मौजूद मिले। प्रधानाध्यापक सरोज को गैरहाजिर रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें स्कूल तक लाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
प्राइमरी स्कूल अजीजगंज
समय 09:05 बजे
निरीक्षण के दौरान 58 बच्चे उपस्थित मिले। खुले स्थान पर बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा था और पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी नहीं हुआ था। प्रधानाध्यापक मधुरिमा तिवारी को पाठ्य पुस्तकों का वितरण कराने के साथ ही शिक्षण कार्य में सुधार के निर्देश दिए।
प्राइमरी स्कूल लालपुर
समय 09:15 बजे
निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापक शोभित गैरहाजिर मिले, जिसके बारे में बताया गया कि उन्होंने मोबाइल से अवकाश पर रहने की सूचना दी है। स्कूल में 98 बच्चे मिले थे। विद्यालय में पुस्तकों का वितरण नहीं हुआ था। प्रधानाध्यापक रजनी वर्मा को पुस्तकें वितरित कराने और शैक्षिक स्तर सुधारने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
प्राइमरी स्कूल सहवेगपुर
समय 08:15 बजे
स्कूल में दर्ज 169 छात्रों के सापेक्ष 40 ही उपस्थित मिले। शिक्षण कार्य होता नहीं मिला। बच्चे अंग्रेजी में नाम भी नहीं लिख सके। प्रधानाध्यापक ममता गुप्ता को शिक्षण कार्य सुधारने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
जूनियर स्कूल सहवेगपुर
समय 08:25 बजे
निरीक्षण के वक्त सहायक अध्यापक ज्योति रस्तोगी, प्रीति मिश्रा और नीलिमा शर्मा गैरहाजिर मिलीं। हालांकि बाद में स्कूल पहुंचने की सूचना मिली। दर्ज 83 में 24 बच्चे ही मिले। प्रधानाध्यापक नफीस खां को शिक्षण में सुधार कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
जूनियर स्कूल राईखेड़ा
समय 08:50 बजे
विद्यालय में नामांकित 101 छात्र-छात्राओं के सापेक्ष 67 छात्र-छात्राएं ही उपस्थिति मिलीं। इंचार्ज अध्यापक नवनीत रंजन को गैरहाजिर रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें स्कूल तक लाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
प्राइमरी स्कूल कांशीराम नगर
समय 08:55 बजे
विद्यालय में नामांकित 202 बच्चों के सापेक्ष 114 बच्चे मौजूद मिले। प्रधानाध्यापक सरोज को गैरहाजिर रहने वाले बच्चों के अभिभावकों से मिलकर उन्हें स्कूल तक लाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
प्राइमरी स्कूल अजीजगंज
समय 09:05 बजे
निरीक्षण के दौरान 58 बच्चे उपस्थित मिले। खुले स्थान पर बैठाकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा था और पाठ्य पुस्तकों का वितरण भी नहीं हुआ था। प्रधानाध्यापक मधुरिमा तिवारी को पाठ्य पुस्तकों का वितरण कराने के साथ ही शिक्षण कार्य में सुधार के निर्देश दिए।
प्राइमरी स्कूल लालपुर
समय 09:15 बजे
निरीक्षण के दौरान सहायक अध्यापक शोभित गैरहाजिर मिले, जिसके बारे में बताया गया कि उन्होंने मोबाइल से अवकाश पर रहने की सूचना दी है। स्कूल में 98 बच्चे मिले थे। विद्यालय में पुस्तकों का वितरण नहीं हुआ था। प्रधानाध्यापक रजनी वर्मा को पुस्तकें वितरित कराने और शैक्षिक स्तर सुधारने के निर्देश दिए।