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Shahjahanpur News: लैब टेक्नीशियन का था रेलवे ट्रैक पर मिला शव, हत्या का आरोप
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सौरभ तिवारी। स्रोत: पुलिस
शाहजहांपुर। थाना रोजा क्षेत्र में रोजा जंक्शन और पं. राम प्रसाद बिस्मिल स्टेशन के बीच मिले युवक के शव की पहचान लखीमपुर खीरी जिले के थाना फरधान क्षेत्र के बरखिरवा गांव निवासी 25 वर्षीय सौरभ तिवारी के रूप में हुई है। सौरभ गुजरात की एक कंपनी में लैब टेक्नीशियन थे। उनके बड़े भाई गौरव तिवारी ने भाई की हत्या का आरोप लगाया है।
गौरव तिवारी ने बताया कि सौरभ तीन मार्च 2025 से गुजरात की जर्मन ग्रीन स्टील एंड पॉपर प्लांट कंपनी में लैब टेक्नीशियन थे। घर पर उनकी बेटी की छठी का कार्यक्रम था, इसलिए छुट्टी लेकर 23 जून को गुजरात से घर के लिए निकले थे। 24 जून की रात करीब 10 बजे वह आला हजरत ट्रेन से बरेली पहुंचे।
इसके बाद बस से लखीमपुर खीरी के लिए चल दिए। 25 जून की सुबह 3:17 बजे सौरभ का मोबाइन फोन बंद हो गया। मोबाइल की लोकेशन शाहजहांपुर के मोहल्ला एमनजई जलालनगर में मिली। इसके बाद शहर की ब्रज विहार कॉलोनी में रह रहे मामा सर्वेश शुक्ला से संपर्क किया। आरोप लगाया कि कंपनी के एचओडी उन्हें गुमराह करते रहे।
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देर शाम राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचकर परिजनों ने सौरभ के शव की शिनाख्त की। इससे पूर्व कंपनी के एचओडी ने उन्हें भाई के रेलवे ट्रैक पर पड़े शव का फोटो भेजा। संदेह है कि सौरभ की हत्या की गई है। जब वह बस से चले तो रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंच गए। यह भी पता चला है कि रेलवे ट्रैक से सड़क की दूरी 100-150 मीटर दूर है। उस बीच भी खून पड़ा मिला है। गौरव ने बताया कि सौरभ का मोबाइल, बैग और जूते मौके पर नहीं मिले।
पिता रामानंद ने बताया कि हालात बेटे की हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। डेढ़ साल में बेटे को कोई छुट्टी नहीं दी गई थी। परिवार का आरोप है कि सौरभ ने एचओडी को रुपये उधार दिए थे। एचओडी की ससुराल भी बरेली में है। जीआरपी प्रभारी रमांकर यादव ने बताया कि मामले में अभी कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर आने पर जांच की जाएगी।
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गौरव तिवारी ने बताया कि सौरभ तीन मार्च 2025 से गुजरात की जर्मन ग्रीन स्टील एंड पॉपर प्लांट कंपनी में लैब टेक्नीशियन थे। घर पर उनकी बेटी की छठी का कार्यक्रम था, इसलिए छुट्टी लेकर 23 जून को गुजरात से घर के लिए निकले थे। 24 जून की रात करीब 10 बजे वह आला हजरत ट्रेन से बरेली पहुंचे।
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इसके बाद बस से लखीमपुर खीरी के लिए चल दिए। 25 जून की सुबह 3:17 बजे सौरभ का मोबाइन फोन बंद हो गया। मोबाइल की लोकेशन शाहजहांपुर के मोहल्ला एमनजई जलालनगर में मिली। इसके बाद शहर की ब्रज विहार कॉलोनी में रह रहे मामा सर्वेश शुक्ला से संपर्क किया। आरोप लगाया कि कंपनी के एचओडी उन्हें गुमराह करते रहे।
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देर शाम राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचकर परिजनों ने सौरभ के शव की शिनाख्त की। इससे पूर्व कंपनी के एचओडी ने उन्हें भाई के रेलवे ट्रैक पर पड़े शव का फोटो भेजा। संदेह है कि सौरभ की हत्या की गई है। जब वह बस से चले तो रेलवे ट्रैक पर कैसे पहुंच गए। यह भी पता चला है कि रेलवे ट्रैक से सड़क की दूरी 100-150 मीटर दूर है। उस बीच भी खून पड़ा मिला है। गौरव ने बताया कि सौरभ का मोबाइल, बैग और जूते मौके पर नहीं मिले।
पिता रामानंद ने बताया कि हालात बेटे की हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। डेढ़ साल में बेटे को कोई छुट्टी नहीं दी गई थी। परिवार का आरोप है कि सौरभ ने एचओडी को रुपये उधार दिए थे। एचओडी की ससुराल भी बरेली में है। जीआरपी प्रभारी रमांकर यादव ने बताया कि मामले में अभी कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर आने पर जांच की जाएगी।

सौरभ तिवारी। स्रोत: पुलिस