{"_id":"593998a14f1c1b34539ca3b0","slug":"bjp-pro-students-face-to-face-on-issue-of-school-tampering","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रा से छेड़छाड़ के मुद्दे पर भाजपा समर्थक छात्र आमने-सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रा से छेड़छाड़ के मुद्दे पर भाजपा समर्थक छात्र आमने-सामने
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
एक छात्रा से छेड़छाड़ को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा समर्थक छात्र दो गुटों में बंट गए हैं। यह मुद्दा उनमें अब वर्चस्व की जंग में तब्दील हो गया है। छात्रों का एक गुट छात्रा को बहन बताकर उसे न्याय दिलाने की बात कह रहा है तो दूसरा गुट उस पर आरोप लगा रहा है। छात्राें के एक गुट ने इस मामले में दो युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, तो दूसरे गुट ने थाना घेरकर एक आरोपी को छुड़ा लिया। छात्रों के बीच इसे लेकर रार बढ़ती जा रही है, मगर भाजपा के नेता इस मामले में चुप्पी साधे हैं।
भयमुक्त समाज स्थापित करने के दावे के साथ सूबे में सत्ता में आई भाजपा की जिले में अपने ही लोग किरकिरी कर रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक गुट ने भाजपा समर्थक दो छात्रों के खिलाफ छात्रा पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया तो छात्र दो गुटों में बंट गए। पुलिस को मामले की तहरीर दी गई, लेकिन सत्ताधारी दल से जुड़े इस संगठन के मामले में पुलिस चुप्पी साध गई। कार्रवाई न होते देख एबीवीपी के लोग भड़क गए और सीओ सिटी को मांग पत्र देकर आरोपी छात्राें पर एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया तो दूसरा गुट उसके समर्थन में आ गया और सदर बाजार थाना घेरकर उसे थाने से ही जमानत पर रिहा करा लिया। इसके बाद से दोनों गुटें में तनाव बढ़ता जा रहा है लेकिन भाजपा के बड़े नेता इस मामले में चुप्पी साधे हैं।
सत्ता की हनक या पुलिस की लाचारी
छात्र गुटों की इस वर्चस्व की लड़ाई में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करना और फिर छात्रों के दूसरे गुट के दबाव में उसे थाने से ही जमानत पर रिहा करना सत्ता की हनक और पुलिस की लाचारी को उजागर कर रहा है, हालांकि पुलिस इस मामले में अपने को पाक-साफ बताते हुए कह रही है कि उसने आरोपी को थाने से जमानत पर इसलिए रिहा किया, क्योंकि शांति व्यवस्था का खतरा पैदा हो गया था।
विज्ञापन
निकाय चुनाव में पर पड़ेगा असर
भाजपा नेताओं की चुप्पी और छात्रों के दो गुटों में वर्चस्व की लड़ाई का खामियाजा भाजपा को निकाय चुनाव में भुगतना पड़ सकता है, क्योंकि इस मामले में छात्रों के दोनों ही गुट अपने-अपने आकाओं से नाराज हैं और इसका असर निकाय चुनाव पर पड़ेगा। इस बात जिक्र उनके द्वारा गुस्से का इजहार करने पर नजर आ रहा है।
यह विद्यार्थी परिषद का आंतरिक झगड़ा है। जब तक आपस में उन लोगों की निभती रही तो सबकुछ ठीक-ठाक था, छात्रा भी राखी बांधती रही। अब बात बिगड़ जाने पर दोनों एक दूसरे के खिलाफ आ गए है। अभी फिलहाल हम लोग चुप हैं। आपस में विवाद सुलझेगा तो ठीक है, नहीं तो दोनों पक्षों को बैठाकर मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे।
- राकेश मिश्र, जिलाध्यक्ष भाजपा
विज्ञापन
भयमुक्त समाज स्थापित करने के दावे के साथ सूबे में सत्ता में आई भाजपा की जिले में अपने ही लोग किरकिरी कर रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक गुट ने भाजपा समर्थक दो छात्रों के खिलाफ छात्रा पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया तो छात्र दो गुटों में बंट गए। पुलिस को मामले की तहरीर दी गई, लेकिन सत्ताधारी दल से जुड़े इस संगठन के मामले में पुलिस चुप्पी साध गई। कार्रवाई न होते देख एबीवीपी के लोग भड़क गए और सीओ सिटी को मांग पत्र देकर आरोपी छात्राें पर एफआईआर दर्ज करा दी। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया तो दूसरा गुट उसके समर्थन में आ गया और सदर बाजार थाना घेरकर उसे थाने से ही जमानत पर रिहा करा लिया। इसके बाद से दोनों गुटें में तनाव बढ़ता जा रहा है लेकिन भाजपा के बड़े नेता इस मामले में चुप्पी साधे हैं।
विज्ञापन
सत्ता की हनक या पुलिस की लाचारी
छात्र गुटों की इस वर्चस्व की लड़ाई में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार करना और फिर छात्रों के दूसरे गुट के दबाव में उसे थाने से ही जमानत पर रिहा करना सत्ता की हनक और पुलिस की लाचारी को उजागर कर रहा है, हालांकि पुलिस इस मामले में अपने को पाक-साफ बताते हुए कह रही है कि उसने आरोपी को थाने से जमानत पर इसलिए रिहा किया, क्योंकि शांति व्यवस्था का खतरा पैदा हो गया था।
विज्ञापन
निकाय चुनाव में पर पड़ेगा असर
भाजपा नेताओं की चुप्पी और छात्रों के दो गुटों में वर्चस्व की लड़ाई का खामियाजा भाजपा को निकाय चुनाव में भुगतना पड़ सकता है, क्योंकि इस मामले में छात्रों के दोनों ही गुट अपने-अपने आकाओं से नाराज हैं और इसका असर निकाय चुनाव पर पड़ेगा। इस बात जिक्र उनके द्वारा गुस्से का इजहार करने पर नजर आ रहा है।
यह विद्यार्थी परिषद का आंतरिक झगड़ा है। जब तक आपस में उन लोगों की निभती रही तो सबकुछ ठीक-ठाक था, छात्रा भी राखी बांधती रही। अब बात बिगड़ जाने पर दोनों एक दूसरे के खिलाफ आ गए है। अभी फिलहाल हम लोग चुप हैं। आपस में विवाद सुलझेगा तो ठीक है, नहीं तो दोनों पक्षों को बैठाकर मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगे।
- राकेश मिश्र, जिलाध्यक्ष भाजपा