लोकसभा चुनाव 2024: शाहजहांपुर में सपा-कांग्रेस के गठबंधन की गांठों पर भाजपा की नजर
दरौल विधानसभा उपचुनाव में टिकट के लिए सपा और कांग्रेस के बीच खींचतान है। वहीं भाजपा अपने किले को मजबूत करने के साथ ही सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की गांठ पर भी नजर रख रही है।
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शाहजहांपुर जिले में कांग्रेस से गठबंधन के साथ सपा लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई, लेकिन ददरौल विधानसभा उपचुनाव में टिकट के लिए दोनों दलों के बीच खींचतान है। इधर, भाजपा अपने किले को मजबूत करने के साथ ही सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की गांठ पर भी नजर रख रही है। हालांकि विपक्षी गठबंधन का बीते चुनावों में कोई लाभ नहीं मिला है।
वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस और सपा का गठबंधन हुआ था। उस समय जिले में केवल तिलहर विधानसभा सीट कांग्रेस को मिली थी। यहां से गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में कद्दावर नेता जितिन प्रसाद को चुनाव मैदान में उतारा गया था। उनके सामने भाजपा ने मतदाताओं पर अच्छी पकड़ रखने वाले रोशन लाल वर्मा को प्रत्याशी बनाया था।
शुरुआत में बड़े चेहरे के सामने अपनी जीत को लेकर घबराए रोशन लाल वर्मा चुनाव नजदीक आते-आते पूरे आत्मविश्वास में आ गए थे। उन्होंने 81770 मत पाकर जीत दर्ज की थी, जबकि जितिन प्रसाद 76055 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे।
2019 में भी बेअसर रहा था गठबंधन
इसी तरह 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा और सपा के गठबंधन के बावजूद भाजपा के अरुण सागर ने बड़ी जीत हासिल की थी। उन्हें 6,88,990 वोट मिले थे, जबकि गठबंधन के प्रत्याशी अमर चंद्र जौहर 4,20,572 मतों को पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे। एक बार फिर सपा और कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार को लेकर जोर लगा रहीं हैं। जबकि ददरौल विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव के टिकट को लेकर दोनों दलों में मनमुटाव की स्थिति आ गई है। कांग्रेस ने ददरौल सीट मांगकर सपा में खलबली मचा दी है।
गठबंधन के चलते यह पार्टी हाईकमान तय करेगा कि ददरौल उपचुनाव में किसे टिकट दिया जाएगा। साथ मिलकर चुनाव लड़ा जाएगा। - रजनीश गुप्ता, जिलाध्यक्ष-कांग्रेस
दोनों दलों में उच्च स्तर से गठबंधन हुआ है। पार्टी हाईकमान जो तय करेगा, उसे मानेंगे। राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश के अनुसार सभी काम करेंगे। - तनवीर खां, जिलाध्यक्ष-सपा