{"_id":"594d657f4f1c1b36328b483f","slug":"bhayalal-reached-18km-for-justice","type":"story","status":"publish","title_hn":"18 किमी पैदल चलकर न्याय पाने पहुंचा भैयालाल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
18 किमी पैदल चलकर न्याय पाने पहुंचा भैयालाल
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:31 AM IST
विज्ञापन
बेबसी
- फोटो : शाहजहांपुर ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव छोड़कर दिल्ली में रह रहे एक ग्रामीण के घर पर उसके अपनों ने ही कब्जा कर लिया। तीन माह से मकान पर कब्जा पाने के लिए भटक रहा भैयालाल शुक्रवार को 18 किलोमीटर पैदल चलकर एसपी से फरियाद करने पहुंचा। उनके आफिस में न मिलने पर उसका सब्र जवाब दे गया तो वह फफक कर रो पड़ा।
थाना कांट के गांव अलियापुर निवासी भैयालाल ने बताया कि वह दिल्ली में रहकर पत्नी और दो बच्चों का पालन-पोषण करता है। इसी बीच मौका पाकर गांव में उसके पुश्तैनी मकान पर उसके अपनों ने ही कब्जा कर लिया। तीन माह से वह लगातार राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा पुलिस के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे मकान पर कब्जा नहीं मिल रहा है। पीड़ित ने बताया कि आरोपी उसके और पत्नी के साथ मारपीट भी कर चुके हैं, इसलिए उसने पत्नी और छोटे बेटे को दिल्ली भेज दिया है। बड़े बेटे के साथ वह गांव वालों के रहमोकरम पर उन्हीं के यहां रह रहा है। अब उसके पास इतने रुपये भी नहीं रह गए कि वह अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट सके। शुक्रवार को वह एसपी केबी सिंह से न्याय मिलने की उम्मीद में लगभग 18 किलोमीटर पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंचा, लेकिन यहां उसकी एसपी से मुलाकात नहीं हो पाई। एसपी के न मिलने से न्याय की उम्मीद खो चुका भैयालाल बिलखने लगा। उसे रोते देख कुछ लोगों ने एसपी से उनके सीयूजी नंबर पर बात कराई तो उन्होंने उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
पसीजा दिल, लोगों ने की आर्थिक मदद
एसपी कार्यालय परिसर में बिलख रहे भैयालाल ने बताया कि उसने बृहस्पतिवार से खाना नहीं खाया है और उसके पास इतने रुपये भी नहीं हैं कि वह खाना खा सके। इस पर लोगों का दिल पसीज गया और उन्होंने कुछ रुपये देकर उसकी मदद की, हालांकि वह रुपये लेने से इंकार करता रहा।
विज्ञापन
वैसे मामला राजस्व विभाग का है, फिर भी दोनों पक्षों को दोपहर में बुलवाया गया था, लेकिन वे नहीं आए। दोबारा उन्हें बुलवाया है। दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर कर मामला निपटाने का प्रयास किया जाएगा।
- ख्यालीराम, थानाध्यक्ष कांट
विज्ञापन
थाना कांट के गांव अलियापुर निवासी भैयालाल ने बताया कि वह दिल्ली में रहकर पत्नी और दो बच्चों का पालन-पोषण करता है। इसी बीच मौका पाकर गांव में उसके पुश्तैनी मकान पर उसके अपनों ने ही कब्जा कर लिया। तीन माह से वह लगातार राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा पुलिस के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे मकान पर कब्जा नहीं मिल रहा है। पीड़ित ने बताया कि आरोपी उसके और पत्नी के साथ मारपीट भी कर चुके हैं, इसलिए उसने पत्नी और छोटे बेटे को दिल्ली भेज दिया है। बड़े बेटे के साथ वह गांव वालों के रहमोकरम पर उन्हीं के यहां रह रहा है। अब उसके पास इतने रुपये भी नहीं रह गए कि वह अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट सके। शुक्रवार को वह एसपी केबी सिंह से न्याय मिलने की उम्मीद में लगभग 18 किलोमीटर पैदल चलकर जिला मुख्यालय पहुंचा, लेकिन यहां उसकी एसपी से मुलाकात नहीं हो पाई। एसपी के न मिलने से न्याय की उम्मीद खो चुका भैयालाल बिलखने लगा। उसे रोते देख कुछ लोगों ने एसपी से उनके सीयूजी नंबर पर बात कराई तो उन्होंने उसे न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
विज्ञापन
पसीजा दिल, लोगों ने की आर्थिक मदद
एसपी कार्यालय परिसर में बिलख रहे भैयालाल ने बताया कि उसने बृहस्पतिवार से खाना नहीं खाया है और उसके पास इतने रुपये भी नहीं हैं कि वह खाना खा सके। इस पर लोगों का दिल पसीज गया और उन्होंने कुछ रुपये देकर उसकी मदद की, हालांकि वह रुपये लेने से इंकार करता रहा।
विज्ञापन
वैसे मामला राजस्व विभाग का है, फिर भी दोनों पक्षों को दोपहर में बुलवाया गया था, लेकिन वे नहीं आए। दोबारा उन्हें बुलवाया है। दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर कर मामला निपटाने का प्रयास किया जाएगा।
- ख्यालीराम, थानाध्यक्ष कांट