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Shahjahanpur News: बीईओ व एआरपी पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार
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शाहजहांपुर। बरेली की एंटी करप्शन टीम ने कलान के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सतीश कुमार मिश्रा व एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) सुशील सिंह को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। दोनों ने स्कूल से गैरहाजिर रहने के मामले को निपटाने के लिए एक शिक्षक से रिश्वत मांगी थी।
मथुरा के थाना राया के मोहल्ला पठानपाड़ा निवासी डब्ल्यू कुमार कलान विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक हैं। गत दिनों बीईओ के निरीक्षण में स्कूल से गैरहाजिर मिलने पर उन्हें नोटिस जारी किया गया था। आरोप है कि मामले को निस्तारित करने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की गई। डब्ल्यू कुमार ने मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली से की। सोमवार को टीम के प्रभारी जितेंद्र सिंह कलान पहुंचे। दोपहर 2:13 बजे डब्ल्यू कुमार ने जैसे ही धनराशि दी, एंटी करप्शन टीम ने बीईओ व एआरपी को दबोच लिया। उन्हें कार में बैठाकर कटरा थाने ले जाया गया। आरोपियों के खिलाफ मीरानपुर कटरा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। संवाद
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एक दिन का वेतन बहाल करने के लिए मांगे थे पांच हजार रुपये
शाहजहांपुर/मीरानपुर कटरा। कलान विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय देवहड़ा में प्रधानाध्यापक डब्ल्यू कुमार से एक दिन के कटे वेतन को बहाल करने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि सोमवार को दोपहर एआरपी सुशील कुमार ने कॉल कर उन्हें बुलाया। रुपये देते ही एंटी करप्शन टीम ने दबोच लिया।
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प्रधानाध्यापक डब्ल्यू कुमार ने 13 व 13 अगस्त को बीमार होने के चलते चिकित्सीय अवकाश के लिए आवेदन किया था। बीईओ ने आवेदन को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद फिर से पोर्टल पर चिकित्सीय अवकाश मांगा तो उसे लंबित रखा। अवकाश स्वीकृत नहीं होने पर उनका एक दिन का वेतन काट दिया गया। वेतन की बहाली के लिए डब्ल्यू कुमार कई बार बीईओ के पास गए, लेकिन उनकी बात पर सहमति नहीं बनी।
डब्ल्यू कुमार के अनुसार, बीईओ की अनुमति के बाद ही वेतन बहाल होता है। इसके लिए एआरपी के जरिये पांच हजार रुपये की मांग की गई। रिश्वत मांगे जाने पर उन्होंने एंटी करप्शन टीम से संपर्क साधा और पूरी जानकारी दी। इसके बाद टीम ने कलान आकर गोपनीय जानकारी जुटाई।
सोमवार को रुपये देने की बात तय हुई थी। वादी ने बताया कि दोपहर में एआरपी सुशील कुमार ने उन्हें कॉल कर बुलाया कि डिप्टी साहब आ गए हैं। रुपये लेकर आ जाओ। इसके बाद वह मिठाई के सामने गाड़ी में बैठे बीईओ को रुपये दे रहा था। तभी पीछे से आई एंटी करप्शन टीम ने दबोच लिया और सीधे कटरा थाने लेकर पहुंचे। वहां लंबी पूछताछ के बाद विधिक कार्रवाई की गई। वादी के अनुसार, एआरपी के जरिये ही बीईओ शिक्षकों से वसूली कराते थे। दोनों ही अफसरों पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
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चपरासी व चालक को भी ले गई टीम
रुपये लेते ही एंटी करप्शन की टीम ने बीईओ, एआरपी, चपरासी व चालक को दबोच लिया। उन्हें भी कार समेत साथ ले गई। हालांकि, कार्रवाई में चपरासी और चालक का जिक्र नहीं किया गया है। कलान क्षेत्र के दो स्कूलों में आरटीई घोटाला होने के बाद से बीईओ सतीश मिश्रा चर्चा में आए थे। उनके ब्लॉक क्षेत्र में लाखों रुपये स्कूल वाले आरटीई के नाम पर हड़प कर गए थे। आरटीई की जांच बीआरसी स्तर से होने के बावजूद इतना घोटाला होने पर सवालिया निशान लगे थे।
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एआरपी के खिलाफ यूटा ने उठाया था मुद्दा
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनीत गंगवार ने बताया कि कलान के कंपोजिट स्कूल बाराकला के शिक्षक हरीराम से स्कूल में अनुपस्थित मिलने पर एआरपी सुशील कुमार ने दो हजार रुपये मांगे थे। इन्कार करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद हरीराम ने व्हाट्सएप ग्रुप पर रुपये मांगने की बात लिख दी तो हरीराम को निलंबित कर दिया था। बाद में हरीराम ने शपथ पत्र पर अपना पक्ष लिखकर दिया, लेकिन बीएसए ने कार्रवाई नहीं की। बल्कि मुद्दा उठाने पर विनीत को नोटिस जारी कर दिया था। विनीत ने बताया कि उसी समय भ्रष्टाचार पर शिकंजा कस जाता तो विभाग की बदनामी नहीं होती।
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मामले की अभी हमें रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने के बाद बीईओ और एआरपी पर उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार कार्रवाई करेंगे।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए
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मथुरा के थाना राया के मोहल्ला पठानपाड़ा निवासी डब्ल्यू कुमार कलान विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक हैं। गत दिनों बीईओ के निरीक्षण में स्कूल से गैरहाजिर मिलने पर उन्हें नोटिस जारी किया गया था। आरोप है कि मामले को निस्तारित करने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की गई। डब्ल्यू कुमार ने मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली से की। सोमवार को टीम के प्रभारी जितेंद्र सिंह कलान पहुंचे। दोपहर 2:13 बजे डब्ल्यू कुमार ने जैसे ही धनराशि दी, एंटी करप्शन टीम ने बीईओ व एआरपी को दबोच लिया। उन्हें कार में बैठाकर कटरा थाने ले जाया गया। आरोपियों के खिलाफ मीरानपुर कटरा थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। संवाद
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एक दिन का वेतन बहाल करने के लिए मांगे थे पांच हजार रुपये
शाहजहांपुर/मीरानपुर कटरा। कलान विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय देवहड़ा में प्रधानाध्यापक डब्ल्यू कुमार से एक दिन के कटे वेतन को बहाल करने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि सोमवार को दोपहर एआरपी सुशील कुमार ने कॉल कर उन्हें बुलाया। रुपये देते ही एंटी करप्शन टीम ने दबोच लिया।
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प्रधानाध्यापक डब्ल्यू कुमार ने 13 व 13 अगस्त को बीमार होने के चलते चिकित्सीय अवकाश के लिए आवेदन किया था। बीईओ ने आवेदन को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद फिर से पोर्टल पर चिकित्सीय अवकाश मांगा तो उसे लंबित रखा। अवकाश स्वीकृत नहीं होने पर उनका एक दिन का वेतन काट दिया गया। वेतन की बहाली के लिए डब्ल्यू कुमार कई बार बीईओ के पास गए, लेकिन उनकी बात पर सहमति नहीं बनी।
डब्ल्यू कुमार के अनुसार, बीईओ की अनुमति के बाद ही वेतन बहाल होता है। इसके लिए एआरपी के जरिये पांच हजार रुपये की मांग की गई। रिश्वत मांगे जाने पर उन्होंने एंटी करप्शन टीम से संपर्क साधा और पूरी जानकारी दी। इसके बाद टीम ने कलान आकर गोपनीय जानकारी जुटाई।
सोमवार को रुपये देने की बात तय हुई थी। वादी ने बताया कि दोपहर में एआरपी सुशील कुमार ने उन्हें कॉल कर बुलाया कि डिप्टी साहब आ गए हैं। रुपये लेकर आ जाओ। इसके बाद वह मिठाई के सामने गाड़ी में बैठे बीईओ को रुपये दे रहा था। तभी पीछे से आई एंटी करप्शन टीम ने दबोच लिया और सीधे कटरा थाने लेकर पहुंचे। वहां लंबी पूछताछ के बाद विधिक कार्रवाई की गई। वादी के अनुसार, एआरपी के जरिये ही बीईओ शिक्षकों से वसूली कराते थे। दोनों ही अफसरों पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
चपरासी व चालक को भी ले गई टीम
रुपये लेते ही एंटी करप्शन की टीम ने बीईओ, एआरपी, चपरासी व चालक को दबोच लिया। उन्हें भी कार समेत साथ ले गई। हालांकि, कार्रवाई में चपरासी और चालक का जिक्र नहीं किया गया है। कलान क्षेत्र के दो स्कूलों में आरटीई घोटाला होने के बाद से बीईओ सतीश मिश्रा चर्चा में आए थे। उनके ब्लॉक क्षेत्र में लाखों रुपये स्कूल वाले आरटीई के नाम पर हड़प कर गए थे। आरटीई की जांच बीआरसी स्तर से होने के बावजूद इतना घोटाला होने पर सवालिया निशान लगे थे।
एआरपी के खिलाफ यूटा ने उठाया था मुद्दा
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनीत गंगवार ने बताया कि कलान के कंपोजिट स्कूल बाराकला के शिक्षक हरीराम से स्कूल में अनुपस्थित मिलने पर एआरपी सुशील कुमार ने दो हजार रुपये मांगे थे। इन्कार करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इसके बाद हरीराम ने व्हाट्सएप ग्रुप पर रुपये मांगने की बात लिख दी तो हरीराम को निलंबित कर दिया था। बाद में हरीराम ने शपथ पत्र पर अपना पक्ष लिखकर दिया, लेकिन बीएसए ने कार्रवाई नहीं की। बल्कि मुद्दा उठाने पर विनीत को नोटिस जारी कर दिया था। विनीत ने बताया कि उसी समय भ्रष्टाचार पर शिकंजा कस जाता तो विभाग की बदनामी नहीं होती।
मामले की अभी हमें रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट आने के बाद बीईओ और एआरपी पर उच्च अधिकारियों के निर्देश के अनुसार कार्रवाई करेंगे।
- दिव्या गुप्ता, बीएसए