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अब किसान के सामने गेहूं काटने की चुनौती

Wed, 15 Apr 2015 07:45 PM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Wed, 15 Apr 2015 07:45 PM IST
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Before farmers The challenge of cutting wheat
बेमौसम बारिश से गेहूं की फसल बर्बाद होने के साथ अब किसानों के सामने बाकी फसल को खेत से काटने की समस्या मुंह बाए खड़ी है। हवा और बारिश से खेतों में गिरी गेहूं की फसल को काटने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। बीते वर्ष की तुलना में इस बार करीब दोगुनी मजदूरी देनी पड़ रही है।
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किसानों की मानें तो पिछले साल 10:1 पर कटाई हुई थी। यानी दस पुला काटने पर एक पूला कटाई करने वाले को दिया जाता था। इस बार मजदूर ऐसा नहीं कर रहे हैं, क्योंकि इस बार गेहूं पहले की तुलना में आधे से भी कम रह गया है। इस वजह से मजदूर अब नगद रुपये ले रहे हैं। पहले जहां 150 रुपये दिहाड़ी ली जाती थी, वही अब 200 हो गई है। इससे खेतों में कम गेहूं निकलने के साथ ही दोगुने रुपये कटाई के देने पड़ रहे हैं। पहले तो कंबाइन गिरे हुए गेहूं को उठा नहीं पाती है। वहीं जो गेहूं उठा भी रही हैं, उसमें खेत की मिट्टी मिल जाती है। इससे गेहूं को साफ करने की परेशानी अलग से बढ़ गई है।
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‘अमर उजाला’ टीम से साझा की किसानों ने अपनी व्यथा
फोटो 16 में है
गेहूं काटने को नहीं मिल रहे मजदूर: बटेश्वर  
नियामतपुर के बटेश्वर यादव का कहना है कि 30 बीघा में गेहूं की फसल उगाई थी। करीब 30 हजार रुपये का खर्च आया था। बारिश की वजह से पहले से ही फसल बर्बाद हो चुकी थी। अब शेष फसल को काटने के लिए मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं। इससे बहुत परेशान हूं।
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कंबाइन से काटने पर आ रही मिट्टी: रामऔतार
नियामतपुर के रामऔतार कहते हैं कि खुद और पटका की फसल मिलाकर 25 बीघा में गेहूं खड़ा है। इसके लिए कंबाइन से कटाने का सोची, लेकिन गिरी फसल के साथ मिट्टी भी आ रही है। इससे गेहूं खराब हो रहा है। मजदूर करके ही फसल काटनी पड़ रही है।

खुद कटाई करने पर बचे 50 किलो गेहूं: रामदास
किसान रामदास ने बताया कि उन्होंने साढ़े तीन बीघा में गेहूं की फसल की थी। इसमें करीब चार क्विंटल गेहूं निकला था, जबकि साढ़े तीन क्विंटल गेहूं पटका में चला गया। अब कटाई खुद करके 50 किलो गेहूं बच पाए, जबकि लागत के साढ़े तीन हजार रुपये पहले ही जा चुके हैं।


एक दिन गेहूं काटने की मजदूरी 200 रुपये: फूलचंद  
दाउदपुर मुरादगंज के किसान फूलचंद ने बताया कि छह बीघा में गेहूं खड़ा है। एक तो बारिश परेशान किए हुए है, दूसरा मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं। इससे खेतों में खड़ी फसल को कटवा नहीं पा रहे हैं। एक दिन गेहूं काटने के 200 रुपये मजदूरी देनी पड़ रही है।

गेहूं काटने में आड़े आ रहीं यह समस्याएं  
0 गेहूं गिरा होने की वजह से लगता दोगुना समय।
0 गेहूं कम निकलने की वजह से मजदूर करते मना।
0 एक बीघा गेहूं की फसल काटने की मजदूरी 400 रुपये।
0 गिरा गेहूं काटने में कंबाइन से हो रही दिक्कत।
0 कंबाइन से गेहूं काटने में गेहूं में मिल जाती मिट्टी।
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