{"_id":"63ee7b6a4837707a560065c9","slug":"baba-vankhandi-nath-temple-is-a-big-center-of-faith-of-shiva-devotees-shahjahanpur-news-c-4-1-bly1011-66465-2023-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाहजहाँपुर: शिवभक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है बाबा वनखंडी नाथ मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाहजहाँपुर: शिवभक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है बाबा वनखंडी नाथ मंदिर
Fri, 17 Feb 2023 12:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 17 Feb 2023 12:22 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। शहर में घंटाघर से कच्चा कटरा मार्ग पर बाबा वनखंडी नाथ मंदिर स्थित है। इसके मौजूदा स्वरूप की स्थापना 16 मार्च, 1950 को हुई थी। यह मंदिर शिवभक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है।
पुजारी अमित व्यास बताते हैं कि मंदिर के स्थान पर पहले जंगल हुआ करता था। एक बार कुछ साधु-संत विश्राम करने के लिए यहां ठहरे थे। उनमें से ही एक महात्मा को उस स्थान पर शिवमंदिर के निर्माण के लिए स्वप्न आया। जब वन की साफ-सफाई हो रही थी, तभी कुदाल भूमि में शिवलिंग से जा टकराई। इससे शिवलिंग खंडित हो गया और निशान पड़ गया। इसे हम बाबा वनखंडी नाथ के नाम से जानते हैं। मंदिर के निर्माण में शहर के सेठ लाला विशनचंद के परिवार का विशेष योगदान रहा। उनके साथ ही सेठ शिवप्रसाद ने एक मकान खरीदकर मंदिर को दान किया। 1971 में मंदिर में शिव-पार्वती परिवार की प्रतिमाएं स्थापित कराईं गईं।
-- --
महाशिवरात्रि पर फूलों से सजाया जाता है मंदिर
महाशिवरात्रि पर मंदिर को फूलों से सजाया जाता है। इसके साथ ही रोशनी से मंदिर परिसर जगमग रहता है। शनिवार को पड़ने वाली महाशिवरात्रि को लेकर भी मंदिर में तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जहां पूजा अर्चना के लिए शिवभक्त आएंगे। भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमा का दर्शन करने के साथ ही शिवलिंग का अभिषेक करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुजारी अमित व्यास बताते हैं कि मंदिर के स्थान पर पहले जंगल हुआ करता था। एक बार कुछ साधु-संत विश्राम करने के लिए यहां ठहरे थे। उनमें से ही एक महात्मा को उस स्थान पर शिवमंदिर के निर्माण के लिए स्वप्न आया। जब वन की साफ-सफाई हो रही थी, तभी कुदाल भूमि में शिवलिंग से जा टकराई। इससे शिवलिंग खंडित हो गया और निशान पड़ गया। इसे हम बाबा वनखंडी नाथ के नाम से जानते हैं। मंदिर के निर्माण में शहर के सेठ लाला विशनचंद के परिवार का विशेष योगदान रहा। उनके साथ ही सेठ शिवप्रसाद ने एक मकान खरीदकर मंदिर को दान किया। 1971 में मंदिर में शिव-पार्वती परिवार की प्रतिमाएं स्थापित कराईं गईं।
विज्ञापन
महाशिवरात्रि पर फूलों से सजाया जाता है मंदिर
महाशिवरात्रि पर मंदिर को फूलों से सजाया जाता है। इसके साथ ही रोशनी से मंदिर परिसर जगमग रहता है। शनिवार को पड़ने वाली महाशिवरात्रि को लेकर भी मंदिर में तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जहां पूजा अर्चना के लिए शिवभक्त आएंगे। भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमा का दर्शन करने के साथ ही शिवलिंग का अभिषेक करेंगे।
विज्ञापन