{"_id":"66bfc9c9c2493b59110cfe44","slug":"asaram-came-out-of-jaildaughters-father-expressed-fear-of-danger-shahjahanpur-news-c-4-bly1004-460632-2024-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: जेल से बाहर आया आसाराम...बिटिया के पिता ने जताई खतरे की आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: जेल से बाहर आया आसाराम...बिटिया के पिता ने जताई खतरे की आशंका
Sat, 17 Aug 2024 03:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 17 Aug 2024 03:21 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। दुष्कर्म के दोषी आसाराम के पैरोल पर बाहर आने के बाद पीड़िता के परिवार ने खतरा जताया है। पीड़िता के पिता ने पुलिस के अधिकारियों से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि आसाराम इलाज का बहाना कर जेल से बाहर आया है। वह अपने गुर्गों से कुछ भी करा सकता है।
शहर निवासी पीड़िता ने कथावाचक आसाराम के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। दोषी ठहराए जाने पर आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जेल की सलाखों में रहने के बाद भी आसाराम ने अपने गुर्गों के माध्यम से गवाह कृपाल सिंह की गोली मारकर हत्या कराई थी। राजस्थान उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पुलिस हिरासत में महाराष्ट्र के एक आयुर्वेदिक अस्पताल में उपचार के लिए आसाराम को सात दिन की पैरोल दी है।
पीड़िता के पिता ने बताया कि आसाराम की बीमारी का उपचार पहले से जोधपुर एम्स में चल रहा है। वहां सभी उपचार की व्यवस्था है। वह अब बीमारी का बहाना कर जेल से बाहर आया है। ऐसे में कोई आपराधिक घटना को अंजाम दे सकता है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा को बढ़ाने के लिए पुलिस अफसर से फोन पर बात की है। एसपी ने सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
शहर में गुर्गे रहते हैं सक्रिय
-आसाराम के जेल में होने के बाद भी उसके गुर्गे शहर में सक्रिय रहते हैं। आसाराम का महिमा मंडन करने वाली किताबें बांटना, शरबत बांटने और उसके प्रचार-प्रसार के लिए लोग आते रहते हैं। ऐसे में पीड़ित परिवार ने कई बार अधिकारियों से पत्राचार किया था।
-- -- -- -- -- -
-पीड़िता के पिता को गनर मिला है। घर के बाहर गारद रहती है। महीने में दो बार सुरक्षा की समीक्षा की जाती है। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा को बढ़ाया जाएगा। -अशोक कुमार मीणा, एसपी
विज्ञापन
शहर निवासी पीड़िता ने कथावाचक आसाराम के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। दोषी ठहराए जाने पर आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जेल की सलाखों में रहने के बाद भी आसाराम ने अपने गुर्गों के माध्यम से गवाह कृपाल सिंह की गोली मारकर हत्या कराई थी। राजस्थान उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पुलिस हिरासत में महाराष्ट्र के एक आयुर्वेदिक अस्पताल में उपचार के लिए आसाराम को सात दिन की पैरोल दी है।
विज्ञापन
पीड़िता के पिता ने बताया कि आसाराम की बीमारी का उपचार पहले से जोधपुर एम्स में चल रहा है। वहां सभी उपचार की व्यवस्था है। वह अब बीमारी का बहाना कर जेल से बाहर आया है। ऐसे में कोई आपराधिक घटना को अंजाम दे सकता है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा को बढ़ाने के लिए पुलिस अफसर से फोन पर बात की है। एसपी ने सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
शहर में गुर्गे रहते हैं सक्रिय
-आसाराम के जेल में होने के बाद भी उसके गुर्गे शहर में सक्रिय रहते हैं। आसाराम का महिमा मंडन करने वाली किताबें बांटना, शरबत बांटने और उसके प्रचार-प्रसार के लिए लोग आते रहते हैं। ऐसे में पीड़ित परिवार ने कई बार अधिकारियों से पत्राचार किया था।
-पीड़िता के पिता को गनर मिला है। घर के बाहर गारद रहती है। महीने में दो बार सुरक्षा की समीक्षा की जाती है। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा को बढ़ाया जाएगा। -अशोक कुमार मीणा, एसपी