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Shahjahanpur News: बाढ़ उतरते ही दिखने लगी फसलों की बर्बादी
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जलालाबाद के कसारी गांव को जाने वाला कटा रास्ता। संवाद
जलालाबाद। बाढ़ से प्रभावित नदियों के तटवर्ती गांवों के आसपास पानी लगातार कम हो रहा है, लेकिन ग्रामीणों की दिक्कतें कम नहीं हुईं हैं। पानी के तेज बहाव से कई दिन तक बाधित रहे कई गांवों के रास्ताें को सूखने में अभी समय लगेगा। लोगों को अभी दलदल और पानी भरे रास्तों से आना-जाना पड़ रहा है। बाढ़ आपदा अपने पीछे फसलों की बर्बादी के भी गहरे जख्म छोड़ गई है।
क्षेत्र की बहगुल और रामगंगा नदियां करीब दो सप्ताह से अधिक समय तक उफान पर रहने से अल्लागंज से जलालाबाद और आंशिक मदनापुर को मिलाकर तहसील क्षेत्र के करीब पांच दर्जन गांव इस दौरान पानी से घिरे रहे और सैकड़ों एकड़ फसलें भी डूबी रहीं।
मंगलवार से पानी कम होना शुरू हुआ तो खेतों का पानी नदियों में सिमटने से फसल को हुआ नुकसान भी दिखने लगा। निचले इलाके के खेतों में बोई गईं मूंगफली, रौसा, तिल, मैंथा आदि की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मक्का, बाजरा और धान की फसलें भी काफी प्रभावित हुईं हैं। मक्का के दानों का रंग मटमैला भूरा और काला हो जाने से किसान उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने को लेकर चिंतित हैं।
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कई जगह तेज बहाव से पुलिया समेत संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त
जलालाबाद। बाढ़ में लंबे समय तक जलमग्न रहे कई ग्रामीण रास्ते कट गए हैं। खंडहर क्षेत्र के गांवों समेत कसारी और तिकोला पुल से कई गांवों के लिए जाने वाले रास्तों पर पानी का तेज बहाव बना रहने से सभी मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कसारी मार्ग तीन जगह पर कई फुट पानी चलने से बह गया है। तिकोला पुल के आगे संगहा गांव के पास की पुलिया की एक दीवार रोड सहित पानी में कटकर बह गई है। पुलिया अब आवागमन के लिए खतरनाक हो गई है। पानी कम होने के बाद कसारी सहित कई गांवों तक जाने को चलाई गई नावें प्रशासन ने बंद करा दीं हैं। इस कारण ग्रामीणों को कीचड़ से भरे रास्तों से निकलना पड़ रहा है। संवाद
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क्षेत्र की बहगुल और रामगंगा नदियां करीब दो सप्ताह से अधिक समय तक उफान पर रहने से अल्लागंज से जलालाबाद और आंशिक मदनापुर को मिलाकर तहसील क्षेत्र के करीब पांच दर्जन गांव इस दौरान पानी से घिरे रहे और सैकड़ों एकड़ फसलें भी डूबी रहीं।
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मंगलवार से पानी कम होना शुरू हुआ तो खेतों का पानी नदियों में सिमटने से फसल को हुआ नुकसान भी दिखने लगा। निचले इलाके के खेतों में बोई गईं मूंगफली, रौसा, तिल, मैंथा आदि की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मक्का, बाजरा और धान की फसलें भी काफी प्रभावित हुईं हैं। मक्का के दानों का रंग मटमैला भूरा और काला हो जाने से किसान उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने को लेकर चिंतित हैं।
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कई जगह तेज बहाव से पुलिया समेत संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त
जलालाबाद। बाढ़ में लंबे समय तक जलमग्न रहे कई ग्रामीण रास्ते कट गए हैं। खंडहर क्षेत्र के गांवों समेत कसारी और तिकोला पुल से कई गांवों के लिए जाने वाले रास्तों पर पानी का तेज बहाव बना रहने से सभी मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कसारी मार्ग तीन जगह पर कई फुट पानी चलने से बह गया है। तिकोला पुल के आगे संगहा गांव के पास की पुलिया की एक दीवार रोड सहित पानी में कटकर बह गई है। पुलिया अब आवागमन के लिए खतरनाक हो गई है। पानी कम होने के बाद कसारी सहित कई गांवों तक जाने को चलाई गई नावें प्रशासन ने बंद करा दीं हैं। इस कारण ग्रामीणों को कीचड़ से भरे रास्तों से निकलना पड़ रहा है। संवाद

जलालाबाद के कसारी गांव को जाने वाला कटा रास्ता। संवाद