UP: शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद राजकीय विश्वविद्यालय बनाने की मिली मंजूरी, उच्च शिक्षा को मिलेगी उड़ान
मुमुक्षु शिक्षा संकुल के स्वामी शुकदेवानंद राजकीय विश्वविद्यालय बनना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह जिले के पठन-पाठन में मील का पत्थर साबित होगा। प्रशासनिक, मेडिकल समेत कई कक्षाएं शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा।
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शाहजहांपुर में लंबे इंतजार के बाद मुमुक्षु शिक्षा संकुल को स्वामी शुकदेवानंद राजकीय विश्वविद्यालय बनाने की मंजूरी मिल गई। मंगलवार को यूपी कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया। अब प्रशासनिक, मेडिकल समेत कई कक्षाएं शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा।
बरेली के रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अधीन करीब 300 महाविद्यालयों का संचालन होता है। काफी ज्यादा डिग्री कॉलेजों के होने के चलते कॉलेजों की बेहतर तरीके से निगरानी नहीं हो पाती थी। शिक्षा के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित करने के उद्देश्य से मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने राजकीय विश्वविद्यालय बनाने के प्रयास शुरू किए थे।
शासन ने जिला स्तर से डीआईओएस, फायर सेफ्टी व टेक्निकल टीम के जरिये मुआयना कराने के बाद रिपोर्ट तलब की। काफी उतार-चढ़ाव के बाद स्वामी चिन्यामनंद कॉलेज को यूनिवर्सिटी बनवाने में कामयाब हो गए हैं। इसके अंतर्गत कॉलेज की करीब एक अरब की संपत्ति सरकार के अधीन हो जाएगी। मंजूरी मिलने के बाद शिक्षकों ने कॉलेज में मिठाई बांटकर खुशी जताई।
उच्च शिक्षा को मिलेगी उड़ान, खत्म होगी बाहर जाने की मजबूरी
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अधीन करीब 300 महाविद्यालयों तो जिले के करीब 60 डिग्री कॉलेजों का संचालन होता है। कुछ महाविद्यालय मानक तक पूरे नहीं कर रहे हैं। ऐसे कॉलेजों की मनमानी पर रोक लगेगी और निगहबानी बढ़ जाएगी। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय बनने से शिक्षा के क्षेत्र में नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। शैक्षिक गुणवत्ता बढ़ने के साथ ही विकेंद्रीकृत व्यवस्था के अंतर्गत पठन-पाठन में सुधार हो सकेगा। नियमित कक्षाएं संचालन के साथ ही अच्छे छात्र तैयार हो सकेंगे।
जानकारों का कहना है कि अभी तक जिन पाठ्यक्रम को करने के लिए बरेली, लखनऊ, दिल्ली आदि जगहों पर जाना पड़ता था, उन प्रशासनिक, मेडिकल, इंजीनियरिंग आदि के पाठ्यक्रम की तैयारी छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय स्तर पर कर सकेंगे। इसके अलावा उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में शाहजहांपुर में नए राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना होने से शिक्षा की एक नई संस्कृति को बढ़ावा देने का अवसर मिलेगा।
कॉलेज में खुशी का माहौल
स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना की मंजूरी मिलने के बाद कॉलेज में स्टाफ ने खुशी जाहिर की। दोपहर में स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज समेत मुमुक्षु शिक्षा संकुल की सभी शिक्षण संस्थाओं के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी प्रसन्नता एवं उल्लास से सराबोर हो उठे। कॉलेज के सचिव डॉ. अवनीश मिश्रा ने कहा कि शासन का यह कदम शाहजहांपुर के युवाओं के लिए शिक्षा एवं विकास के नए द्वार खोलेगा। प्राचार्य प्रोफेसर आरके आजाद ने कहा कि जनपद के हित में शासन का निर्णय मुमुक्षु शिक्षा संकुल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के अथक प्रयासों एवं समर्पण का ही परिणाम है।
उप प्राचार्य प्रो.अनुराग अग्रवाल ने स्टाफ को बधाई दी। प्रो. प्रभात शुक्ला, प्रो.मीना शर्मा, प्रो.अजीत सिंह चारग, प्रो. आलोक मिश्रा, प्रो. आदित्य कुमार सिंह, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. शालीन कुमार सिंह, डॉ. नीलू कुमार आदि ने खुशी जताई। श्री दैवी सम्पद ब्रह्मचर्य संस्कृत महाविद्यालय में संस्था के कार्यवाहक प्राचार्य आदेश कुमार पांडेय ने हर्ष प्रकट करते हुए मिठाई बांटी। सहायक प्रवक्ता रुचि मिश्रा आदि मौजूद रहे।
1964 में स्थापित हुआ एसएस कॉलेज
एसएस कॉलेज के इतिहास विभागाध्यक्ष डाॅ. विकास खुराना ने बताया कि जिस स्थान पर आज मुमुक्षु आश्रम है, यहां आमों की बगिया थी। वर्ष 1941 में आध्यात्मिक संत स्वामी शुकदेवानंद सरस्वती अपने गुरु स्वामी एकरसानंद के साथ भ्रमण करते हुए यहां आए थे और मुमुक्षु आश्रम की स्थापना हुई। वर्ष 1942 में यहां वेदों की शिक्षा देने के लिए श्री देवी संपद संस्कृत महाविद्यालय की भी स्थापना की गई।
उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के लिए श्री देवी संपद विद्यालय भी शुरू हुआ। इसके बाद जिले में शैक्षणिक क्रांति करते हुए वर्ष 1964 में स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज, वर्ष 1989 में श्री कांची काम कोटि के शंकराचार्य द्वारा लोकार्पित श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ, वर्ष 2003 में लॉ कॉलेज की स्थापना की गई। वर्तमान में इन सभी इकाइयों में आठ हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।