{"_id":"69e7b6898fa49545ad080b8e","slug":"alcohol-is-driving-a-wedge-into-relationships-mobile-phones-are-fueling-discord-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-171213-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: रिश्तों में दरार डाल रही शराब... मोबाइल बढ़ा रहा मनमुटाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: रिश्तों में दरार डाल रही शराब... मोबाइल बढ़ा रहा मनमुटाव
विज्ञापन
शाहजहांपुर। शराब और मोबाइल रिश्तों में दरार पैदा कर रहे हैं। पति के रोजाना शराब पीकर आने पर झगड़े के चलते परिवार टूटने के कगार पर पहुंच रहे हैं। इसी तरह मोबाइल भी मनमुटाव पैदा कर रहा है। महिलाओं के मायके व अन्य रिश्तेदारों से बात करने पर भी रिश्तों पर असर पड़ रहा है। ऐसे मामले परिवार परामर्श केंद्र पर पहुंच रहे हैं।
पुलिस लाइन में परिवार परामर्श केंद्र पर हर महीने लगभग सौ पत्रावली आती हैं। इनमें सबसे ज्यादा पति के शराब पीने के चलते दंपती के बीच झगड़े के मामले होते हैं। आए दिन शराब पीने से घरेलू कलह से रिश्ते टूटने के कगार पर पहुंच रहे हैं।
परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी मधु यादव बताती हैं कि रोजाना मारपीट से परेशान होकर महिलाएं पुलिस का सहारा लेती हैं। वहां से उनकी पत्रावली केंद्र पर भेज दी जाती है। काउंसलिंग कर समझौते का प्रयास करते हैं।
विज्ञापन
--
मायके का दखल भी तोड़ रहा रिश्ते
रिश्तों की डोर को मायके का दखल भी कमजोर कर रहा है। परिवार परामर्श केंद्र पर ऐसे मामले बढ़े हैं, जिनमें मायके के दखल ने दोनों परिवारों को पुलिस तक पहुंचा दिया। केंद्र प्रभारी मधु यादव बताती हैं कि पति से छिपकर मोबाइल पर अपने मायके व अन्य रिश्तेदारों से छोटी-छोटी बातें साझा करना भी परिवारों में दरार डलवा रहा है। हर महीने 20 मामले इस तरह के आते हैं। बताया कि 50 प्रतिशत मामलों को सुलझाकर समाधान निकालने का प्रयास करते हैं।
-- --
मामला एक
सिंधौली के दंपती का विवाह लगभग आठ साल पहले हुआ था। पति शराब पीकर आए दिन मारपीट करता था। नाराज होकर महिला दो महीने पहले मायके चली गई और थाने में शिकायत दर्ज कराई। परिवार परामर्श केंद्र पर मामला पहुंचने पर उनके बीच वार्ता कराई गई। जिसके बाद पति ने शराब नहीं पीने की बात कही। उनके बीच समझौता करा दिया गया।
-- -- -- --
मामला दो
रोजा की रहने वाले दंपती का विवाह दो साल पहले हुआ था। महिला ने परिवार परामर्श केंद्र पर बताया कि पति आए दिन शराब पीकर आकर मारपीट करता है। घरेलू कलह से परेशान होकर मायके चली गई। उसके परिजनों ने थाने में तहरीर दी। मामला परिवार परामर्श केंद्र पर पहुंचा। वहां उनकी वार्ता कराकर समझौता करा दिया गया।
--
एक जनवरी से 17 अप्रैल तक केंद्र पर आईं पत्रावली
-256 प्रार्थनापत्र परिवार परामर्श केंद्र को मिले।
-31 मामलों में समझौता करा दिए गए।
-31 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई।
-40 लोगों ने न्यायालय से कार्रवाई कराई।
-15 मामलों में लोग परिवार परामर्श केंद्र पर नहीं पहुंचे।
-20 समझौते वर्ष 2025 की फाइलों के भी इस साल कराए गए।
विज्ञापन
पुलिस लाइन में परिवार परामर्श केंद्र पर हर महीने लगभग सौ पत्रावली आती हैं। इनमें सबसे ज्यादा पति के शराब पीने के चलते दंपती के बीच झगड़े के मामले होते हैं। आए दिन शराब पीने से घरेलू कलह से रिश्ते टूटने के कगार पर पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी मधु यादव बताती हैं कि रोजाना मारपीट से परेशान होकर महिलाएं पुलिस का सहारा लेती हैं। वहां से उनकी पत्रावली केंद्र पर भेज दी जाती है। काउंसलिंग कर समझौते का प्रयास करते हैं।
विज्ञापन
मायके का दखल भी तोड़ रहा रिश्ते
रिश्तों की डोर को मायके का दखल भी कमजोर कर रहा है। परिवार परामर्श केंद्र पर ऐसे मामले बढ़े हैं, जिनमें मायके के दखल ने दोनों परिवारों को पुलिस तक पहुंचा दिया। केंद्र प्रभारी मधु यादव बताती हैं कि पति से छिपकर मोबाइल पर अपने मायके व अन्य रिश्तेदारों से छोटी-छोटी बातें साझा करना भी परिवारों में दरार डलवा रहा है। हर महीने 20 मामले इस तरह के आते हैं। बताया कि 50 प्रतिशत मामलों को सुलझाकर समाधान निकालने का प्रयास करते हैं।
मामला एक
सिंधौली के दंपती का विवाह लगभग आठ साल पहले हुआ था। पति शराब पीकर आए दिन मारपीट करता था। नाराज होकर महिला दो महीने पहले मायके चली गई और थाने में शिकायत दर्ज कराई। परिवार परामर्श केंद्र पर मामला पहुंचने पर उनके बीच वार्ता कराई गई। जिसके बाद पति ने शराब नहीं पीने की बात कही। उनके बीच समझौता करा दिया गया।
मामला दो
रोजा की रहने वाले दंपती का विवाह दो साल पहले हुआ था। महिला ने परिवार परामर्श केंद्र पर बताया कि पति आए दिन शराब पीकर आकर मारपीट करता है। घरेलू कलह से परेशान होकर मायके चली गई। उसके परिजनों ने थाने में तहरीर दी। मामला परिवार परामर्श केंद्र पर पहुंचा। वहां उनकी वार्ता कराकर समझौता करा दिया गया।
एक जनवरी से 17 अप्रैल तक केंद्र पर आईं पत्रावली
-256 प्रार्थनापत्र परिवार परामर्श केंद्र को मिले।
-31 मामलों में समझौता करा दिए गए।
-31 मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई।
-40 लोगों ने न्यायालय से कार्रवाई कराई।
-15 मामलों में लोग परिवार परामर्श केंद्र पर नहीं पहुंचे।
-20 समझौते वर्ष 2025 की फाइलों के भी इस साल कराए गए।