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Shahjahanpur News: तबादले के बाद पुवायां तहसीलदार ने बैकडेट में जारी कर दिए आदेश...निलंबन की संस्तुति
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पुवायां (शाहजहांपुर)। तबादला होने के बाद बैकडेट में पत्रावलियों पर सादे पन्ने पर आदेश जारी कर वकीलों और पक्षकारों को दिए जाने के मामले में डीएम ने तत्कालीन तहसीलदार अरुण सोनकर के निलंबन की संस्तुति की है। डीएम ने पुवायां तहसीलदार को तत्कालीन तहसीलदार सहित अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश भी दिया है।
बता दें कि अरुण सोनकर को 30 अप्रैल को तहसीलदार पुवायां के पद से हटाकर सदर में तहसीलदार न्यायिक बनाया गया था। राघवेश मणि त्रिपाठी तहसीलदार पुवायां बनाए गए थे।
वर्तमान तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने 26 जून को डीएम को जानकारी दी कि वकीलों ने तहसीलदार कार्यालय में 12 पत्रावलियां प्रस्तुत कीं। इन पत्रावलियों में सादे पन्ने पर आदेश किए गए थे और इन पर तत्कालीन तहसीलदार पुवायां अरुण सोनकर के बिना दिनांक के हस्ताक्षर थे। कोई भी आदेश पोर्टल के माध्यम से जारी नहीं किया गया था। डीएम ने तत्काल अरुण सोनकर को कार्यालय बुलाकर पत्रावलियों को दिखाया तो उन्होंने स्वीकार किया कि पत्रावलियों पर उन्होंने ही हस्ताक्षर किए हैं।
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डीएम ने अरुण सोनकर से आदेशों के पृष्ठ पर नीचे स्वहस्ताक्षरित कर आदेशों को प्रमाणित करने के लिए कहा, जिसके बाद उन्होंने दिनांक सहित हस्ताक्षर कर आदेशों को प्रमाणित किया। डीएम ने एडीएम न्यायिक से जांच कराने के बाद अरुण सोनकर को भ्रष्ट आचरण का दोषी, सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन, राजस्व परिषद की न्यायिक कार्यों के निस्तारण के निर्देशों के उल्लंघन, न्यायिक अधिकारी के रूप में दायित्वों के अनुपालन में विफल मानते हुए निलंबित करने की संस्तुति की। विभागीय कार्रवाई के लिए भी राजस्व परिषद को पत्र भेजा है।
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एडीएम को जांच में मिलीं खामियां
पुवायां। डीएम ने मामला सामने आने के बाद जांच एडीएम न्यायिक को सौंपी। एडीएम ने 27 जून को दी गई जांच रिपोर्ट में बताया कि 12 पत्रावलियों की कार्रवाई में पक्षों को सूचना (इश्तेहार) जारी करने, तामीला वापस लाने, शपथपत्र अपूर्ण होने के कारण नामांतरण सूचना निरस्त किए जाने का आदेश किया गया है लेकिन पत्रावलियों में किसी भी पक्षकार को जारी इश्तेहार संलग्न नहीं है। पत्रावलियों में पुनर्स्थापन प्रार्थना संलग्न है, जिस पर तहसीलदार द्वारा स्वीकृति बिना दिनांक दर्ज है।
पत्रावलियों में पक्षकारों से बिना शपथपत्र प्राप्त किए और बिना कंप्यूटराइज्ड आदेश पत्रक (बारकोड सहित) के ही सामान्य पेपर पर बिना दिनांक के टाइपशुदा आदेश पारित कर बैनामों का नामांतरण किया गया है, जो गलत है।
एडीएम ने लिखा कि अरुण कुमार सोनकर ने तहसीलदार पुवायां के पद से तबादले के बाद बिना दिनांक और बिना कंप्यूटराइज्ड बारकोड अपने हस्ताक्षर से आदेश पारित किए हैं। पत्रावलियों के निस्तारण में मनमाना कार्य करते हुए अनियमितताएं भी बरती हैं।
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इस तरह पकड़ा गया मामला
तत्कालीन तहसीलदार अरुण सोनकर ने 12 पत्रावलियों में बैकडेट में आदेश पारित कर दिए। आदेश करने के बाद पत्रावलियों को संबंधित व्यक्तियों और वकीलों को उपलब्ध करा दिया। लाभ लेने वाले पक्षों ने इन पत्रावलियों को आरसीसीएमएस पोर्टल पर चढ़वाने के लिए वर्तमान तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी पर दबाव बनाया। वर्तमान तहसीलदार ने मामले को पकड़ लिया और डीएम के सामने पत्रावलियां पेश कर दीं।
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रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश
डीएम ने वर्तमान तहसीलदार को सभी 12 वादों में तत्कालीन तहसीलदार अरुण सोनकर, लाभ लेने वाले पक्षों, न्यायालय में काम करने वाले जिम्मेदारों और पत्रावलियों को अनियमित तरीके से उपलब्ध कराने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि डीएम के आदेश के तहत रिपोर्ट कराई जाएगी।
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इन वादों पर सादे पन्ने पर किए गए आदेश
1. वाद सं. 2420/2024 वासिद खान बनाम इब्बन खां, गांव बलेटू, धारा 34/35
2. वाद सं. 1508/2023 रेशमा बेगम बनाम गुड्डु वारसी, गांव सिंधैली, धारा 35
3. वाद सं. 2419/2024 वासिद खान बनाम शाहीन खातून, ग्राम बलेटू, धारा 34/35
4. वाद सं. 2057 हरप्रीत कौर बनाम रूपेंद्र सिंह, ग्राम खानपुर कुर्रैया, धारा 34/35
5. वाद सं. टी202512610202966, सत्तार हुसैन पुत्र लियाकत अली बनाम निजामुद्दीन पुत्र कमरुद्दीन, ग्राम बालेमऊ, धारा 34/35
6. वाद सं. 1273/2024, ऊषा देवी बनाम रामचंद्र आदि, ग्राम भौरखेड़ा ज. जिगनिया, धारा 35
7. वाद सं. 2110/2022 बलजीत कौर बनाम परमजीत सिंह, ग्राम पड़रिया दलेलपुर, धारा 35
8. वाद सं. 742/2024-25 कांति बनाम सर्वेश कुमार, ग्राम रायटांडा, धारा 34/35
9. वाद सं. 2402/2025 जागीर कौर बनाम जरनैल सिह, ग्राम देवकली, धारा 34/36
10. वाद सं. 715/23-24 श्यामलाल वर्मा आदि बनाम हरिश्चंद्र, ग्राम पड़री किशनपुर, धारा 34/35
11. वाद सं. 606 रामाज्ञा बनाम सुवेग सिंह, ग्राम धनसिंहपुर, धारा 35
12. वाद सं. 609 रामाज्ञा बनाम सुवेग सिंह, ग्राम धनसिंहपुर, धारा 35
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वर्तमान तहसीलदार के मामला संज्ञान में लाए जाने के बाद एडीएम न्यायिक से प्रकरण की जांच कराई गई थी। इसमें तत्कालीन पुवायां तहसीलदार दोषी पाए गए। उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए राजस्व परिषद को पत्र लिखा गया है। साथ ही एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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बता दें कि अरुण सोनकर को 30 अप्रैल को तहसीलदार पुवायां के पद से हटाकर सदर में तहसीलदार न्यायिक बनाया गया था। राघवेश मणि त्रिपाठी तहसीलदार पुवायां बनाए गए थे।
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वर्तमान तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने 26 जून को डीएम को जानकारी दी कि वकीलों ने तहसीलदार कार्यालय में 12 पत्रावलियां प्रस्तुत कीं। इन पत्रावलियों में सादे पन्ने पर आदेश किए गए थे और इन पर तत्कालीन तहसीलदार पुवायां अरुण सोनकर के बिना दिनांक के हस्ताक्षर थे। कोई भी आदेश पोर्टल के माध्यम से जारी नहीं किया गया था। डीएम ने तत्काल अरुण सोनकर को कार्यालय बुलाकर पत्रावलियों को दिखाया तो उन्होंने स्वीकार किया कि पत्रावलियों पर उन्होंने ही हस्ताक्षर किए हैं।
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डीएम ने अरुण सोनकर से आदेशों के पृष्ठ पर नीचे स्वहस्ताक्षरित कर आदेशों को प्रमाणित करने के लिए कहा, जिसके बाद उन्होंने दिनांक सहित हस्ताक्षर कर आदेशों को प्रमाणित किया। डीएम ने एडीएम न्यायिक से जांच कराने के बाद अरुण सोनकर को भ्रष्ट आचरण का दोषी, सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन, राजस्व परिषद की न्यायिक कार्यों के निस्तारण के निर्देशों के उल्लंघन, न्यायिक अधिकारी के रूप में दायित्वों के अनुपालन में विफल मानते हुए निलंबित करने की संस्तुति की। विभागीय कार्रवाई के लिए भी राजस्व परिषद को पत्र भेजा है।
एडीएम को जांच में मिलीं खामियां
पुवायां। डीएम ने मामला सामने आने के बाद जांच एडीएम न्यायिक को सौंपी। एडीएम ने 27 जून को दी गई जांच रिपोर्ट में बताया कि 12 पत्रावलियों की कार्रवाई में पक्षों को सूचना (इश्तेहार) जारी करने, तामीला वापस लाने, शपथपत्र अपूर्ण होने के कारण नामांतरण सूचना निरस्त किए जाने का आदेश किया गया है लेकिन पत्रावलियों में किसी भी पक्षकार को जारी इश्तेहार संलग्न नहीं है। पत्रावलियों में पुनर्स्थापन प्रार्थना संलग्न है, जिस पर तहसीलदार द्वारा स्वीकृति बिना दिनांक दर्ज है।
पत्रावलियों में पक्षकारों से बिना शपथपत्र प्राप्त किए और बिना कंप्यूटराइज्ड आदेश पत्रक (बारकोड सहित) के ही सामान्य पेपर पर बिना दिनांक के टाइपशुदा आदेश पारित कर बैनामों का नामांतरण किया गया है, जो गलत है।
एडीएम ने लिखा कि अरुण कुमार सोनकर ने तहसीलदार पुवायां के पद से तबादले के बाद बिना दिनांक और बिना कंप्यूटराइज्ड बारकोड अपने हस्ताक्षर से आदेश पारित किए हैं। पत्रावलियों के निस्तारण में मनमाना कार्य करते हुए अनियमितताएं भी बरती हैं।
इस तरह पकड़ा गया मामला
तत्कालीन तहसीलदार अरुण सोनकर ने 12 पत्रावलियों में बैकडेट में आदेश पारित कर दिए। आदेश करने के बाद पत्रावलियों को संबंधित व्यक्तियों और वकीलों को उपलब्ध करा दिया। लाभ लेने वाले पक्षों ने इन पत्रावलियों को आरसीसीएमएस पोर्टल पर चढ़वाने के लिए वर्तमान तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी पर दबाव बनाया। वर्तमान तहसीलदार ने मामले को पकड़ लिया और डीएम के सामने पत्रावलियां पेश कर दीं।
रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश
डीएम ने वर्तमान तहसीलदार को सभी 12 वादों में तत्कालीन तहसीलदार अरुण सोनकर, लाभ लेने वाले पक्षों, न्यायालय में काम करने वाले जिम्मेदारों और पत्रावलियों को अनियमित तरीके से उपलब्ध कराने वालों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि डीएम के आदेश के तहत रिपोर्ट कराई जाएगी।
इन वादों पर सादे पन्ने पर किए गए आदेश
1. वाद सं. 2420/2024 वासिद खान बनाम इब्बन खां, गांव बलेटू, धारा 34/35
2. वाद सं. 1508/2023 रेशमा बेगम बनाम गुड्डु वारसी, गांव सिंधैली, धारा 35
3. वाद सं. 2419/2024 वासिद खान बनाम शाहीन खातून, ग्राम बलेटू, धारा 34/35
4. वाद सं. 2057 हरप्रीत कौर बनाम रूपेंद्र सिंह, ग्राम खानपुर कुर्रैया, धारा 34/35
5. वाद सं. टी202512610202966, सत्तार हुसैन पुत्र लियाकत अली बनाम निजामुद्दीन पुत्र कमरुद्दीन, ग्राम बालेमऊ, धारा 34/35
6. वाद सं. 1273/2024, ऊषा देवी बनाम रामचंद्र आदि, ग्राम भौरखेड़ा ज. जिगनिया, धारा 35
7. वाद सं. 2110/2022 बलजीत कौर बनाम परमजीत सिंह, ग्राम पड़रिया दलेलपुर, धारा 35
8. वाद सं. 742/2024-25 कांति बनाम सर्वेश कुमार, ग्राम रायटांडा, धारा 34/35
9. वाद सं. 2402/2025 जागीर कौर बनाम जरनैल सिह, ग्राम देवकली, धारा 34/36
10. वाद सं. 715/23-24 श्यामलाल वर्मा आदि बनाम हरिश्चंद्र, ग्राम पड़री किशनपुर, धारा 34/35
11. वाद सं. 606 रामाज्ञा बनाम सुवेग सिंह, ग्राम धनसिंहपुर, धारा 35
12. वाद सं. 609 रामाज्ञा बनाम सुवेग सिंह, ग्राम धनसिंहपुर, धारा 35
वर्तमान तहसीलदार के मामला संज्ञान में लाए जाने के बाद एडीएम न्यायिक से प्रकरण की जांच कराई गई थी। इसमें तत्कालीन पुवायां तहसीलदार दोषी पाए गए। उनके खिलाफ निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए राजस्व परिषद को पत्र लिखा गया है। साथ ही एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम