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Shahjahanpur News: महिला की मौत के बाद हंगामा...निजी अस्पताल पर जड़ा ताला, लगाया जाम
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निगोही में हंगामे के बाद मृतकों के परिजनों से वार्ता करते सीओ सदर प्रयांक जैन। संवाद
निगोही (शाहजहांपुर)। गांव संडा खास निवासी रमेश की 35 वर्षीय पत्नी पुष्पा देवी की बरेली के निजी अस्पताल में मौत हो गई। रविवार की शाम को परिजनों ने शव को कस्बे के विनायक अस्पताल के गेट पर रखकर हंगामा कर दिया। ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल पर ताला लगाकर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे बाद परिजनों ने जाम खोला। देर रात पुलिस ने डॉ. शन्नी विनायक समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली।
रमेश ने बताया कि तीन जनवरी को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी पुष्पा देवी को विनायक अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल संचालक ने मरीज को खतरा बताकर ऑपरेशन की बात कही। तीस हजार रुपया जमा कराने के बाद अस्पताल के अंदर ऑपरेशन के लिए ले गए। डॉक्टर के साथ में रिंकी, शिवरतन सिंह, वैभव, सेन बहादुर थे।
15 से 20 मिनट के बाद उन्हें बताया गया कि बड़े ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हो गया। ऑपरेशन के पांच दिन के बाद अस्पताल से छुट्टी कर दी, लेकिन पुष्पा की हालत में सुधार नहीं हुआ। रमेश के अनुसार, उसने पत्नी की तबीयत ठीक नहीं होने की बात बताई थी, लेकिन डॉक्टर ने पांच दिन ही भर्ती रखने की बात कहते हुए घर भेज दिया।
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घर जाने पर पुष्पा की तबीयत अधिक खराब होती चली गई। पुष्पा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद से पेशाब नहीं आई है। इसके चलते वह काफी परेशान है और दर्द हो रहा है। आठ जनवरी को दोबारा अस्पताल लाए। डॉक्टर ने जांच करने के बाद कहीं और ले जाने की बात कही। आरोप लगाया कि इलाज करने के लिए कहने पर डॉक्टर ने गाली-गलौज की। इसके बाद पुष्पा को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां जांच में पता चला कि पुष्पा की पेशाब की नली क्षतिग्रस्त होने के कारण गुर्दों पर भी असर पड़ा है।
रमेश ने बताया कि 15 दिन तक चले इलाज के बाद शनिवार रात पत्नी की मौत हो गई। उन्होंने विनायक अस्पताल के डॉक्टर पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने रास्ता जाम कर दिया। इसके बाद अस्पताल के गेट पर ताला भी जड़ दिया।
इस बीच पुलिस ने पूर्व प्रधान के भांजे को थाने भेज दिया। परिजनों की मांग पर पुलिस ने एक घंटे के बाद उसे छोड़ दिया। इस बीच सीओ सदर प्रयांक जैन भी पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। रमेश की तहरीर पर डॉ.शन्नी विनायक, रिंकी, शिवरतन सिंह, वैभव, सेन बहादुर के खिलाफ बीएनएस की धारा 105, 352 व अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। सीओ सदर प्रयांक जैन ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सीएचसी प्रभारी डॉ. नितिन चौधरी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने की कोशिश की गई पर संपर्क नहीं हो सका।
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रमेश ने बताया कि तीन जनवरी को प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी पुष्पा देवी को विनायक अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल संचालक ने मरीज को खतरा बताकर ऑपरेशन की बात कही। तीस हजार रुपया जमा कराने के बाद अस्पताल के अंदर ऑपरेशन के लिए ले गए। डॉक्टर के साथ में रिंकी, शिवरतन सिंह, वैभव, सेन बहादुर थे।
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15 से 20 मिनट के बाद उन्हें बताया गया कि बड़े ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हो गया। ऑपरेशन के पांच दिन के बाद अस्पताल से छुट्टी कर दी, लेकिन पुष्पा की हालत में सुधार नहीं हुआ। रमेश के अनुसार, उसने पत्नी की तबीयत ठीक नहीं होने की बात बताई थी, लेकिन डॉक्टर ने पांच दिन ही भर्ती रखने की बात कहते हुए घर भेज दिया।
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घर जाने पर पुष्पा की तबीयत अधिक खराब होती चली गई। पुष्पा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद से पेशाब नहीं आई है। इसके चलते वह काफी परेशान है और दर्द हो रहा है। आठ जनवरी को दोबारा अस्पताल लाए। डॉक्टर ने जांच करने के बाद कहीं और ले जाने की बात कही। आरोप लगाया कि इलाज करने के लिए कहने पर डॉक्टर ने गाली-गलौज की। इसके बाद पुष्पा को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां जांच में पता चला कि पुष्पा की पेशाब की नली क्षतिग्रस्त होने के कारण गुर्दों पर भी असर पड़ा है।
रमेश ने बताया कि 15 दिन तक चले इलाज के बाद शनिवार रात पत्नी की मौत हो गई। उन्होंने विनायक अस्पताल के डॉक्टर पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने रास्ता जाम कर दिया। इसके बाद अस्पताल के गेट पर ताला भी जड़ दिया।
इस बीच पुलिस ने पूर्व प्रधान के भांजे को थाने भेज दिया। परिजनों की मांग पर पुलिस ने एक घंटे के बाद उसे छोड़ दिया। इस बीच सीओ सदर प्रयांक जैन भी पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। रमेश की तहरीर पर डॉ.शन्नी विनायक, रिंकी, शिवरतन सिंह, वैभव, सेन बहादुर के खिलाफ बीएनएस की धारा 105, 352 व अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। सीओ सदर प्रयांक जैन ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सीएचसी प्रभारी डॉ. नितिन चौधरी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने की कोशिश की गई पर संपर्क नहीं हो सका।