पुवायां। पुवायां के जसवंत पैलेस में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम के बाद शुक्रवार को कन्या भोज और भंडारे का आयोजन किया गया।
भंडारे से पूर्व आचार्य रासबिहारी ने कहा कि लोगों को श्रीमद्भागवत कथा का पाठ कराना चाहिए। कथा कराने में दिक्कत हो तो कथा का श्रवण जरूर करना चाहिए। सत्संग से विकार नष्ट होते हैं और पुण्य लाभ मिलता है। भागवत कथा से धुंधकारी जैसे प्रेत तक तर गए। आचार्य ने यज्ञ की महत्ता भी बताई। आचार्य के कहा कि काम, क्रोध, लोभ, मोह को त्याग कर भगवान का भजन करने वाले को भगवान अपने श्रीचरणों में स्थान देते हैं।
कथा के बाद भंडारे में आसपास के गांवों से भी काफी संख्या में लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर जसवंत सिंह, जसप्रीत सिंह, अजीत गुप्ता, राकेश यादव, सुनील कुमार, मोहित, अजय प्रजापति आदि मौजूद रहे। संवाद