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वायदे पूरे न करने पर बिफरे वकील
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 03 Mar 2015 11:29 PM IST
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अधिवक्ता कल्याणकारी योजनाओं को लागू कराने की मांग को लेकर यूपी बार कौंसिल के आह्वान पर सेंट्रल बार के वकीलों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। इसके अलावा पुवायां में भी तहसील और सिविल बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने प्रदर्शन किया।
मंगलवार को वकील कचहरी परिसर में एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदेश सरकार का पुतला फूंक दिया। वकीलों ने ज्ञापन एडीएम पीके श्रीवास्तव को सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ता बीमा राशि को पांच लाख करने, नए वकीलों का मानदेय, वृद्ध वकीलों को पेंशन दिलाने आदि की मांग की गई हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि अगर यह मांगे नहीं मानी गईं तो 23 मार्च को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसके बाद वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। प्रदर्शन करने वालों में बार अध्यक्ष अमोघ चंद्र दीक्षित, महासचिव राजीव गुप्ता, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह बजाज, पूर्व महासचिव संजय मिश्र, राजेश अवस्थी, अतुल श्रीवास्तव, दीप गुप्ता, विनीत त्रिपाठी, रजनीश सिंह, भवनीश मिश्र, जलीश खां, महेंद्रपाल आदि शामिल रहे। बता दें कि इन्हीं मांगों को लेकर 20 और 27 फरवरी को हड़ताल हो चुकी है।
पुवायां। तहसील बार संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा और महामंत्री जयशंकर अवस्थी ने कहा कि एक जनवरी 2014 से अधिवक्ता कल्याण निधि से मृतक वकीलों के परिवार के लोगों को पांच लाख रुपये दिए जाने के मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वकीलों का पांच लाख रुपये का बीमा कराए जाने का प्रस्ताव भी किया गया था। इसमें भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यूपी के नए वकीलों को दो हजार रुपये मासिक भत्ता देने का प्रस्ताव भी अभी तक लागू नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने 30 मार्च 2013 और 25 जनवरी 2014 को अधिवक्ता भवन के उद्घाटन के अवसर पर उक्त मांगों को पूरा करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की गई।
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वकील तहसील परिसर से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राजीव चौक पहुंचे और पुतला दहन किया। इस मौके पर विनय मिश्रा, सुभाषचंद्र शुक्ला, अरुण शुक्ला, देवेश गुप्ता, वीरेंद्र यादव, अनिल सिंह, प्रभाकर मिश्रा, नीरज सिंह, इंद्रजीत वर्मा, संतोष सिंह, चंद्रशेखर, जयंत गुप्ता, राकेश त्रिवेदी, कलक्टर सिंह, अरविंद मिश्रा, दशरथ वर्मा आदि मौजूद रहे।
जलालाबाद में वकीलों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
जलालाबाद। सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष शर्मा के नेतृत्व में तहसील के अधिवक्ताओं ने विभिन्न मांगों से संबंधित राज्यपाल को संबोधित तीन सूत्री ज्ञापन एसडीएम जंगबहादुर यादव को दिया। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए जारी की गई योजनाओं को लागू कराने, प्रदेश के विभिन्न जगहों पर अधिवक्ताओं की हत्याओं पर अंकुश लगाने तथा वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित कराए जाने संबंधी मांगें शामिल हैं। उधर, बार एसोसिएशन से जुड़े वकील बार कौंसिल ऑफ उप्र के आह्वान पर न्यायिक कार्यों से विरत रहे तथा प्रदेश सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व में इन अधिवक्ताओं ने बार संघ कार्यालय पर बैठक कर प्रदेश सरकार की कार्यशैली की आलोचना की और मांगे पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया।
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मंगलवार को वकील कचहरी परिसर में एकत्र हुए। यहां से नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रदेश सरकार का पुतला फूंक दिया। वकीलों ने ज्ञापन एडीएम पीके श्रीवास्तव को सौंपा। ज्ञापन में अधिवक्ता बीमा राशि को पांच लाख करने, नए वकीलों का मानदेय, वृद्ध वकीलों को पेंशन दिलाने आदि की मांग की गई हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि अगर यह मांगे नहीं मानी गईं तो 23 मार्च को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसके बाद वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। प्रदर्शन करने वालों में बार अध्यक्ष अमोघ चंद्र दीक्षित, महासचिव राजीव गुप्ता, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह बजाज, पूर्व महासचिव संजय मिश्र, राजेश अवस्थी, अतुल श्रीवास्तव, दीप गुप्ता, विनीत त्रिपाठी, रजनीश सिंह, भवनीश मिश्र, जलीश खां, महेंद्रपाल आदि शामिल रहे। बता दें कि इन्हीं मांगों को लेकर 20 और 27 फरवरी को हड़ताल हो चुकी है।
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पुवायां। तहसील बार संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश मिश्रा और महामंत्री जयशंकर अवस्थी ने कहा कि एक जनवरी 2014 से अधिवक्ता कल्याण निधि से मृतक वकीलों के परिवार के लोगों को पांच लाख रुपये दिए जाने के मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वकीलों का पांच लाख रुपये का बीमा कराए जाने का प्रस्ताव भी किया गया था। इसमें भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यूपी के नए वकीलों को दो हजार रुपये मासिक भत्ता देने का प्रस्ताव भी अभी तक लागू नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ने 30 मार्च 2013 और 25 जनवरी 2014 को अधिवक्ता भवन के उद्घाटन के अवसर पर उक्त मांगों को पूरा करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की गई।
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वकील तहसील परिसर से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राजीव चौक पहुंचे और पुतला दहन किया। इस मौके पर विनय मिश्रा, सुभाषचंद्र शुक्ला, अरुण शुक्ला, देवेश गुप्ता, वीरेंद्र यादव, अनिल सिंह, प्रभाकर मिश्रा, नीरज सिंह, इंद्रजीत वर्मा, संतोष सिंह, चंद्रशेखर, जयंत गुप्ता, राकेश त्रिवेदी, कलक्टर सिंह, अरविंद मिश्रा, दशरथ वर्मा आदि मौजूद रहे।
जलालाबाद में वकीलों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
जलालाबाद। सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष शर्मा के नेतृत्व में तहसील के अधिवक्ताओं ने विभिन्न मांगों से संबंधित राज्यपाल को संबोधित तीन सूत्री ज्ञापन एसडीएम जंगबहादुर यादव को दिया। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए जारी की गई योजनाओं को लागू कराने, प्रदेश के विभिन्न जगहों पर अधिवक्ताओं की हत्याओं पर अंकुश लगाने तथा वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित कराए जाने संबंधी मांगें शामिल हैं। उधर, बार एसोसिएशन से जुड़े वकील बार कौंसिल ऑफ उप्र के आह्वान पर न्यायिक कार्यों से विरत रहे तथा प्रदेश सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व में इन अधिवक्ताओं ने बार संघ कार्यालय पर बैठक कर प्रदेश सरकार की कार्यशैली की आलोचना की और मांगे पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला लिया।