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पार्किंग स्थल के अभाव में लगता है जाम
Shahjahanpur
Updated Sat, 14 Jun 2014 05:34 AM IST
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आम लोगों के साथ-साथ व्यापारी भी प्रभावित
- लोग बाजार में खड़े कर देते है उल्टे-सीधे वाहन, पार्किंग स्थल चिह्नित न होने के कारण पुलिस भी बचती है कार्रवाई से
सबसे खराब स्थिति
चौकी अंजान के पास, सदर बाजार, मालखाना मोड़, अंटा चौराहा, मशीनरी मार्केट, जलालनगर इलाका।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। अमर उजाला द्वारा पिछले दिनों कराए गए मंथन में एक बात यह सामने आई थी कि शहर के विकास की गति को ‘जाम’ ने रोक दिया है। पार्किंग स्थल न होने के कारण शहर के संकरे रास्तों पर साइड और बीचोबीच वाहन खड़े करना मजबूरी तो है, मगर बेतरतीब तरीका इस जाम को भयानक रूप देता जा रहा है। इस जाम ने व्यापार चौपट कर दिया है।
शहर में जाम की सबसे खराब स्थिति चौकी अंजान के पास, सदर बाजार, मालखाना मोड़, अंटा चौराहा, मशीनरी मार्केट, जलालनगर इलाकों की है। ये वो इलाके हैं, जहां सर्राफा समेत तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। हालत यह है कि अब शाहजहांपुर के लोग अपने ही शहर में खरीददारी नहीं करते, बल्कि बरेली जाते हैं। उन्हें लगता है कि कहां जाम में फंसेंगे। वहीं इन रास्तों से गुजरने वाले आम लोग भी प्रभावित होते हैं, कितने ही जरूरी काम से जा रहे हों, समय बर्बाद हो जाता है। नगर पालिका की तरफ से भी शहर में कोई पार्किंग स्थल चिह्नित नहीं किए गए। जिसकी वजह से पुलिस भी अवैध रूप से खड़े वाहनों पर कार्रवाई नहीं कर पाती।
यह है व्यापारियों का कहना
शहर में चार और दो पहिया वाहनों के लिए कोई भी पार्किंग स्थल नहीं है। इस वजह से जहां इच्छा होती है, लोग अपने वाहन खड़े कर देते है। इन वाहनों की वजह से जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। जाम की भरपाई बाजार के दुकानदारों का अपना नुकसान करके उठानी पड़ती है। भीड़ देखकर ग्राहक बाजार में घुसना नहीं चाहते हैं।
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- अतीक अहमद, इलेक्ट्रानिक्स व्यापारी
शहर में पार्किंग स्थल न होने की वजह से जाम की समस्या बनी रहती है। नगर पालिका ने पार्किंग के लिए कोई स्थान तय नहीं किया है। लोग बगैर किसी रोकटोक के अपने वाहन बाजार में लेकर घुस आते हैं। ऐसे में पुलिस के सामने यह समस्या आती है कि वह किस पर कार्रवाई करे और किस पर कार्रवाई न करे।
-अखिल कपूर, इलेक्ट्रानिक्स व्यापारी
शहर में चार पहिया हल्के वाहनों की कहीं भी नो इंट्री नहीं है। इसकी वजह से लोग अपने वाहन लेकर बाजार में घुस आते है। यही वजह है कि अक्सर बहादुरगंज से लेकर सदर बाजार तक जाम की समस्या बनी रहती है। लोगों के सामने मुश्किल यह कि कोई वैधानिक पार्किंग स्थल न होने की वजह से वे अपने वाहन कहां सुरक्षित खड़ा करें।
-राजीव त्रिवेदी, टेंट व्यवसायी
शहर में पार्किंग स्थल न होने की वजह से लोग अपने वाहन बीच बाजार में ले जाकर खड़े कर देते हैं। इसकी वजह से जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। भीड़ से बचने के लिए लोग खरीददारी करने के लिए बाजार में घुसना ही नहीं चाहते है। इसकी वजह से हम लोगों का कारोबार भी प्रभावित होता है।
- गुलजार कुरैशी, कबाड़ व्यापारी
नगर पालिका को चिह्नित
करने चाहिए पार्किंग स्थल
शहर में कोई चिहिन्त पार्किंग स्थल नहीं है। लोगों के सामने समस्या है कि वह अपने वाहन कहां सुरक्षित खड़ा करें। पुलिस भी कहां तक लोगों के पीछे डंडा लेकर घूमती रहेगी। नगर पालिका को पार्किंग स्थल चिह्नित करना चाहिए। पार्किंग से मिलने वाले शुल्क से वाहनों की सुरक्षा के लिए किसी को तैनात करना चाहिए।
- राजेश्वर सिंह, सीओ सिटी
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- लोग बाजार में खड़े कर देते है उल्टे-सीधे वाहन, पार्किंग स्थल चिह्नित न होने के कारण पुलिस भी बचती है कार्रवाई से
सबसे खराब स्थिति
चौकी अंजान के पास, सदर बाजार, मालखाना मोड़, अंटा चौराहा, मशीनरी मार्केट, जलालनगर इलाका।
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। अमर उजाला द्वारा पिछले दिनों कराए गए मंथन में एक बात यह सामने आई थी कि शहर के विकास की गति को ‘जाम’ ने रोक दिया है। पार्किंग स्थल न होने के कारण शहर के संकरे रास्तों पर साइड और बीचोबीच वाहन खड़े करना मजबूरी तो है, मगर बेतरतीब तरीका इस जाम को भयानक रूप देता जा रहा है। इस जाम ने व्यापार चौपट कर दिया है।
शहर में जाम की सबसे खराब स्थिति चौकी अंजान के पास, सदर बाजार, मालखाना मोड़, अंटा चौराहा, मशीनरी मार्केट, जलालनगर इलाकों की है। ये वो इलाके हैं, जहां सर्राफा समेत तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। हालत यह है कि अब शाहजहांपुर के लोग अपने ही शहर में खरीददारी नहीं करते, बल्कि बरेली जाते हैं। उन्हें लगता है कि कहां जाम में फंसेंगे। वहीं इन रास्तों से गुजरने वाले आम लोग भी प्रभावित होते हैं, कितने ही जरूरी काम से जा रहे हों, समय बर्बाद हो जाता है। नगर पालिका की तरफ से भी शहर में कोई पार्किंग स्थल चिह्नित नहीं किए गए। जिसकी वजह से पुलिस भी अवैध रूप से खड़े वाहनों पर कार्रवाई नहीं कर पाती।
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यह है व्यापारियों का कहना
शहर में चार और दो पहिया वाहनों के लिए कोई भी पार्किंग स्थल नहीं है। इस वजह से जहां इच्छा होती है, लोग अपने वाहन खड़े कर देते है। इन वाहनों की वजह से जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। जाम की भरपाई बाजार के दुकानदारों का अपना नुकसान करके उठानी पड़ती है। भीड़ देखकर ग्राहक बाजार में घुसना नहीं चाहते हैं।
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- अतीक अहमद, इलेक्ट्रानिक्स व्यापारी
शहर में पार्किंग स्थल न होने की वजह से जाम की समस्या बनी रहती है। नगर पालिका ने पार्किंग के लिए कोई स्थान तय नहीं किया है। लोग बगैर किसी रोकटोक के अपने वाहन बाजार में लेकर घुस आते हैं। ऐसे में पुलिस के सामने यह समस्या आती है कि वह किस पर कार्रवाई करे और किस पर कार्रवाई न करे।
-अखिल कपूर, इलेक्ट्रानिक्स व्यापारी
शहर में चार पहिया हल्के वाहनों की कहीं भी नो इंट्री नहीं है। इसकी वजह से लोग अपने वाहन लेकर बाजार में घुस आते है। यही वजह है कि अक्सर बहादुरगंज से लेकर सदर बाजार तक जाम की समस्या बनी रहती है। लोगों के सामने मुश्किल यह कि कोई वैधानिक पार्किंग स्थल न होने की वजह से वे अपने वाहन कहां सुरक्षित खड़ा करें।
-राजीव त्रिवेदी, टेंट व्यवसायी
शहर में पार्किंग स्थल न होने की वजह से लोग अपने वाहन बीच बाजार में ले जाकर खड़े कर देते हैं। इसकी वजह से जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। भीड़ से बचने के लिए लोग खरीददारी करने के लिए बाजार में घुसना ही नहीं चाहते है। इसकी वजह से हम लोगों का कारोबार भी प्रभावित होता है।
- गुलजार कुरैशी, कबाड़ व्यापारी
नगर पालिका को चिह्नित
करने चाहिए पार्किंग स्थल
शहर में कोई चिहिन्त पार्किंग स्थल नहीं है। लोगों के सामने समस्या है कि वह अपने वाहन कहां सुरक्षित खड़ा करें। पुलिस भी कहां तक लोगों के पीछे डंडा लेकर घूमती रहेगी। नगर पालिका को पार्किंग स्थल चिह्नित करना चाहिए। पार्किंग से मिलने वाले शुल्क से वाहनों की सुरक्षा के लिए किसी को तैनात करना चाहिए।
- राजेश्वर सिंह, सीओ सिटी