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चीनी मिल के ‘कील-कांटे’ दुरुस्त कराने में जुटे अफसर

Sun, 22 Dec 2013 05:50 AM IST
Shahjahanpur
Shahjahanpur Updated Sun, 22 Dec 2013 05:50 AM IST
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शनिवार को मिल की मशीनों का किया गया ट्रायल
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- प्रमुख सचिव बोले, एक बार चले तो चलती रहे मिल
- मंडलायुक्त, डीआईजी, डीएम ने दूसरी व्यवस्थाएं भी परखीं
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। किसान सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ करने आ रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा व्यवस्था और सभा स्थल का जायजा लेने के लिए तमाम अधिकारी शनिवार को मिल पहुंचे। साथ ही दुरुस्त हो चुकी मशीनों के बारे में जानकारी ली, जो कमियां थीं, उन्हें दूर करने को कहा गया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सोमवार को मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ करने के साथ ही मिल गेट पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उनके हेलीकाप्टर के उतरने के लिए मिल परिसर में ही धर्मकांटे के पास हैलीपैड बनाया जा रहा है। प्रमुख सचिव गन्ना विकास और चीनी उद्योग राहुल भटनागर शनिवार को चीनी मिल पहुंचे। उन्होंने मिल की मशीनों का निरीक्षण किया और मरम्मत कार्य सुचारू रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरम्मत इस तरह से होनी चाहिए कि मिल चलने के बाद बंद होने की स्थिति पैदा नहीं हो। मंडलायुक्त हरदीप सिंह और डीआईजी आरकेएस राठौर भी मिल परिसर पहुंचे और हैलीपैड, मिल केन यार्ड और सभा स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरूस्त बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। डीएम राजमणि यादव ने भी मिल में मौजूद रहकर मंच, हैलीपैड, सभा स्थल का कई बार निरीक्षण किया और जरूरी निर्देश दिए।
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मिल की मरम्मत का काम देख रही आईसीसीपीएल कंपनी की एमडी सिमरन, तकनीकी सलाहकार पीके सेहरावत के साथ चीनी मिल पहुंची और मिल की मरम्मत कार्य देखने के साथ ही अधिकारियों को कार्य की प्रगति के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कार्य पूरी गुणवत्ता से और समय से पूरा कर लिया गया है। शनिवार को मिल की मशीनों का ट्रायल भी किया गया। चीनी मिल संघ के एमडी वीके यादव, सीएमओ एसके सिंह, एडीएम वित्त राजस्व पीके श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन शिवपूजन, एएसपी सिटी एसपी उपाध्याय, एएसपी देहात शिवशंकर यादव, एसडीएम विनय पाठक, सीओ बसंतलाल भी पूरे दिन मिल में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
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हैलीपैड और मंच के निर्माण
में लगाए गए बाल श्रमिक
- एक बच्चा तो स्कूल ड्रेस में ही काम करता देखा गया
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। नाबालिगों से काम कराने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते रहने वाले अधिकारी आज मुख्यमंत्री के लिए बन रहे हैलीपैड और मंच पर काम कर रहे नाबालिग श्रमिकों की ओर से आंख बंद किए रहे। भीषण सर्दी में कई किशोर ईंट और मिट्टी का कार्य करते देखे गए।
मुख्यमंत्री के पुवायां आने का कार्यक्रम अचानक तय होने के बाद अधिकारियों के सामने हैलीपैड और मंच का निर्माण कराने की चुनौती थी। इसके लिए बड़ी संख्या में श्रमिकों की जरूरत थी। श्रमिक कम मिलने पर मिल के पास के गांव से तमाम नाबालिगों को काम करने के लिए बुला लिया गया। हद तो यह हुई कि एक बच्चा स्कूल ड्रेस में ही था। किशोरों के काम करने के दौरान तमाम बड़े अधिकारी भी हैलीपैड और मंच स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे, लेकिन किशोरों को काम करते देख किसी ने भी एतराज करने की जरूरत नहीं समझी। मीडिया के कैमरों का फोकस बाल श्रमिकों की ओर हुआ तो काम करा रहे एक व्यक्ति ने किशोर और बच्चों को आनन फानन में मौके से भगा दिया।


राख से भरे गए गड्ढे
पुवायां। हैलीपैड से सभास्थल तक आने से लिए मुख्यमंत्री को जिस रास्ते से गुजरना है वह बेहद जर्जर है। शुक्रवार को डीएम ने पीडब्लूडी अधिकारियों को रास्ते की मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे। शनिवार को मार्ग के गहरे गड्ढों में राख भरकर समतल बनाने का काम कर दिया गया। इससे मुख्यमंत्री का काफिले निकलते समय उड़ने वाली राख से मुख्यमंत्री के साथ में चलने वाले वाहन और सुरक्षा व्यवस्था में लगे जवानों को भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।




मधुमक्खियां बन
सकती हैं मुसीबत
पुवायां। मुख्यमंत्री के मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ करने के समय ट्रकों और ट्रॉलियों से गन्ना उठाकर चेन में डालने वाली क्रेन के ऐंगिल में लगे मधुमक्खियों के छत्ते मुसीबत बन सकते हैं। शोर शराबे और हैलीकाप्टर के लिए धुआं किए जाने के समय यदि मधुमक्खियां भड़क उठीं तो भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।



तीन हिस्सों में रहेगी पूरी
सुरक्षा व्यवस्था: डीआईजी
पुवायां। डीआईजी आरकेएस राठौर ने कहा कि चीनी मिल आ रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा व्यवस्था को तीन भागों में बांटा गया है। वह मिल परिसर में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
श्री राठौर ने कहा कि हैलीपैड से उतरने के बाद मुख्यमंत्री मिल के केन यार्ड और फिर वहां से सभा स्थल पर जाएंगे। मुख्यमंत्री की सुरक्षा तीन हिस्सों में हैलीपैड, केन यार्ड और मंच रहेगी। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने खुद सभी स्थान चिन्हित कर पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस फोर्स की व्यवस्था कर ली गई है।


90 प्रतिशत टेस्टिंग कार्य पूरा
पुवायां। किसान सहकारी चीनी मिल के जीएम एएस पोरस ने कहा कि मिल की मशीनों की 90 प्रतिशत टेस्टिंग पूरी हो गई है। सभी मशीनें ठीक से कार्य कर रही हैं। रविवार और फिर सोमवार सुबह किसानों को पर्ची वितरण का कार्य करा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के शुभारंभ करने के बाद 25 दिसंबर से किसान मिल को गन्ने की आपूर्ति शुरू कर देंगे और पेराई सत्र विधिवत शुरू हो जाएगा।



सीएम के आने से जगी
पुराने कर्मियों को उम्मीदें
- मिल पर पुराने कर्मियों का बकाया है 1609.55 लाख रुपया
अमर उजाला ब्यूरो
पुवायां। मुख्यमंत्री के पुवायां आकर चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ करने से पुराने कर्मचारियों को भी तमाम उम्मीदें बंध चली हैं। कर्मचारियों को आशा है कि सीएम उनका दुख दर्द समझ कर बकाया भुगतान देने के निर्देश जरूर जारी करेंगे।
गौरतलब है कि चीनी मिल चलने के समय मिल में पांच सौ से अधिक कर्मचारी काम करते थे। इनमें से कुछ कर्मचारी सीजनल और कुछ परमानेंट थे। लगभग तीन वर्ष पूर्व भारी घोटे के चलते चीनी मिल को बंद किया गया तो तमाम कर्मचारी बेरोजगार हो गए। कुछ कर्मचारियों ने जुगाड़ लगाकर अपना तबादला दूसरी मिलों में करा लिया, लेकिन तमाम कर्मचारी चीनी मिल फिर से चलने की उम्मीद में पुवायां में ही मौजूद रहे। बकाया देयकों की मांग करने पर प्रबंधन ने कर्मचारियों के प्रति उत्पीड़नात्मक रुख अख्तियार कर लिया और कर्मचारियों से मिल की सुरक्षा आदि का काम लिया जाने लगा। कई वरिष्ठ कर्मचारियों को मिल परिसर और गेट पर पहरेदारी पर तैनात कर दिया गया। कर्मचारियों ने इसका भी विरोध नहीं किया और दिन बहुरने की उम्मीद में गार्ड का दायित्व भी बखूबी निभाया।
एक वर्ष पूर्व कर्मचारियों के लिए वीआरएस की घोषणा कर दी गई। भुखमरी के कगार पर पहुंच चुके कर्मचारियों ने इस उम्मीद से वीआरएस लिया कि उनके देयकों का भुगतान किया जाएगा जिससे वह कोई काम शुरू कर सकेंगे, लेकिन कर्मचारियों के तमाम देयक आज भी बकाया है। वीआरएस प्राप्त 456 कर्मचारियों का पीएफ, ओवर टाइम, बैठकीय भत्ता, बोनस आदि की मद में लगभग 1609.55 लाख रुपया मिल पर बकाया है।
मिल चलाए जाने का फैसला लिए जाने पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कराने का फैसला किया गया। इससे कर्मचारी बेहद निराश हुए। अब मुख्यमंत्री के आगमन से कर्मचारियों को उम्मीद बंधी है कि उनके बकाया भुगतान और चीनी मिल में फिर से नियुक्ति पर कोई घोषणा हो सकती है। चीनी मिल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मालूक हसन ने कर्मचारियों के बकाया देयक दिलाने में मदद करने की मांग करते हुए भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और पूर्व विधायक कृष्णाराज को पत्र भी भेजा है।



विधानसभा में उठ
चुका है मामला
पुवायां। शाहजहांपुर से भाजपा विधायक सुरेश कुमार खन्ना कर्मचारियों के बकाया भुगतान का मामला वर्तमान विधानसभा के पहले सत्र में उठा चुके हैं। उनके प्रश्न के उत्तर में बताया गया था कि कर्मचारियों के बकाया का भुगतान चीनी मिल संघ की ओर से किया जाएगा। अभी तक कोई भी भुगतान नहीं मिलने से कर्मचारी निराश हैं।
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