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पटरी पर नहीं आ रही गांवों में सफाई व्यवस्था
Shahjahanpur
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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शाहजहांपुर। प्रशासन की लाख कोशिशों के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। बसपा शासनकाल में राजस्व गांवों में हुई सफाई कर्मियों की तैनाती से भले ही बेरोजगारों को नौकरी मिल गई हो लेकिन गांवों में सफाई कार्य का मकसद पूरा नहीं हो सका है। हालांकि प्रशासन ने पिछले दो माह केदौरान कार्य में लापरवाही और निरीक्षणों के दौरान गैर हाजिर मिले 30 सफाई कर्मियों को निलंबित किया,एक सफाई कर्मी को सेवा बर्खास्त की और दो सौ से अधिक सफाई कर्मियों का वेतन रोका है जबकि सौ से अधिक कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर रखे हैं।
बसपा शासन काल में राजस्व गांवों में सफाई कर्मियों की तैनाती का मकसद गांवों को साफ सुथरा और बीमारियों से दूर करने का था लेकिन यह मकसद केवल नौकरी पाने तक ही सीमित रह गया। अधिकांश गांवों में आज भी गंदगी के ढेर लगे रहते हैं और कई-कई दिनों तक सफाई नहीं होती। अधिकारियों के ग्रामीण क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की सबसे ज्यादा शिकायतें सफाई कर्मियों के नहीं आने की होती है।
जिले में करीब 21 सौ से अधिक सफाई कर्मियों की तैनाती की गई लेकिन अधिकांश गांवों में आज भी सफाई कर्मी खुद सफाई कार्य न करके ठेके पर सफाई का कार्य कराते नजर आते हैं। राजस्व गांवों में सफाई की बदहाली और कर्मियों की कार्य के प्रति लापरवाही अधिकारियों के यदा-कदा किए गए औचक निरीक्षणों में उजागर हुई हैं। हद तो तब हो गई जब राजस्व गांव में तैनात एक सफाई कर्मी यहां बहादुरगंज बाजार में पटरी पर दुकान लगाते पकड़ा गया। इसी तरह की शिकायतों और निरीक्षणों के बाद पंचायत राज विभाग ने बड़े पैमाने पर सफाई कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है और कार्यवाही का दौर अभी भी जारी है।
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राजस्व गांवों में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। जब तक सफाई कर्मी ईमानदारी से अपना कार्य नहीं करेंगे तब तक उनके खिलाफ कार्यवाही होती रहेगी। जो कर्मचारी कार्य नहीं करेगा उसे वेतन नहीं दिया जाएगा। राजस्व गांवों में सफाई कर्मियों की तैनाती का मकसद गांवों में सफाई की बेहतर व्यवस्था रखना है और इस मकसद को पूरा कराया जाएगा। अभी तक कार्य में लापरवाही और गैर हाजिर रहने वाले सफाई कर्मियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्यवाही की गई है। जरूरत पड़ी तो लापरवाह और काम नहीं करने वालों की सेवाएं भी समाप्त की जाएगी।000 चंद्रिका प्रसाद, जिला पंचायत राज अधिकारी।
सफाई व्यवस्था की हालत बेहद खराब
खुटार क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। सिल्हुआ गांव में दो सफाई कर्मी तैनात हैं। एक बंडा से आता है और दूसरा गांव मलिका से आता है। सफाई कार्य अच्छा नहीं हो पाता है। यदि सफाई के लिए गांव के ही कर्मचारी लगाए जाएं तो सफाई व्यवस्था और बेहतर हो सकती है। तरुण दीक्षित, ग्राम प्रधान सिल्हुआ एवं अध्यक्ष खुटार ब्लाक प्रधान संघ।
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बसपा शासन काल में राजस्व गांवों में सफाई कर्मियों की तैनाती का मकसद गांवों को साफ सुथरा और बीमारियों से दूर करने का था लेकिन यह मकसद केवल नौकरी पाने तक ही सीमित रह गया। अधिकांश गांवों में आज भी गंदगी के ढेर लगे रहते हैं और कई-कई दिनों तक सफाई नहीं होती। अधिकारियों के ग्रामीण क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की सबसे ज्यादा शिकायतें सफाई कर्मियों के नहीं आने की होती है।
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जिले में करीब 21 सौ से अधिक सफाई कर्मियों की तैनाती की गई लेकिन अधिकांश गांवों में आज भी सफाई कर्मी खुद सफाई कार्य न करके ठेके पर सफाई का कार्य कराते नजर आते हैं। राजस्व गांवों में सफाई की बदहाली और कर्मियों की कार्य के प्रति लापरवाही अधिकारियों के यदा-कदा किए गए औचक निरीक्षणों में उजागर हुई हैं। हद तो तब हो गई जब राजस्व गांव में तैनात एक सफाई कर्मी यहां बहादुरगंज बाजार में पटरी पर दुकान लगाते पकड़ा गया। इसी तरह की शिकायतों और निरीक्षणों के बाद पंचायत राज विभाग ने बड़े पैमाने पर सफाई कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है और कार्यवाही का दौर अभी भी जारी है।
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राजस्व गांवों में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। जब तक सफाई कर्मी ईमानदारी से अपना कार्य नहीं करेंगे तब तक उनके खिलाफ कार्यवाही होती रहेगी। जो कर्मचारी कार्य नहीं करेगा उसे वेतन नहीं दिया जाएगा। राजस्व गांवों में सफाई कर्मियों की तैनाती का मकसद गांवों में सफाई की बेहतर व्यवस्था रखना है और इस मकसद को पूरा कराया जाएगा। अभी तक कार्य में लापरवाही और गैर हाजिर रहने वाले सफाई कर्मियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्यवाही की गई है। जरूरत पड़ी तो लापरवाह और काम नहीं करने वालों की सेवाएं भी समाप्त की जाएगी।000 चंद्रिका प्रसाद, जिला पंचायत राज अधिकारी।
सफाई व्यवस्था की हालत बेहद खराब
खुटार क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। सिल्हुआ गांव में दो सफाई कर्मी तैनात हैं। एक बंडा से आता है और दूसरा गांव मलिका से आता है। सफाई कार्य अच्छा नहीं हो पाता है। यदि सफाई के लिए गांव के ही कर्मचारी लगाए जाएं तो सफाई व्यवस्था और बेहतर हो सकती है। तरुण दीक्षित, ग्राम प्रधान सिल्हुआ एवं अध्यक्ष खुटार ब्लाक प्रधान संघ।