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खेत पर गए युवक का अपहरण
Shahjahanpur
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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काफी तलाशने पर भी नहीं लगा पुलिस को सुराग
पुलिस मान रही है रंजिशन विरोधियों को फंसाने की साजिश
अमर उजाला नेटवर्क
जलालाबाद। गांव इमलिया खुर्द में बुधवार रात एक युवक का अपहरण हो गया। देर रात तक पुलिस अपहृत की तलाश में कांबिंग करती रही, परंतु कोई सुराग नहीं लग सका। इस घटना को पुलिस रंजिशन अपने विरोधियों को फंसाने के लिए रची साजिश मान रही है।
गांव के मदनपाल का चौथे नंबर का बेटा 19 वर्षीय मुनीश कुमार शाम करीब आठ बजे अपनी मां रामकली के साथ घर के बाहर आग ताप रहा था। यह मकान गांव के पश्चिम में खेतों के पास है। बताते हैं कि मुनीश लघुशंका के लिए खेतों की ओर गया था। कुछ देर बाद उसके शोर मचाने पर रामकली खेत की तरफ गई। वहां उसने तीन-चार लोगों को उसके बेटे का मुंह दबाकर ले जाते देखा। वह शोर मचाती हुई घर की ओर भागी। आवाज सुनकर मदनपाल और उसका बड़ा पुत्र अरुण देव भी घटनास्थल की ओर भागे। बकौल अरुण, काफी दूर जाने के बाद भी इन लोगों का पता नहीं लग सका।
इस बीच गांव वाले भी इकट्ठे हो गए और पुलिस को सूचना दी। सीओ हरिपाल सिंह, कोतवाल मुईन अहमद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बदमाशों की तलाश में क्षेत्र में कांबिंग की परंतु कोई नतीजा हाथ नहीं लगा।
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‘प्रथम दृष्ट्या यह मामला रंजिश के चलते विरोधियों को फंसाने के लिए रचा गया षडयंत्र प्रतीत हो रहा है। कथित अपहृत के घरवालों की गांव के ही एक परिवार से जमीन को लेकर रंजिश चली आ रही है, जिसमें दो साल पहले मुकदमा भी कायम हो चुका है। इसी रंजिश में यह अपहरण की कहानी गढ़ी गई है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।’ - मुईन अहमद, कोतवाल, जलालाबाद
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पुलिस मान रही है रंजिशन विरोधियों को फंसाने की साजिश
अमर उजाला नेटवर्क
जलालाबाद। गांव इमलिया खुर्द में बुधवार रात एक युवक का अपहरण हो गया। देर रात तक पुलिस अपहृत की तलाश में कांबिंग करती रही, परंतु कोई सुराग नहीं लग सका। इस घटना को पुलिस रंजिशन अपने विरोधियों को फंसाने के लिए रची साजिश मान रही है।
गांव के मदनपाल का चौथे नंबर का बेटा 19 वर्षीय मुनीश कुमार शाम करीब आठ बजे अपनी मां रामकली के साथ घर के बाहर आग ताप रहा था। यह मकान गांव के पश्चिम में खेतों के पास है। बताते हैं कि मुनीश लघुशंका के लिए खेतों की ओर गया था। कुछ देर बाद उसके शोर मचाने पर रामकली खेत की तरफ गई। वहां उसने तीन-चार लोगों को उसके बेटे का मुंह दबाकर ले जाते देखा। वह शोर मचाती हुई घर की ओर भागी। आवाज सुनकर मदनपाल और उसका बड़ा पुत्र अरुण देव भी घटनास्थल की ओर भागे। बकौल अरुण, काफी दूर जाने के बाद भी इन लोगों का पता नहीं लग सका।
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इस बीच गांव वाले भी इकट्ठे हो गए और पुलिस को सूचना दी। सीओ हरिपाल सिंह, कोतवाल मुईन अहमद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बदमाशों की तलाश में क्षेत्र में कांबिंग की परंतु कोई नतीजा हाथ नहीं लगा।
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‘प्रथम दृष्ट्या यह मामला रंजिश के चलते विरोधियों को फंसाने के लिए रचा गया षडयंत्र प्रतीत हो रहा है। कथित अपहृत के घरवालों की गांव के ही एक परिवार से जमीन को लेकर रंजिश चली आ रही है, जिसमें दो साल पहले मुकदमा भी कायम हो चुका है। इसी रंजिश में यह अपहरण की कहानी गढ़ी गई है। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी।’ - मुईन अहमद, कोतवाल, जलालाबाद