{"_id":"123-54878","slug":"Shahjahanpur-54878-123","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडी निरीक्षक पर 98 लाख गबन की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडी निरीक्षक पर 98 लाख गबन की रिपोर्ट
Shahjahanpur
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
मंडी सचिव ने दर्ज कराई है एफआईआर
- मंडी निरीक्षक इंसाफ अली वर्तमान में मंडी समिति तिलहर से हैं अटैच
अमर उजाला नेटवर्क
पुवायां। पुवायां मंडी परिषद के सचिव सर्वेश कुमार शुक्ला ने बंडा के तत्कालीन मंडी निरीक्षक के खिलाफ 98 लाख रुपए से अधिक के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
श्री शुक्ला ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि मंडी निरीक्षक इंसाफ अली की तैनाती बंडा मंडी समिति में थी। वर्तमान में वह मंडी समिति तिलहर में अटैच हैं। मंडी परिषद लखनऊ की ओर से पुवायां क्षेत्र की मंडी का वर्ष 2011-12 का संप्रेक्षण कराया गया था। रोकड़ बही के अनुसार बैंक शेष की तुलना में चार करोड़ 78 लाख 82 हजार 352 रुपये कम जमा पाए गए। इस पर एक सनदी लेखाकार को बैंक समाधान विवरण तैयार करने के लिए तैनात किया गया। बैंक शेष की कम जमा की जांच अभी चल रही है। मंडी शुल्क और विकास सेंस की रोकड़ 98 लाख 44 हजार 232 रुपए की रसीदें जारी कर दी गईं, लेकिन राशि बैंक खाते में जमा नहीं की गई। साफ है कि उक्त राशि का गबन कर लिया गया है।
पुलिस ने मंडी सचिव की ओर से इंसाफ अली के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गबन के मामले की रिपोर्ट होने से संबंधित में हड़कंप मचा हुआ है। बैंक शेष की जांच में और भी घोटाले खुलने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
मुझे फंसाने की है साजिश
‘40 से 45 लाख रुपये जमा हैं। कैश बुक और चेक रजिस्टर का मिलान करने पर उक्त राशि मिल जाएगी। कुछ एडवांस रसीदें कटी हैं, जिसे गबन बताया जा रहा है। गबन का आरोप निराधार है। मुझे बंडा से अचानक रिलीव कर दिया गया। तिलहर मंडी में अटैचमेंट भी नियम विरुद्घ ढंग से किया गया है। मुझे फंसाने की साजिश रची जा रही है।’
- इंसाफ अली, मंडी निरीक्षक तिलहर
विज्ञापन
- मंडी निरीक्षक इंसाफ अली वर्तमान में मंडी समिति तिलहर से हैं अटैच
अमर उजाला नेटवर्क
पुवायां। पुवायां मंडी परिषद के सचिव सर्वेश कुमार शुक्ला ने बंडा के तत्कालीन मंडी निरीक्षक के खिलाफ 98 लाख रुपए से अधिक के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
श्री शुक्ला ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि मंडी निरीक्षक इंसाफ अली की तैनाती बंडा मंडी समिति में थी। वर्तमान में वह मंडी समिति तिलहर में अटैच हैं। मंडी परिषद लखनऊ की ओर से पुवायां क्षेत्र की मंडी का वर्ष 2011-12 का संप्रेक्षण कराया गया था। रोकड़ बही के अनुसार बैंक शेष की तुलना में चार करोड़ 78 लाख 82 हजार 352 रुपये कम जमा पाए गए। इस पर एक सनदी लेखाकार को बैंक समाधान विवरण तैयार करने के लिए तैनात किया गया। बैंक शेष की कम जमा की जांच अभी चल रही है। मंडी शुल्क और विकास सेंस की रोकड़ 98 लाख 44 हजार 232 रुपए की रसीदें जारी कर दी गईं, लेकिन राशि बैंक खाते में जमा नहीं की गई। साफ है कि उक्त राशि का गबन कर लिया गया है।
विज्ञापन
पुलिस ने मंडी सचिव की ओर से इंसाफ अली के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गबन के मामले की रिपोर्ट होने से संबंधित में हड़कंप मचा हुआ है। बैंक शेष की जांच में और भी घोटाले खुलने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
मुझे फंसाने की है साजिश
‘40 से 45 लाख रुपये जमा हैं। कैश बुक और चेक रजिस्टर का मिलान करने पर उक्त राशि मिल जाएगी। कुछ एडवांस रसीदें कटी हैं, जिसे गबन बताया जा रहा है। गबन का आरोप निराधार है। मुझे बंडा से अचानक रिलीव कर दिया गया। तिलहर मंडी में अटैचमेंट भी नियम विरुद्घ ढंग से किया गया है। मुझे फंसाने की साजिश रची जा रही है।’
- इंसाफ अली, मंडी निरीक्षक तिलहर