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खाद्य लाइसेंसों के पंजीकरण में मनमानी, भड़के व्यापारी
Shahjahanpur
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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मिश्रा गुट के पदाधिकारियों का डीएम को ज्ञापन
सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। खाद्य लाइसेंसों के पंजीकरण के बहाने छोटे व्यापारियों का आर्थिक दोहन और उत्पीड़न किए जाने से व्यापारी समुदाय भड़क उठा है। व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ के नेतृत्व में व्यापारियों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट जाकर सिटी मजिस्ट्रेट अनिल उपाध्याय से भेंट की और उन्हें डीएम एके बरनवाल के नाम ज्ञापन देकर खाद्य लाइसेंसों का पंजीकरण 31 मई तक करने की मांग की।
वार्ता के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को श्री दुआ ने बताया: खाद्य सुरक्षा आयुक्त अर्चना अग्रवाल के आदेशानुसार बाजारों में कैंप लगाकर 12 लाख रुपये सालाना से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों के खाद्य लाइसेंसों का रजिस्ट्रेशन केवल 100 रुपये में होगा और इससे अधिक की बिक्री करने वालों को दो हजार रुपये लाइसेंस शुल्क देय है। इसके विपरीत विभाग के स्थानीय अधिकारी नए पंजीकरण और लाइसेंस नवीनीकरण के बहाने अधिक रकम मांगकर व्यापारियों का शोषण कर रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया है: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा आदि कई राज्यों ने खाद्य लाइसेंस संबंधी केन्द्र सरकार के शासनादेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा रखी है। केन्द्र सरकार ने शासनादेश में बदलाव को व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों से 30 अप्रैल तक सुझाव मांगे थे और इस पर अंतिम निर्णय 31 मई तक होना है। ऐसी दशा में इस अवधि तक लाइसेंस बनवाने के लिए व्यापारियों पर दबाव नहीं डाला जाए।
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ज्ञापन देने वालों में जिला महामंत्री नाजिम खां, नगराध्यक्ष अनिल गुप्ता, धर्मपाल रैना, ललित खुराना, जवाहर रस्तोगी, संजय, राजेकन्द्र पाल गोल्डी, अजय यादव, शाहिद कुरैशी, मो. रफी, विनय मेहरोत्रा, राजीव आदि शामिल रहे।
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सिटी रिपोर्टर
शाहजहांपुर। खाद्य लाइसेंसों के पंजीकरण के बहाने छोटे व्यापारियों का आर्थिक दोहन और उत्पीड़न किए जाने से व्यापारी समुदाय भड़क उठा है। व्यापार मंडल मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ के नेतृत्व में व्यापारियों ने गुरुवार को कलक्ट्रेट जाकर सिटी मजिस्ट्रेट अनिल उपाध्याय से भेंट की और उन्हें डीएम एके बरनवाल के नाम ज्ञापन देकर खाद्य लाइसेंसों का पंजीकरण 31 मई तक करने की मांग की।
वार्ता के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट को श्री दुआ ने बताया: खाद्य सुरक्षा आयुक्त अर्चना अग्रवाल के आदेशानुसार बाजारों में कैंप लगाकर 12 लाख रुपये सालाना से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों के खाद्य लाइसेंसों का रजिस्ट्रेशन केवल 100 रुपये में होगा और इससे अधिक की बिक्री करने वालों को दो हजार रुपये लाइसेंस शुल्क देय है। इसके विपरीत विभाग के स्थानीय अधिकारी नए पंजीकरण और लाइसेंस नवीनीकरण के बहाने अधिक रकम मांगकर व्यापारियों का शोषण कर रहे हैं।
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ज्ञापन में कहा गया है: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, हरियाणा आदि कई राज्यों ने खाद्य लाइसेंस संबंधी केन्द्र सरकार के शासनादेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा रखी है। केन्द्र सरकार ने शासनादेश में बदलाव को व्यापार संगठनों के प्रतिनिधियों से 30 अप्रैल तक सुझाव मांगे थे और इस पर अंतिम निर्णय 31 मई तक होना है। ऐसी दशा में इस अवधि तक लाइसेंस बनवाने के लिए व्यापारियों पर दबाव नहीं डाला जाए।
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ज्ञापन देने वालों में जिला महामंत्री नाजिम खां, नगराध्यक्ष अनिल गुप्ता, धर्मपाल रैना, ललित खुराना, जवाहर रस्तोगी, संजय, राजेकन्द्र पाल गोल्डी, अजय यादव, शाहिद कुरैशी, मो. रफी, विनय मेहरोत्रा, राजीव आदि शामिल रहे।