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कच्ची दीवार ढहने से वृद्धा की दबकर मौत
Updated Sat, 02 Sep 2017 07:39 PM IST
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बंडा (शाहजहांपुर)। शनिवार सुबह बारिश के दौरान कच्ची दीवार ढह जाने से वृद्धा की उसके मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि उसकी दो पौत्रियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वृद्धा की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
गांव पड़रिया दलेलपुर निवासी 65 वर्षीय सोमवती शनिवार सुबह बारिश के दौरान अपने घर में कच्ची दीवार के पास छप्पर के नीचे बैठी थीं। उनके साथ उनकी दो पौत्रियां 11 वर्षीय गुरमीता और आठ वर्षीय रागिनी पुत्री श्रीपाल भी बैठी थीं। अचानक दीवार भरभरा कर गिर पड़ी। इससे सोमवती, गुरमीता और रागिनी उसके मलबे में दब गईं। शोरशराबा होने पर गांव के लोग इकट्ठे हो गए और मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला। परिवार के लोग उन्हें लेकर बंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सोमवती को मृत घोषित कर दिया। दोनों लड़कियों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मजदूरी करने दिल्ली गए हैं घायल लड़कियों के माता-पिता
बंडा। सोमवती का बेटा श्रीपाल अपनी पत्नी के साथ दो महीना से मजदूरी करने के लिए दिल्ली में रह रहा है। अपनी दोनों बेटियों को वह घर पर मां के पास छोड़ गया था। दीवार गिरने से मां की मौत और दोनों पुत्रियों के घायल होने की खबर मिलने पर श्रीपाल दिल्ली से घर के लिए चल दिया है।
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छज्जा ढहने से मजदूर की जान गई
शाहजहांपुर। थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला अहमदपुर रेती में छज्जा गिरने से उसके मलबे में दबकर मजदूर की मौत हो गई। गांव गुर्री निवासी 42 वर्षीय हरिपाल सिंह अहमदपुर रेती में एक व्यक्ति के यहां मजदूरी कर रहे थे। शनिवार को निर्माणाधीन मकान के लिंटर का झूला खोलते समय अचानक छज्जा गिर गया। हरिपाल उसके मलबे के नीचे दब गए। साथी मजदूरों ने जैसे-तैसे मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला और जिला अस्पताल ले गए। जहां देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। हरिपाल के भाई रामासरे का आरोप है कि मकान स्वामी ने घायल हरिपाल को देर से अस्पताल पहुंचाया। इससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक की पत्नी मंजू का रो-रोकर बुरा हाल है।
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गांव पड़रिया दलेलपुर निवासी 65 वर्षीय सोमवती शनिवार सुबह बारिश के दौरान अपने घर में कच्ची दीवार के पास छप्पर के नीचे बैठी थीं। उनके साथ उनकी दो पौत्रियां 11 वर्षीय गुरमीता और आठ वर्षीय रागिनी पुत्री श्रीपाल भी बैठी थीं। अचानक दीवार भरभरा कर गिर पड़ी। इससे सोमवती, गुरमीता और रागिनी उसके मलबे में दब गईं। शोरशराबा होने पर गांव के लोग इकट्ठे हो गए और मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला। परिवार के लोग उन्हें लेकर बंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सोमवती को मृत घोषित कर दिया। दोनों लड़कियों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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मजदूरी करने दिल्ली गए हैं घायल लड़कियों के माता-पिता
बंडा। सोमवती का बेटा श्रीपाल अपनी पत्नी के साथ दो महीना से मजदूरी करने के लिए दिल्ली में रह रहा है। अपनी दोनों बेटियों को वह घर पर मां के पास छोड़ गया था। दीवार गिरने से मां की मौत और दोनों पुत्रियों के घायल होने की खबर मिलने पर श्रीपाल दिल्ली से घर के लिए चल दिया है।
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छज्जा ढहने से मजदूर की जान गई
शाहजहांपुर। थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला अहमदपुर रेती में छज्जा गिरने से उसके मलबे में दबकर मजदूर की मौत हो गई। गांव गुर्री निवासी 42 वर्षीय हरिपाल सिंह अहमदपुर रेती में एक व्यक्ति के यहां मजदूरी कर रहे थे। शनिवार को निर्माणाधीन मकान के लिंटर का झूला खोलते समय अचानक छज्जा गिर गया। हरिपाल उसके मलबे के नीचे दब गए। साथी मजदूरों ने जैसे-तैसे मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला और जिला अस्पताल ले गए। जहां देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। हरिपाल के भाई रामासरे का आरोप है कि मकान स्वामी ने घायल हरिपाल को देर से अस्पताल पहुंचाया। इससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक की पत्नी मंजू का रो-रोकर बुरा हाल है।