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Shahjahanpur News: जिले में स्टांप से संबंधित 768 वाद लंबित... 1680 लाख रुपये शुल्क बकाया
Fri, 10 Jan 2025 12:36 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 10 Jan 2025 12:36 AM IST
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शाहजहांपुर। प्रदेश सरकार ने राज्य में लंबित स्टांप वादों के त्वरित निस्तारण और राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए स्टांप कमी समाधान योजना को लागू किया है। जिले में डीएम, एडीएम एफआर और आईजी स्टांप कोर्ट में 768 वाद लंबित हैं। इनमें 1680 लाख रुपये स्टांप शुल्क बकाया है। समाधान योजना से कई लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
स्टांप पंजीयन विभाग ने एकमुश्त समाधान योजना भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत लंबित मामलों के निस्तारण के लिए तैयार की गई है। शासनादेश के मुताबिक, राज्य के स्टांप कलक्टर और सीसीआरए के न्यायालयों में हजारों मामले लंबित हैं, जिनसे राज्य को राजस्व की क्षति हो रही है। इन वादों के निपटारे से राजस्व में वृद्धि के साथ ही लोगों को न्याय में देरी और आर्थिक बोझ से भी राहत मिलेगी।
शासनादेश के अनुसार, स्टांप कमी की धनराशि की पुष्टि के बाद संबंधित न्यायालय पक्षकार को स्टांप कमी की धनराशि, ब्याज समेत और सौ रुपये के टोकन अर्थदंड की धनराशि के साथ एक सप्ताह के अंदर कोषागार में जमा करने के लिए अवगत कराएंगे। इसके बाद न्यायालय या सीसीआरए के पीठासीन अधिकारी स्टांप कमी और ब्याज की धनराशि के साथ कोषागार में जमा कराए जाने की रसीद के मद्देनजर वाद को सौ रुपये के टोकन अर्थदंड के साथ निस्तारित कर देंगे।
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एडीएम एफआर डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि जिले में 768 वाद लंबित हैं। 1680 लाख रुपये स्टांप शुल्क बकाया है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक पक्षकार समाधान योजना का लाभ उठा सकते हैं। इससे उन्हें अर्थदंड भरने से राहत मिल जाएगी।
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स्टांप पंजीयन विभाग ने एकमुश्त समाधान योजना भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत लंबित मामलों के निस्तारण के लिए तैयार की गई है। शासनादेश के मुताबिक, राज्य के स्टांप कलक्टर और सीसीआरए के न्यायालयों में हजारों मामले लंबित हैं, जिनसे राज्य को राजस्व की क्षति हो रही है। इन वादों के निपटारे से राजस्व में वृद्धि के साथ ही लोगों को न्याय में देरी और आर्थिक बोझ से भी राहत मिलेगी।
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शासनादेश के अनुसार, स्टांप कमी की धनराशि की पुष्टि के बाद संबंधित न्यायालय पक्षकार को स्टांप कमी की धनराशि, ब्याज समेत और सौ रुपये के टोकन अर्थदंड की धनराशि के साथ एक सप्ताह के अंदर कोषागार में जमा करने के लिए अवगत कराएंगे। इसके बाद न्यायालय या सीसीआरए के पीठासीन अधिकारी स्टांप कमी और ब्याज की धनराशि के साथ कोषागार में जमा कराए जाने की रसीद के मद्देनजर वाद को सौ रुपये के टोकन अर्थदंड के साथ निस्तारित कर देंगे।
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एडीएम एफआर डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि जिले में 768 वाद लंबित हैं। 1680 लाख रुपये स्टांप शुल्क बकाया है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक पक्षकार समाधान योजना का लाभ उठा सकते हैं। इससे उन्हें अर्थदंड भरने से राहत मिल जाएगी।