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दिव्यांगों को दया नहीं, उचित मार्गदर्शन दें
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:22 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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शाहजहांपुर। तक्षशिला पब्लिक स्कूल में दिव्यांग बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए बुधवार को जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विशिष्टजनों ने अपने अनुभव बांटते हुए दिव्यांगों को हतोत्साहित नहीं होने के लिए प्रेरित किया।
विश्व विकलांग सप्ताह के तहत हुई गोष्ठी में दृष्टिबाधित मंतोष कुमार ने कहा कि छड़ी, पैसा और सही पता होने से किसी भी जगह पहुंचा जा सकता है। एक छड़ी तीन फिट की दूरी से ही आने वाली बाधा की ओर संकेत कर देती है, इसी तरह छड़ी को घुमाकर हम दाहिने-बाएं की बाधाओं का पता लगा सकते हैं। इस बीच मंतोष ने समावेशी शिक्षा और उससे होने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को दया की नहीं, बल्कि उनको सही मार्गदर्शन की जरूरत है, जिससे उन्हें आगे बढ़ाया जा सके। कोमल शर्मा ने खेलों के माध्यम से पहचान स्थापित करने के टिप्स दिए। इस अवसर पर विकास मिश्रा, बिंदु तिवारी आदि ने भी अनुभव बांटे।
गोष्ठी में छात्र-छात्राओं ने प्रश्न पूछ कर शंकाओं का समाधान किया। प्रधानाचार्य उज्ज्वला सिन्हा ने आभार व्यक्त किया। हेमंत अनेजा के संचालन में हुए आयोजन में उप प्रधानाचार्य केसी जोशी ने अतिथि वक्ताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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विश्व विकलांग सप्ताह के तहत हुई गोष्ठी में दृष्टिबाधित मंतोष कुमार ने कहा कि छड़ी, पैसा और सही पता होने से किसी भी जगह पहुंचा जा सकता है। एक छड़ी तीन फिट की दूरी से ही आने वाली बाधा की ओर संकेत कर देती है, इसी तरह छड़ी को घुमाकर हम दाहिने-बाएं की बाधाओं का पता लगा सकते हैं। इस बीच मंतोष ने समावेशी शिक्षा और उससे होने वाले लाभ के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को दया की नहीं, बल्कि उनको सही मार्गदर्शन की जरूरत है, जिससे उन्हें आगे बढ़ाया जा सके। कोमल शर्मा ने खेलों के माध्यम से पहचान स्थापित करने के टिप्स दिए। इस अवसर पर विकास मिश्रा, बिंदु तिवारी आदि ने भी अनुभव बांटे।
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गोष्ठी में छात्र-छात्राओं ने प्रश्न पूछ कर शंकाओं का समाधान किया। प्रधानाचार्य उज्ज्वला सिन्हा ने आभार व्यक्त किया। हेमंत अनेजा के संचालन में हुए आयोजन में उप प्रधानाचार्य केसी जोशी ने अतिथि वक्ताओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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