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सरकारी नौकरियों पर नहीं स्वरोजगार पर दें ध्यान
Updated Wed, 11 Oct 2017 06:27 PM IST
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शाहजहांपुर। युवाओं को रोजगारपरक जानकारी देने के लिए एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय सेवायोजन सूचना एवं मंत्रणा केंद्र की ओर से जीएफ कॉलेज में लगाए गए शिविर में काउंसलर खुशाल सिंह ने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार संबंधी उपयोगी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि रोजगार युवाओं की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके लिए हमें सरकारी नौकरियों पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि निजी क्षेत्रों के साथ स्वरोजगार पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने शिक्षण संस्थाओं, बैंकिंग, एसएससी, संघ लोकसेवा आयोग की नौकरियों के बारे में उपयोगी टिप्स दिए। काउंसलर सुरेश चंद्र ने प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे जानकारी देते हुए अनुभव बांटे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित, तर्कशक्ति परीक्षण आदि के बारे में अधिक से अधिक ज्ञान काम आता है।
इससे पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर अकील अहमद ने कार्यशाला की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं को अपना लक्ष्य शैक्षिक योग्यता को अनुसार निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगन ही ऐसा तत्व है। कामयाब और नाकामयाब का अंतर तय करने में महती भूमिका अदा करता है। प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज में कॅरियर काउंसिलिंग और गाइडेंस सेल का गठन किया गया है। छात्र-छात्राएं किसी भी समय समिति के सदस्यों से शंकाओं का समाधान कर सकते हैं। कॅरियर काउंसिलिंग एवं गाइडेंस सेल की कोआर्डिनेटर डॉ. युक्ति माथुर के संचालन में हुए कार्यक्रम में डॉ. साजिद खान ने आभार जताया। इस अवसर पर डॉ. अब्दुल मोमिन, डॉ. फैयाज अहमद, डॉ. नईमुद्दीन सिद्दीकी, डॉ. मो. तैयब, डॉ. सुहेल अख्तर नकवी, डॉ. अरशद खान, डॉ. फरोग खुमार आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि रोजगार युवाओं की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके लिए हमें सरकारी नौकरियों पर ही निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि निजी क्षेत्रों के साथ स्वरोजगार पर भी ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने शिक्षण संस्थाओं, बैंकिंग, एसएससी, संघ लोकसेवा आयोग की नौकरियों के बारे में उपयोगी टिप्स दिए। काउंसलर सुरेश चंद्र ने प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे जानकारी देते हुए अनुभव बांटे। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गणित, तर्कशक्ति परीक्षण आदि के बारे में अधिक से अधिक ज्ञान काम आता है।
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इससे पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर अकील अहमद ने कार्यशाला की उपयोगिता पर जोर देते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं को अपना लक्ष्य शैक्षिक योग्यता को अनुसार निर्धारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लगन ही ऐसा तत्व है। कामयाब और नाकामयाब का अंतर तय करने में महती भूमिका अदा करता है। प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज में कॅरियर काउंसिलिंग और गाइडेंस सेल का गठन किया गया है। छात्र-छात्राएं किसी भी समय समिति के सदस्यों से शंकाओं का समाधान कर सकते हैं। कॅरियर काउंसिलिंग एवं गाइडेंस सेल की कोआर्डिनेटर डॉ. युक्ति माथुर के संचालन में हुए कार्यक्रम में डॉ. साजिद खान ने आभार जताया। इस अवसर पर डॉ. अब्दुल मोमिन, डॉ. फैयाज अहमद, डॉ. नईमुद्दीन सिद्दीकी, डॉ. मो. तैयब, डॉ. सुहेल अख्तर नकवी, डॉ. अरशद खान, डॉ. फरोग खुमार आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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