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खुटार में ट्रक की चपेट में आकर युवक की मौत
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खुटार(शाहजहांपुर)। रजाई भराने के बाद साइकिल से घर जा रहे युवक को ट्रक ने टक्कर मार दी और उसे साइकिल सहित काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को शव नहीं उठाने दिया, तो कुछ देर के लिए हाईवे पर जाम जैसी स्थित बन गई। एक घंटे तक पुलिस ने परिवार के लोगों को समझाने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया।
गांव प्रीतमपुर निवासाी रामबहोरे का 20 वर्षीय पुत्र वीरेंद्र सिंह उर्फ भूरे रविवार को घर से साइकिल से रजाई भराने गांव नरौठा गया था। दोपहर में वह रजाई भराने के बाद घर जा रहा था। खुटार मैलानी मार्ग पर बाबा चौराहे के पास मैलानी की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने साइकिल में टक्कर मार दी और वीरेंद्र को काफी दूर तक घसीटता ले गया, जिस कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने ट्रक और चालक को खुटार में पकड़ लिया।
जानकारी वीरेंद्र के घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। उनके साथ गांव के भी तमाम लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को शव उठाने से मना कर दिया। इससे हाइवे पर जाम लग गया। बवाल की आशंका में चालकों ने अपने वाहन काफी दूर रोक लिए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर शव हटवाकर हाईवे खुलवाया।
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तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था मृतक
खुटार। वीरेंद्र की मौत के बाद उसके परिवार के लोगों का रो रोकर हाल बेहाल है। गांव के लोगों ने बताया कि करीब 12 वर्ष पहले वीरेंद्र उर्फ भूरे के सिर से मां का साया उठ गया था। उसके बाद पिता भी सुध बुध खो बैठे और अर्धविक्षिप्त जैसी जिंदगी जी रहे हैं। भूरे अपनी तीन बहनों 18 वर्षीय डोली, 15 वर्षीय आरती और 12 वर्षीय वसुंधरा के बीच इकलौता सबसे बड़ा भाई था। भूरे के लिए शादी के कई रिश्ते आए लेकिन भूरे ने पहले बहनों की शादी करने की बात करते हुए अपनी शादी करने से इंकार कर दिया था। इस समय वह बहन डोली के लिए रिश्ते की तलाश कर रहा था। इस समय भूरे पूरे परिवार के लिए भरण पोषण का सहारा था। रविवार को हादसे में इकलौते भाई को खोने वाली तीनों बहनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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गांव प्रीतमपुर निवासाी रामबहोरे का 20 वर्षीय पुत्र वीरेंद्र सिंह उर्फ भूरे रविवार को घर से साइकिल से रजाई भराने गांव नरौठा गया था। दोपहर में वह रजाई भराने के बाद घर जा रहा था। खुटार मैलानी मार्ग पर बाबा चौराहे के पास मैलानी की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने साइकिल में टक्कर मार दी और वीरेंद्र को काफी दूर तक घसीटता ले गया, जिस कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने ट्रक और चालक को खुटार में पकड़ लिया।
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जानकारी वीरेंद्र के घर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। उनके साथ गांव के भी तमाम लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को शव उठाने से मना कर दिया। इससे हाइवे पर जाम लग गया। बवाल की आशंका में चालकों ने अपने वाहन काफी दूर रोक लिए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर शव हटवाकर हाईवे खुलवाया।
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तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था मृतक
खुटार। वीरेंद्र की मौत के बाद उसके परिवार के लोगों का रो रोकर हाल बेहाल है। गांव के लोगों ने बताया कि करीब 12 वर्ष पहले वीरेंद्र उर्फ भूरे के सिर से मां का साया उठ गया था। उसके बाद पिता भी सुध बुध खो बैठे और अर्धविक्षिप्त जैसी जिंदगी जी रहे हैं। भूरे अपनी तीन बहनों 18 वर्षीय डोली, 15 वर्षीय आरती और 12 वर्षीय वसुंधरा के बीच इकलौता सबसे बड़ा भाई था। भूरे के लिए शादी के कई रिश्ते आए लेकिन भूरे ने पहले बहनों की शादी करने की बात करते हुए अपनी शादी करने से इंकार कर दिया था। इस समय वह बहन डोली के लिए रिश्ते की तलाश कर रहा था। इस समय भूरे पूरे परिवार के लिए भरण पोषण का सहारा था। रविवार को हादसे में इकलौते भाई को खोने वाली तीनों बहनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।