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रामगंगा में बाढ़ का कहर जारी, शहर के समीप गर्रा 75 सेमी उफनाई
Updated Thu, 09 Aug 2018 01:02 AM IST
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फोटो 31,परौर क्षेत्र में रामगंगा से हो रहा कटान पानी बोझी गांव तक पहुंचा।
फोटो-32, परौर क्षेत्र में नदी से हो रहे कटान का दृश्य।
रामगंगा का कहर: बोझी गांव का तहसील से संपर्क कटा
शहर के समीप गर्रा का जल स्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। बोझी गांव का कलान तहसील से संपर्क कट गया है। नावों का संचालन भी बंद होने से लोग जरूरी काम के लिए तहसील नहीं जा पा रहे हैं। इसके चलते क्षेत्र में पोलियो वैक्सीन पिलाने का काम भी ठप हो गया।
नदियों के जल ग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा और बैराजों से अतिरिक्त पानी की निकासी में लगातार बढ़ोतरी से जलालाबाद और कलान के कटरी क्षेत्र में गंगा-रामगंगा की बाढ़ का कहर बढ़ता जा रहा है। भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर बुधवार को दूसरे दिन भी 142.75 मीटर पर स्थिर रहा, लेकिन चार दिन में रामगंगा 35 सेमी बढ़कर 160.90 मीटर पर पहुंच गई। इधर, शहर के समीप बीते 24 घंटे में गर्रा 75 सेमी उफनाकर 146.10 मीटर पर पहुंच गई, जिससे सदर तहसील में नदी के तटवर्ती गांवों तक पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ का खतरा बढ़ता देख प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार बुधवार का नरौरा बैराज से गंगा में 162101 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी की यह मात्रा बीते दिन से लगभग 32 हजार क्यूसेक अधिक है। इसलिए अगले 24 घंटे में गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी होने की आशंका है। उधर, रामनगर, खो, हरेली, किच्छा आदि बैराजाें से रामगंगा में पानी की मात्रा बढ़कर 15876 क्यूसेक होे गई है। फिलहाल गंगा अपनी मूल धारा में बहाव पर है, लेकिन रामगंगा के विस्तार लेने की दशा में परौर और मिर्जापुर क्षेत्र के तटवर्ती गावाें में बाढ़ का संकट और भूमि कटान बढ़ने के आसार हैं। सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार पीलीभीत के ड्यूनी डाम से रिलीज 1385 क्यूसेक पानी देर रात तक यहां आने पर गर्रा में उफान बढ़ सकता है।
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कुंडरिया घाट पर नाव सेवा ठप, बोझी के ग्रामीण हलकान
परौर क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुंडरिया का मजरा बोझी रामगंगा के उस पार बसा है। बरसात व बाढ़ आने पर वहां के लोग चारों तरफ पानी से घिर जाते हैं। इस पर रामगंगा व उस पार ग्राम पंचायत नगरिया निजामपुर का मजरा आबाद है। हालांकि ग्राम बोझी कुंडरिया का मजरा होने के कारण वहां के लोग अधिकतर कुुंडरिया आकर अपने उपयोग की वस्तुएं खरीद ले जाते थे क्योंकि बोझी से नगरिया व गढ़िया रंगीन की दूरी अधिक होने के कारण गांव के लोग चाहे बाजार से सामान खरीदना हो अथवा परिवार के बीमार होने पर दवा दिलवानी हो, वे कुंडरिया आते हैं। बोझी गांव के लोगों की तहसील कलान और थाना परौर होने के कारण उन्हें कुंडरिया की तरफ आना मजबूरी है। बोझी के पास कुंडरिया घाट पर कुछ माह पहले तक चार नाव चलती रहीं। गरीबी के कारण तीन नाविक नाव टूट जाने के कारण उनकी दोबारा नहीं करवा सके। एक अन्य नाविक वेदराम की हाल में मौत हो जाने के कारण उनकी नाव नहीं चल पाई। पुराना घाट होने के बावजूद किसी जनप्रतिनिधि अथवा अधिकारी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया कि बोझी के लोग रामगंगा के पार कैसे जाएंगे। नाव सेवा ठप हो जाने से बच्चाें को पोलियो ड्रॉप पिलाने का काम भी बंद हो गया है। ग्राम कुंडरिया निवासी रवि पांडेय, राममुरारी गुप्ता, जयपाल सिंह, श्याम बिहारी शर्मा, बिजेंद्र सिंह,सुखदेव सिंह चौहान, रामनरेश गुप्ता, अवधेश सिंह आदि ने अधिकारियों से कुंडरिया घाट पर नाव चलाने की मांग की है।
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फोटो 31,परौर क्षेत्र में रामगंगा से हो रहा कटान पानी बोझी गांव तक पहुंचा।
फोटो-32, परौर क्षेत्र में नदी से हो रहे कटान का दृश्य।
रामगंगा का कहर: बोझी गांव का तहसील से संपर्क कटा
शहर के समीप गर्रा का जल स्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। बोझी गांव का कलान तहसील से संपर्क कट गया है। नावों का संचालन भी बंद होने से लोग जरूरी काम के लिए तहसील नहीं जा पा रहे हैं। इसके चलते क्षेत्र में पोलियो वैक्सीन पिलाने का काम भी ठप हो गया।
नदियों के जल ग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी वर्षा और बैराजों से अतिरिक्त पानी की निकासी में लगातार बढ़ोतरी से जलालाबाद और कलान के कटरी क्षेत्र में गंगा-रामगंगा की बाढ़ का कहर बढ़ता जा रहा है। भैंसार बांध पर गंगा का जल स्तर बुधवार को दूसरे दिन भी 142.75 मीटर पर स्थिर रहा, लेकिन चार दिन में रामगंगा 35 सेमी बढ़कर 160.90 मीटर पर पहुंच गई। इधर, शहर के समीप बीते 24 घंटे में गर्रा 75 सेमी उफनाकर 146.10 मीटर पर पहुंच गई, जिससे सदर तहसील में नदी के तटवर्ती गांवों तक पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ का खतरा बढ़ता देख प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
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सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार बुधवार का नरौरा बैराज से गंगा में 162101 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी की यह मात्रा बीते दिन से लगभग 32 हजार क्यूसेक अधिक है। इसलिए अगले 24 घंटे में गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी होने की आशंका है। उधर, रामनगर, खो, हरेली, किच्छा आदि बैराजाें से रामगंगा में पानी की मात्रा बढ़कर 15876 क्यूसेक होे गई है। फिलहाल गंगा अपनी मूल धारा में बहाव पर है, लेकिन रामगंगा के विस्तार लेने की दशा में परौर और मिर्जापुर क्षेत्र के तटवर्ती गावाें में बाढ़ का संकट और भूमि कटान बढ़ने के आसार हैं। सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र के अनुसार पीलीभीत के ड्यूनी डाम से रिलीज 1385 क्यूसेक पानी देर रात तक यहां आने पर गर्रा में उफान बढ़ सकता है।
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कुंडरिया घाट पर नाव सेवा ठप, बोझी के ग्रामीण हलकान
परौर क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुंडरिया का मजरा बोझी रामगंगा के उस पार बसा है। बरसात व बाढ़ आने पर वहां के लोग चारों तरफ पानी से घिर जाते हैं। इस पर रामगंगा व उस पार ग्राम पंचायत नगरिया निजामपुर का मजरा आबाद है। हालांकि ग्राम बोझी कुंडरिया का मजरा होने के कारण वहां के लोग अधिकतर कुुंडरिया आकर अपने उपयोग की वस्तुएं खरीद ले जाते थे क्योंकि बोझी से नगरिया व गढ़िया रंगीन की दूरी अधिक होने के कारण गांव के लोग चाहे बाजार से सामान खरीदना हो अथवा परिवार के बीमार होने पर दवा दिलवानी हो, वे कुंडरिया आते हैं। बोझी गांव के लोगों की तहसील कलान और थाना परौर होने के कारण उन्हें कुंडरिया की तरफ आना मजबूरी है। बोझी के पास कुंडरिया घाट पर कुछ माह पहले तक चार नाव चलती रहीं। गरीबी के कारण तीन नाविक नाव टूट जाने के कारण उनकी दोबारा नहीं करवा सके। एक अन्य नाविक वेदराम की हाल में मौत हो जाने के कारण उनकी नाव नहीं चल पाई। पुराना घाट होने के बावजूद किसी जनप्रतिनिधि अथवा अधिकारी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया कि बोझी के लोग रामगंगा के पार कैसे जाएंगे। नाव सेवा ठप हो जाने से बच्चाें को पोलियो ड्रॉप पिलाने का काम भी बंद हो गया है। ग्राम कुंडरिया निवासी रवि पांडेय, राममुरारी गुप्ता, जयपाल सिंह, श्याम बिहारी शर्मा, बिजेंद्र सिंह,सुखदेव सिंह चौहान, रामनरेश गुप्ता, अवधेश सिंह आदि ने अधिकारियों से कुंडरिया घाट पर नाव चलाने की मांग की है।