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पीओएस मशीन खराब होने पर प्रतिबंधित नहीं हो बिक्री
Updated Wed, 07 Jun 2017 05:59 PM IST
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शाहजहांपुर। तकनीकी और व्यवहारिक खामियों के चलते प्वॉइंट ऑफ सेल मशीन लेने से इनकार कर चुके थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेता बुधवार को कलक्ट्रेट जाकर डीएम नरेंद्र कुमार सिंह से मिले। उन्होंने जिला फर्टिलाइजर्स, सीड्स एंड पेस्टीसाइड्स एसोसिएशन की ओर से ज्ञापन देकर डीएम से कहा कि पीओएस मशीन खराब होने की दशा में व्यापार जारी रखने को बिक्री पर प्रतिबंध नहीं थोपा जाए और टेक्नीशियन के आने तक मशीन का वितरण कार्य रोक दिया जाना चाहिए। डीएम ने मशीन की खराबियां जल्द ठीक कराने का आश्वासन दिया है।
बता दें कि उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने और खाद की सब्सिडी कृषि विभाग में एमएफएमएस के तहत पंजीकृत किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए शासन ने उर्वरक विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठानों पर पीओएस मशीन लगाना अनिवार्य कर दिया है। कृषि विभाग ने यह मशीनें गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर कारपोरेशन से मंगाई हैं। जीएसएफसी के प्रतिनिधियों ने करीब 50 मशीनों का दो दिन पहलेे वितरण भी कराया था।
यह मशीनें दुकानों पर चालू नहीं हो पाईं। नतीजे में तमाम व्यापारियों ने बीते दिन गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र्र के सभागार में हंगामा करके मशीनों का वितरण कार्य रुकवा दिया था। फर्टिलाइजर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष/जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता, प्र्रदेश मंत्री नारायण दास अग्रवाल, नगर अध्यक्ष सचिन बाथम आदि ने डीएम को मशीन से जुड़ी दिक्कतें गिनाईं।
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व्यापारी नेताओं ने कहा कि मशीन के साथ न तो गारंटी-वारंटी दी जा रही है और न ही उसे चलाने के लिए गाइड बुक जारी हुई। यहां निर्माता कंपनी का सर्विस सेंटर भी नहीं खुला है। पैकेट पर छपी मशीन की कीमत काली स्याही से छिपा दी गई है। इसलिए यह भी तय नहीं है कि विक्र्रेताओं से मशीन का कितना मूल्य लिया जाएगा और मशीन में कोई खराबी आने पर बिक्री तो नहीं रोकी जाएगी।
डीएम ने कहा कि टेक्नीशियन के आने तक उन्हें मशीन लेने को बाध्य नहीं किया जाएगा और जिन व्यापारियों ने मशीन प्राप्त कर ली है, उनकी मशीनें भी चालू हालत में लाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि मशीन बंद होने की दशा में खाद की बिक्री पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई जाएगी। इस मौके पर मुकेश गुप्ता, योगेश अग्रवाल, राजेश मेहरोत्रा, जमील अहमद खां, अशोक गुप्ता, नवनीत मिश्रा, नीरज राठी, रामकुमार गुप्ता, अतुल कुमार, रोमी सिंह, मुजफ्फर हुसैन, पंकज टंडन, सुरेश गर्ग आदि मौजूद रहे।
45 पीओएस मशीनों का हुआ नि:शुल्क वितरण
पीओएस मशीन निर्माता कंपनी के प्रतिनिधि राकेश कुमार ने गन्ना शोध संस्थान में मशीनों का नि:शुल्क वितरण बुधवार को भी जारी रखा। कांट और मदनापुर विकास खंड के फुटकर विक्रेताओं को कागजी औपचारिकताएं पूरी करने पर मशीन मुहैया कराई गई।
जिला कृषि अधिकारी डीएस चौधरी ने कतिपय व्यापारियों के इस आरोप को निराधार बताया कि मशीन के बदले कोई धनराशि जमा कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार व शुक्रवार को जलालाबाद और शनिवार व रविवार को तिलहर तहसील के फुटकर विक्रेताओं को संस्थान के सभागार में मशीनें सुलभ कराई जाएंगी।
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बता दें कि उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने और खाद की सब्सिडी कृषि विभाग में एमएफएमएस के तहत पंजीकृत किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए शासन ने उर्वरक विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठानों पर पीओएस मशीन लगाना अनिवार्य कर दिया है। कृषि विभाग ने यह मशीनें गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर कारपोरेशन से मंगाई हैं। जीएसएफसी के प्रतिनिधियों ने करीब 50 मशीनों का दो दिन पहलेे वितरण भी कराया था।
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यह मशीनें दुकानों पर चालू नहीं हो पाईं। नतीजे में तमाम व्यापारियों ने बीते दिन गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र्र के सभागार में हंगामा करके मशीनों का वितरण कार्य रुकवा दिया था। फर्टिलाइजर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष/जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता, प्र्रदेश मंत्री नारायण दास अग्रवाल, नगर अध्यक्ष सचिन बाथम आदि ने डीएम को मशीन से जुड़ी दिक्कतें गिनाईं।
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व्यापारी नेताओं ने कहा कि मशीन के साथ न तो गारंटी-वारंटी दी जा रही है और न ही उसे चलाने के लिए गाइड बुक जारी हुई। यहां निर्माता कंपनी का सर्विस सेंटर भी नहीं खुला है। पैकेट पर छपी मशीन की कीमत काली स्याही से छिपा दी गई है। इसलिए यह भी तय नहीं है कि विक्र्रेताओं से मशीन का कितना मूल्य लिया जाएगा और मशीन में कोई खराबी आने पर बिक्री तो नहीं रोकी जाएगी।
डीएम ने कहा कि टेक्नीशियन के आने तक उन्हें मशीन लेने को बाध्य नहीं किया जाएगा और जिन व्यापारियों ने मशीन प्राप्त कर ली है, उनकी मशीनें भी चालू हालत में लाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि मशीन बंद होने की दशा में खाद की बिक्री पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई जाएगी। इस मौके पर मुकेश गुप्ता, योगेश अग्रवाल, राजेश मेहरोत्रा, जमील अहमद खां, अशोक गुप्ता, नवनीत मिश्रा, नीरज राठी, रामकुमार गुप्ता, अतुल कुमार, रोमी सिंह, मुजफ्फर हुसैन, पंकज टंडन, सुरेश गर्ग आदि मौजूद रहे।
45 पीओएस मशीनों का हुआ नि:शुल्क वितरण
पीओएस मशीन निर्माता कंपनी के प्रतिनिधि राकेश कुमार ने गन्ना शोध संस्थान में मशीनों का नि:शुल्क वितरण बुधवार को भी जारी रखा। कांट और मदनापुर विकास खंड के फुटकर विक्रेताओं को कागजी औपचारिकताएं पूरी करने पर मशीन मुहैया कराई गई।
जिला कृषि अधिकारी डीएस चौधरी ने कतिपय व्यापारियों के इस आरोप को निराधार बताया कि मशीन के बदले कोई धनराशि जमा कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार व शुक्रवार को जलालाबाद और शनिवार व रविवार को तिलहर तहसील के फुटकर विक्रेताओं को संस्थान के सभागार में मशीनें सुलभ कराई जाएंगी।