{"_id":"5a8118764f1c1b93268b997d","slug":"181518409846-shahjahanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंडा में बाघ ने गाय पर हमला कर किया गंभीर घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंडा में बाघ ने गाय पर हमला कर किया गंभीर घायल
Updated Mon, 12 Feb 2018 10:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंडा (शाहजहांपुर)। रविवार दोपहर डेढ़ बजे बाघ ने गाय पर हमला कर दिया, लेकिन गाय चराने वाले ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाकर लाठी फटकारी तो बाघ मौके से भाग निकला। गंभीर घायल गाय का इलाज चल रहा है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
गांव नभीची निवासी प्रहलाद सिंह रविवार सुबह गांव के ही चंद्रप्रकाश और सूर्यप्रकाश मिश्रा की चार गायों को चराने गांव पूर्वी नवदिया बंकी में शारदा नहर की ओर गया था। प्रहलाद शारदा नहर की पटरी पर बैठ गया। गायें नहर पटरी के किनारे चरने लगीं। दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक गाय के रंभाने पर प्रहलाद लाठी लेकर उधर गया तो देखा कि बाघ गाय को गिरा कर उसकी गर्दन काटने का प्रयास कर रहा है। प्रहलाद ने हिम्मत से काम लेते हुए शोर मचाते हुए जब लाठी फटकारी तो बाघ गाय को छोड़कर गन्ने के खेत में जा घुसा।
शोर सुनकर कुछ दूर पशु चरा रहे तमाम लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे तो प्रहलाद सिंह ने सारी बात बतायी। बाघ के हमले की जानकारी पशु स्वामियों को भी दी गई। गांव से भी तमाम लोग शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे और घायल गाय को तांगे पर लाद कर गांव नभीची के पशु अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने गाय की हालत गंभीर बताई है। गांववालों का कहना है कि सूचना के बाद भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। यदि जल्द ही बाघ को जंगल में न खदेड़ा गया तो वे लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।
विज्ञापन
00
बाघ न पकड़ने पर लोगों में रोष
बंडा। क्षेत्र में बाघ के हमलों से लोगों में रोष है। गांव गहलुइया में चार फरवरी को गन्ना काटते समय बाघ ने गांव दिउरिया कलां के श्रमिक धर्मपाल पर हमला कर दिया था। रात में फार्मर मंजीत सिंह ने बाघ को देखकर कार के अंदर से वीडियो क्लिप भी बनाई थी। रविवार को बाघ ने गाय पर हमला कर घायल कर दिया। आसपास के गांववालों को जानकारी मिली तो रोष फैल गया। लोगों का कहना था कि बाघ क्षेत्र में ही घूम रहा है। कभी भी किसी पर हमला कर जान ले सकता है, लेकिन वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी चुप्पी साधेे हैं। गांव गहलुईया के प्रधान जोधा सिंह ने एसडीएम को पूरे मामले से अवगत कराते हुए वन विभाग के विशेषज्ञों को बुलाकर बाघ को जंगल में खदेड़े जाने की मांग की है। गांवों के लोग भी इसमें सहयोग करने को तैयार हैं।
विज्ञापन
गांव नभीची निवासी प्रहलाद सिंह रविवार सुबह गांव के ही चंद्रप्रकाश और सूर्यप्रकाश मिश्रा की चार गायों को चराने गांव पूर्वी नवदिया बंकी में शारदा नहर की ओर गया था। प्रहलाद शारदा नहर की पटरी पर बैठ गया। गायें नहर पटरी के किनारे चरने लगीं। दोपहर करीब डेढ़ बजे अचानक गाय के रंभाने पर प्रहलाद लाठी लेकर उधर गया तो देखा कि बाघ गाय को गिरा कर उसकी गर्दन काटने का प्रयास कर रहा है। प्रहलाद ने हिम्मत से काम लेते हुए शोर मचाते हुए जब लाठी फटकारी तो बाघ गाय को छोड़कर गन्ने के खेत में जा घुसा।
विज्ञापन
शोर सुनकर कुछ दूर पशु चरा रहे तमाम लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे तो प्रहलाद सिंह ने सारी बात बतायी। बाघ के हमले की जानकारी पशु स्वामियों को भी दी गई। गांव से भी तमाम लोग शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे और घायल गाय को तांगे पर लाद कर गांव नभीची के पशु अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने गाय की हालत गंभीर बताई है। गांववालों का कहना है कि सूचना के बाद भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे। यदि जल्द ही बाघ को जंगल में न खदेड़ा गया तो वे लोग आंदोलन को बाध्य होंगे।
विज्ञापन
00
बाघ न पकड़ने पर लोगों में रोष
बंडा। क्षेत्र में बाघ के हमलों से लोगों में रोष है। गांव गहलुइया में चार फरवरी को गन्ना काटते समय बाघ ने गांव दिउरिया कलां के श्रमिक धर्मपाल पर हमला कर दिया था। रात में फार्मर मंजीत सिंह ने बाघ को देखकर कार के अंदर से वीडियो क्लिप भी बनाई थी। रविवार को बाघ ने गाय पर हमला कर घायल कर दिया। आसपास के गांववालों को जानकारी मिली तो रोष फैल गया। लोगों का कहना था कि बाघ क्षेत्र में ही घूम रहा है। कभी भी किसी पर हमला कर जान ले सकता है, लेकिन वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी चुप्पी साधेे हैं। गांव गहलुईया के प्रधान जोधा सिंह ने एसडीएम को पूरे मामले से अवगत कराते हुए वन विभाग के विशेषज्ञों को बुलाकर बाघ को जंगल में खदेड़े जाने की मांग की है। गांवों के लोग भी इसमें सहयोग करने को तैयार हैं।