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बालिका से दुष्कर्म में अभियुक्त को दस वर्ष की कैद
Updated Tue, 27 Feb 2018 09:32 PM IST
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बालिका से दुष्कर्म में आरोपी को दस वर्ष की कैद
चालीस हजार रुपये के अर्थदंड से भी किया गया दंडित
वर्ष 2015 में जून माह में तालाब किनारे दिया था घटना को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अपर सत्र न्यायाधीश (षष्ठम) फराह मतलूब ने मंगलवार को छह वर्षीय बालिका से दुराचार के एक मुकदमे में दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को दस वर्ष की कैद और 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही अर्थदंड की कुल रकम में से 20 हजार रुपये पीड़िता को दिलाने का आदेश दिया है।
सिंधौली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने सिंधौली कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि एक जून 2015 को दोपहर 12 बजे उसकी छह वर्षीय पुत्री घर से थोड़ी दूर तालाब से मिट्टी लेने गई थी। वहां पर गांव मुड़िया पमार निवासी खूंटी ने उसकी पुत्री को पकड़कर उससे दुराचार किया। जब पुत्री काफी देर तक घर नहीं पहुंची, तब वह उसे तालाब पर देखने गई, तो खूंटी उसे देखकर भाग गया। पुत्री तालाब के किनारे बेहोश पड़ी थी। घर लाने पर जब पुत्री को होश आया, तब उसने आपबीती सुनाई। दूसरे दिन वह बेटी को लेकर पहले सिंधौली अस्पताल पहुंची, जहां से जिला अस्पताल भेज दिया गया। पीड़िता की मां की तहरीर पर थाना पुलिस ने 3 जून को दुराचार, पॉक्सो एक्ट व एससीएसटी एक्ट में आरोपी खूंटी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान सरकारी वकील उमेश गुर्जर व पीड़ित पक्ष के वकील एसके दिनकर की ओर से पेश किए गए सात गवाहों के बयान सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी खूंटी को दोष सिद्ध होने पर दस वर्ष की कैद व 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही अर्थदंड की कुल धनराशि में से 20 हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के तौर पर दिलाए जाने के आदेश दिए।
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चालीस हजार रुपये के अर्थदंड से भी किया गया दंडित
वर्ष 2015 में जून माह में तालाब किनारे दिया था घटना को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अपर सत्र न्यायाधीश (षष्ठम) फराह मतलूब ने मंगलवार को छह वर्षीय बालिका से दुराचार के एक मुकदमे में दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को दस वर्ष की कैद और 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। साथ ही अर्थदंड की कुल रकम में से 20 हजार रुपये पीड़िता को दिलाने का आदेश दिया है।
सिंधौली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने सिंधौली कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि एक जून 2015 को दोपहर 12 बजे उसकी छह वर्षीय पुत्री घर से थोड़ी दूर तालाब से मिट्टी लेने गई थी। वहां पर गांव मुड़िया पमार निवासी खूंटी ने उसकी पुत्री को पकड़कर उससे दुराचार किया। जब पुत्री काफी देर तक घर नहीं पहुंची, तब वह उसे तालाब पर देखने गई, तो खूंटी उसे देखकर भाग गया। पुत्री तालाब के किनारे बेहोश पड़ी थी। घर लाने पर जब पुत्री को होश आया, तब उसने आपबीती सुनाई। दूसरे दिन वह बेटी को लेकर पहले सिंधौली अस्पताल पहुंची, जहां से जिला अस्पताल भेज दिया गया। पीड़िता की मां की तहरीर पर थाना पुलिस ने 3 जून को दुराचार, पॉक्सो एक्ट व एससीएसटी एक्ट में आरोपी खूंटी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। न्यायालय में मुकदमा चलने के दौरान सरकारी वकील उमेश गुर्जर व पीड़ित पक्ष के वकील एसके दिनकर की ओर से पेश किए गए सात गवाहों के बयान सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने व बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी खूंटी को दोष सिद्ध होने पर दस वर्ष की कैद व 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही अर्थदंड की कुल धनराशि में से 20 हजार रुपये पीड़िता को क्षतिपूर्ति के तौर पर दिलाए जाने के आदेश दिए।
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