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आरपीएफ ने परिवार के सुपुर्द किया मानसिक मंदित
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रोजा (शाहजहांपुर)। रोजा जंक्शन पर मालगाड़ी के वैगन पर चढ़कर ओएचई लाइन पकड़ कर खुदकुशी की धमकी देने वाले मानसिक मंदित युवक को आरपीएफ ने मंगलवार को परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया। परिवार वालों ने बताया कि वह किसी तरह से घर से निकलने के बाद यहां पहुंच गया था।
लखनऊ के थाना आलमबाग के सुखलाल मार्ग मधुवनी निवासी श्यामलाल शुक्ला पुत्र शशिकांत सोमवार को शाम करीब चार बजे रोजा जंक्शन के अप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी के वैगन पर चढ़ गया था। वह कह रहा था कि मुख्यमंत्री योगी को बुलाओ नहीं तो वह ओएचई लाइन पकड़ कर खुदकुशी कर लेगा। किसी तरह से उसे सुरक्षित नीचे उतार गया। इस दौरान ओएचई लाइन में सप्लाई भी बंद करनी पड़ी थी। रात में ही आरपीएफ की सूचना पर श्यामलाल के परिवार वाले यहां पहुंच गए। परिवार वालों के मुताबिक श्यामलाल मानसिक मंदित है। पहले भी कई बार वह ऐसा कर चुका है। सोमवार को घर से किसी तरह निकल गया था। वह लोग उसकी तलाश कर रहे थे। रोजा आरपीएफ पोस्ट पहुंचे परिवार वालों से बात करने के बाद श्यामलाल को उनके सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी रामऔतार मीणा ने बताया कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था। परिवार वालों ने बताया कि वह पहले भी इस तरह का ड्रामा कर चुका है। युवक के मानसिक विक्षिप्त होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उसे परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया है।
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लखनऊ के थाना आलमबाग के सुखलाल मार्ग मधुवनी निवासी श्यामलाल शुक्ला पुत्र शशिकांत सोमवार को शाम करीब चार बजे रोजा जंक्शन के अप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी के वैगन पर चढ़ गया था। वह कह रहा था कि मुख्यमंत्री योगी को बुलाओ नहीं तो वह ओएचई लाइन पकड़ कर खुदकुशी कर लेगा। किसी तरह से उसे सुरक्षित नीचे उतार गया। इस दौरान ओएचई लाइन में सप्लाई भी बंद करनी पड़ी थी। रात में ही आरपीएफ की सूचना पर श्यामलाल के परिवार वाले यहां पहुंच गए। परिवार वालों के मुताबिक श्यामलाल मानसिक मंदित है। पहले भी कई बार वह ऐसा कर चुका है। सोमवार को घर से किसी तरह निकल गया था। वह लोग उसकी तलाश कर रहे थे। रोजा आरपीएफ पोस्ट पहुंचे परिवार वालों से बात करने के बाद श्यामलाल को उनके सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी रामऔतार मीणा ने बताया कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था। परिवार वालों ने बताया कि वह पहले भी इस तरह का ड्रामा कर चुका है। युवक के मानसिक विक्षिप्त होने के चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उसे परिवार वालों के सुपुर्द कर दिया है।
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